नए साल पर दिल्‍ली एयरपोर्ट पहुंचा इतना ‘जहर’, नशे में डूब जाता पूरा शहर, नाकाम हुई जश्‍न को बेरंग करने की साजिश | New Year celebrations customs Delhi IGI Airport seized cocaine worth 20 crore rupees arrested two passengers arrived from Bangkok

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Delhi Airport News: नई दिल्ली की सर्द रात में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हल्की पीली रोशनी से नहाया हुआ था. नए साल की उलटी गिनती शुरू हो चुकी थी. कहीं सेल्फी ली जा रही थीं, कहीं सूटकेस खींचते लोग अपने-अपने घरों की तरफ बढ़ रहे थे. अनाउंसमेंट की आवाज़, ट्रॉलियों की खड़खड़ाहट और मुसाफि‍रों की चहल-पह के बीच सब कुछ बिल्कुल सामान्य लग रहा था. लेकिन इसी भीड़ के बीच एक ऐसी साजिश को अंजाम दिया जा रहा था, जो अगर समय रहते न रोकी जाती, तो कई जिंदगियों को अंधेरे में धकेल सकती थी.

31 दिसंबर 2025 की यह रात कस्टम्स अधिकारियों के लिए छुट्टी या जश्न की नहीं थी. टर्मिनल-3 पर तैनात टीम की नजरें स्क्रीन पर टिक थीं. एडवांस पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम (APIS) लगातार संदिग्‍ध पैसेंजर्स की कुंडली एयर इंटेलिजेंस यूनिट को भेज रहा था. मुसाफिरों के सफर का पैटर्न, उनकी पिछली यात्राएं और रूट सब कुछ खंगाला जा रहा था. इसी दौरान दो मुसाफिरों के नाम सिस्टम ने शार्टलिस्‍ट किए. दोनों भारतीय मूल के दोनों पैसेंजर्स बैंकॉक से आने वाली अलग-अलग फ्लाइट से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे.

पहला पैसेंजर एक इंडिगो की फ्लाइट 6E 1064 से आया था, ज‍बकि दूसरा एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2335 से टर्मिनल थ्री पहुंचा था. कागज़ों में सब कुछ ठीक था, मगर सिस्टम और अनुभव दोनों यही कह रहे थे कि यह कहानी इतनी सीधी नहीं है.

ग्रीन चैनल पर घेरे गए दोनों मुसाफिर
दोनों आम मुसाफि‍रों की तरह ग्रीन चैनल की ओर बढ़े. दोनों के चेहरे पर थकान थी और चाल में जल्दबाज़ी. शायद उन्हें लगा कि यह सफर भी बाकी यात्राओं की तरह बिना किसी सवाल के खत्म हो जाएगा. लेकिन ग्रीन चैनल से ठीक पहले एक आवाज आई- सर, ज़रा रुकिए. आवाज में न गुस्सा था, न शक जताने की जल्दबाजी. बस एक पेशेवर ठहराव था. उनके ट्रॉली बैग एक्स-रे मशीन की ओर मोड़ दिए गए. मशीन की स्क्रीन पर कुछ सेकंड के लिए सब सामान्य दिखा, लेकिन फिर अचानक तस्वीर बदल गई. काले रंग के ट्रॉली बैग के भीतर कुछ ऐसा था, जो कपड़ों या सामान्य सामान जैसा नहीं लग रहा था.

बैग खुलते ही सामने आ गई बड़ी साजिश
कस्टम्स अधिकारियों ने नियमों के मुताबिक बैग खोले. अंदर काले रंग के पॉलीथीन कई पैकेट निकले. एक, फिर दूसरा, फिर कई परतें. हर परत के साथ माहौल और गंभीर होता चला गया. जब पैकेट काटे गए, तो भीतर से सफेद रंग का पाउडर जैसा पदार्थ सामने आया. पहली नजर में ही यह साफ था कि यह कोई आम चीज नहीं है. मौके पर ही सैंपल लेकर डायग्नोस्टिक टेस्ट किया गया. कुछ ही मिनटों में नतीजा सामने था. पैकेट से निकला सफेद पाउडर प्राइमा फेसिया कोकीन थी, जिसका कुल वजन 2095.5 ग्राम और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 20.95 करोड़ रुपये थी.

पूरा हुआ मुसाफि‍र से आरोपी तक सफर
दोनों आरोपियों से लंबी पूछताछ हुई. जो लोग कुछ मिनट पहले तक आम यात्री थे, अब उनके हर शब्द को कानून की नजर से तौल रहा था. पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. अब कस्‍टम यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या ये दोनों सिर्फ कूरियर थे? इनके पीछे कौन-सा गिरोह काम कर रहा था? बैंकॉक से दिल्ली तक की इस उड़ान के पीछे कितनी और उड़ानें छुपी हैं?

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