मेरा बेटा चोर है…फिर मां-बाप ने अपने 12 साल के बेटे के साथ किया ऐसा सलूक, जानकर कांप जाएगी रूह | parents tied 12 year old son from chain alleged he is a habitual thief official team rescued
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Nagpur News: बच्चों के खिलाफ देश से लेकर विदेशों में अत्याचार किए जाते हैं. बच्चों को उनका बचपन जीने का पूरा अधिकार मिले, इसको लेकर बेहद सख्त कानून हैं, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिससे मानवता शर्मसार हो जाती है. महाराष्ट्र के नागपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है.
Nagpur News: नागपुर में मां-बाप द्वारा अपने ही बेटे को घंटों तक बांधे रखने का मामला सामने आया है. (सांकेतिक तस्वीर)Nagpur News: महाराष्ट्र के नागपुर में एक बेहद चौंकाने और अमानवीय मामला सामने आया है, जहां दिहाड़ी मजदूरी करने वाले माता-पिता अपने 12 वर्षीय बेटे को रोजाना घर में जंजीरों से बांधकर काम पर चले जाते थे. यह सिलसिला करीब दो महीने तक चला. माता-पिता का दावा था कि उनका बेटा ‘आदतन मोबाइल चोर’ है और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया. घटना का खुलासा शुक्रवार 2 जनवरी 2026 को तब हुआ, जब महाराष्ट्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली. इसके बाद संयुक्त टीम ने बच्चे को उसके घर से मुक्त कराया. बचाव दल जब मौके पर पहुंचा, तब बच्चा एक बाल्टी के ऊपर खड़ा था और उसके हाथ-पैर जंजीरों और रस्सियों से बंधे हुए थे. सूत्रों के मुताबिक, माता-पिता रोज सुबह करीब 9 बजे बच्चे को बांधकर काम पर निकल जाते थे और कई घंटों बाद लौटते थे.
बचाव के बाद बच्चे को तुरंत सरकारी बाल गृह में भेज दिया गया. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, मेडिकल जांच में उसके हाथों और पैरों पर जंजीरों और रस्सियों से बने घाव पाए गए, जो कम से कम दो से तीन महीने पुराने बताए जा रहे हैं. डॉक्टरों ने बच्चे में शारीरिक चोटों के साथ-साथ मानसिक आघात के संकेत भी बताए हैं. सूत्रों के अनुसार, बच्चे को व्यवहार संबंधी समस्याएं थीं और इसी को लेकर अजनी पुलिस थाने को पहले भी सूचित किया गया था. माता-पिता बच्चे की कथित गलत हरकतों, खासकर चोरी की घटनाओं से परेशान थे. इसी कारण उन्होंने उसकी पढ़ाई भी छुड़वा दी थी और उसे स्कूल से हटा लिया गया था.
अब आगे क्या?
पुलिस का कहना है कि इस मामले को बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee) के सामने पेश किया जाएगा, ताकि बच्चे के भविष्य और पुनर्वास को लेकर उचित फैसला लिया जा सके. साथ ही माता-पिता के खिलाफ किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत जांच शुरू कर दी गई है. यह घटना न केवल बाल अधिकारों के गंभीर उल्लंघन को उजागर करती है, बल्कि समाज में बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करती है. प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और बच्चे को हरसंभव संरक्षण और काउंसलिंग उपलब्ध कराई जाएगी.
मुंबई में भी हुआ था बच्चे पर अत्याचार
मुंबई के भांडुप इलाके में रहने पति-पत्नी को हाउस हेल्प (नौकरानी) के ढाई साल के बच्चे अत्याचार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. मुंबई पुलिस बताया था कि ढाई साल के बच्चे को कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया. दंपति ने अंधविश्वास और आत्माओं को भगाने की प्रक्रिया के रूप में बच्चे को प्रताड़ित किया था. गंभीर रूप से घायल बच्चे को इलाज के लिए परेल के वाडिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना के बाद भांडुप पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, दुष्ट और अघोरी प्रथाओं के साथ काला जादू रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम समेत चाइल्ड प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. भांडुप पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान वैभव कोकरे (35 वर्ष) और उनकी पत्नी हर्षदा कोकरे (32 वर्ष) के रूप में हुई.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें