खरगोन में तंत्र-मंत्र के नाम पर मासूम का अपहरण, 22 दिन बाद पुलिस ने बचाया
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खरगोन में तंत्र-मंत्र और धनवर्षा के अंधविश्वास में 6 साल के मासूम का अपहरण किया गया. बच्चा 22 दिनों तक बंधक रहा. पुलिस ने पांच थानों और साइबर टीम के साथ ऑपरेशन चलाकर उसे खंडवा के पुनासा से सकुशल बरामद किया. चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. पुलिस ने कहा कि कई टीमों ने एक साथ इस चुनौती को हल किया और अब इस टीम को पुरस्कार दिया जाएगा.
खरगोन में मासूम बच्चे के पिता ने पुलिस को धन्यवाद कहा. खरगोन. जिले में अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और काला जादू के नाम पर रची गई एक खौफनाक साजिश का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. मासूम बच्चे के अपहरण के बाद से जिले में हड़कंप मचा हुआ था. परिवार और पुलिस दोनों ने रात-दिन एक करते हुए इस वारदात के आरोपियों को बेनकाब कर दिया है. सनावद थाना क्षेत्र के खंगवाड़ा गांव से 6 साल का मासूम 22 दिनों से लापता था. पिता, परिजन और पूरा गांव उम्मीद छोड़ चुका था. लेकिन खरगोन पुलिस ने चुनौतीपूर्ण हालात में बच्चे को सकुशल ढूंढ निकाला.
पुलिस ने बताया कि 10 दिसंबर को जब दो अज्ञात लोग क्रिकेट खेलने का बहाना बनाकर बच्चे को ले गए, तब किसी ने नहीं सोचा था कि इसके पीछे इतनी खौफनाक साजिश छिपी है. शुरुआत में अपहरण की वजह फिरौती मानी गई. लेकिन जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई. मासूम को तंत्र-मंत्र और धनवर्षा की क्रिया के लिए अगवा किया गया था. 22 दिन तक बच्चा एक घर में बंद रहा. इधर परिजन टूट चुके थे, उधर पुलिस लगातार सुराग जोड़ रही थी. आखिरकार मेहनत रंग लाई और मासूम सुरक्षित पिता की गोद में लौट आया.
खंगवाड़ा से लापता हुआ था 6 साल का मासूम
यह मामला खरगोन जिले के सनावद थाना क्षेत्र के ग्राम खंगवाड़ा का है. 10 दिसंबर को 6 साल का बच्चा अचानक लापता हो गया. बताया गया कि दो लोग उसे क्रिकेट खेलने ले जाने की बात कहकर घर से ले गए थे. देर शाम तक बच्चा वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की. गांव में सनसनी फैल गई. पुलिस को सूचना दी गई और अपहरण का केस दर्ज हुआ. शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिला, जिससे चिंता और बढ़ती गई.
फिरौती नहीं, अंधविश्वास निकला अपहरण की वजह
एसपी डॉ रविन्द्र वर्मा ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि अपहरण के पीछे फिरौती का कोई एंगल नहीं है. आरोपियों की मंशा तंत्र-क्रिया और काला जादू के जरिए धनवर्षा कराने की थी. इसी अंधविश्वास के चलते मासूम को अगवा किया गया. आरोपियों ने बच्चे को खंडवा जिले के पुनासा क्षेत्र में छिपाकर रखा. यह खुलासा पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला था.
पुनासा से सकुशल बरामद हुआ बच्चा
लगातार 22 दिन की मेहनत के बाद पुलिस ने खंडवा जिले के पुनासा क्षेत्र में एक घर से मासूम को सकुशल बरामद कर लिया. बच्चे को देखकर पुलिस टीम भी भावुक हो गई. तुरंत उसे पिता के हवाले किया गया. पिता ने मीडिया से कहा कि उन्हें अब उम्मीद नहीं थी. पुलिस ने उनके बच्चे को जिंदा ढूंढ निकाला. इसके लिए वह पूरी टीम के आभारी हैं.
पुलिस टीम को मिलेगा इनाम
एसपी रविन्द्र वर्मा ने इस सफल ऑपरेशन के बाद पूरी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि यह केस पुलिस की सूझबूझ और टीमवर्क का उदाहरण है. एएसपी शकुंतला रूहल और टीम की भूमिका को खास तौर पर सराहा गया. यह मामला एक तरफ अंधविश्वास की अंधी सोच को उजागर करता है, तो दूसरी तरफ पुलिस की मुस्तैदी को दिखाता है. खरगोन पुलिस ने साबित कर दिया कि अपराध चाहे जितना खौफनाक हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं. मासूम की सकुशल वापसी ने इंसानियत में भरोसा फिर जगा दिया है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें