carrot buying tips । गाजर खरीदने का सही तरीका
Which carrot is best: सर्दियों की शुरुआत होते ही बाजार में गाजर की रौनक बढ़ जाती है. ठेलों और दुकानों पर लाल और नारंगी रंग की गाजर एक साथ दिखती हैं और यहीं से ज्यादातर लोगों की उलझन शुरू हो जाती है. कोई कहता है लाल गाजर सबसे अच्छी है तो कोई नारंगी गाजर को ज्यादा हेल्दी मानता है. कई लोग बिना सोचे समझे जो दिख जाए वही उठा लेते हैं और बाद में हलवा, जूस या सलाद बनाते वक्त स्वाद से समझौता करना पड़ता है. सच यह है कि लाल और नारंगी दोनों गाजर अच्छी होती हैं, बस उनका इस्तेमाल अलग अलग काम के लिए सही होता है. अगर सही गाजर सही काम के लिए चुन ली जाए तो स्वाद भी बढ़ता है और सेहत को भी पूरा फायदा मिलता है.
बहुत कम लोग जानते हैं कि गाजर खरीदते वक्त रंग के साथ साथ उसकी मोटाई, बनावट और ताजगी पर भी ध्यान देना जरूरी होता है. यहां हम आपको आसान भाषा में बता रहे हैं कि लाल और नारंगी गाजर में क्या फर्क है और किस काम के लिए कौन सी गाजर खरीदनी चाहिए.
लाल गाजर क्यों मानी जाती है सर्दियों का सुपरफूड
लाल गाजर सर्दियों में मिलने वाली खास गाजर होती है. इसका रंग गहरा लाल होता है और स्वाद में यह काफी मीठी और रसदार होती है. इसमें लाइकोपीन नाम का तत्व पाया जाता है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. लाल गाजर का इस्तेमाल खास तौर पर जूस, गाजर का हलवा और सब्जी बनाने में किया जाता है. यह जल्दी गल जाती है और पकने के बाद इसका स्वाद काफी अच्छा आता है. सर्दियों में रोजाना थोड़ी सी लाल गाजर खाने से शरीर को गर्मी मिलती है और पाचन भी बेहतर रहता है. यही वजह है कि इसे डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है.
नारंगी गाजर किस काम के लिए सबसे बेहतर है
नारंगी गाजर साल भर बाजार में आसानी से मिल जाती है. यह लाल गाजर के मुकाबले थोड़ी सख्त होती है और इसमें पानी की मात्रा कम होती है. इसमें बीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आंखों की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. नारंगी गाजर सलाद और अचार के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है क्योंकि यह काटने पर कुरकुरी रहती है और जल्दी गलती नहीं है. अगर आप कच्ची गाजर खाना पसंद करते हैं या सलाद में अच्छा क्रंच चाहते हैं तो नारंगी गाजर बेहतर विकल्प है.
मोटी या पतली गाजर में से क्या चुनें
अक्सर लोग यह सोचते हैं कि मोटी गाजर ज्यादा रसदार और अच्छी होगी लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है. खासकर लाल गाजर के मामले में पतली और लंबी गाजर ज्यादा मीठी और अंदर से पूरी तरह लाल होती है. मोटी गाजर के बीच का हिस्सा कई बार सफेद और सख्त निकलता है जिसका स्वाद फीका होता है और पचने में भी भारी लगता है. इसलिए बाजार से लाल गाजर लेते वक्त हमेशा पतली और सीधी गाजर चुनें. नारंगी गाजर में भी बहुत ज्यादा मोटी गाजर लेने से बचना चाहिए.
जूस और हलवे के लिए कौन सी गाजर लें
अगर आप गाजर का जूस निकालना चाहते हैं या हलवा बनाने की सोच रहे हैं तो हमेशा गहरी लाल रंग की गाजर ही लें. इसमें रस ज्यादा निकलता है और मिठास भी प्राकृतिक होती है. हलवे में ऐसी गाजर डालने से चीनी कम डालनी पड़ती है और रंग भी अच्छा आता है. सब्जी के लिए भी लाल गाजर अच्छा विकल्प होती है क्योंकि यह जल्दी पक जाती है और मसालों के साथ अच्छी तरह घुल जाती है.
सलाद और अचार के लिए सही गाजर का चुनाव
सलाद और अचार के लिए नारंगी गाजर ज्यादा सही रहती है. यह कटी हुई अवस्था में भी अपनी शेप बनाए रखती है और मुंह में अच्छा कुरकुरापन देती है. अचार बनाते वक्त यह जल्दी नरम नहीं होती और लंबे समय तक टिकती है. अगर आप रोज सलाद में गाजर डालते हैं तो नारंगी गाजर खरीदना ज्यादा बेहतर रहेगा.
क्रंच टेस्ट से पहचानें ताजी गाजर
गाजर ताजी है या नहीं, यह पहचानना बहुत आसान है. बाजार में गाजर को हल्का सा मोड़कर देखें. अगर वह कड़क आवाज के साथ टूट जाती है तो समझिए गाजर ताजी और पानी से भरपूर है. अगर गाजर बिना टूटे मुड़ जाती है तो वह पुरानी हो चुकी है और उसका स्वाद भी अच्छा नहीं होगा. ऐसी गाजर लेने से बचें.
रंग और सतह देखकर भी करें जांच
गाजर का रंग ऊपर से नीचे तक एक जैसा होना चाहिए. अगर ऊपर का हिस्सा हरा दिखाई दे रहा है तो इसका मतलब है कि वह हिस्सा धूप में ज्यादा रहा है और स्वाद कड़वा हो सकता है. इसके अलावा गाजर की सतह पर बहुत ज्यादा बाल या रेशे नहीं होने चाहिए. ज्यादा रेशेदार गाजर पुरानी या ज्यादा पकी हुई हो सकती है.
आखिर कौन सी गाजर है सबसे अच्छी
सच यह है कि लाल और नारंगी दोनों गाजर अपनी अपनी जगह पर सबसे अच्छी हैं. जूस, हलवा और सब्जी के लिए लाल गाजर बेहतर है जबकि सलाद और अचार के लिए नारंगी गाजर ज्यादा सही रहती है. अगर आप बाजार में सही पहचान के साथ गाजर खरीदेंगे तो स्वाद और सेहत दोनों का फायदा मिलेगा.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)