6 साल पुरानी फिल्म से चुराया आइडिया, बनाई ऐसी मूवी, रिलीज होते ही रचा इतिहास, बॉलीवुड को मिला नया एक्शन हीरो – naukar biwi ka betaab dharmendra sunny deol movies released within 15 days one turn hit second superhit rare incident in bollywood amusing story
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Bollywood Superhit Movie : बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का क्लैश अक्सर देखने को मिल जाता है. नए साल में 9 जनवरी 2026 को सबसे पहले बड़ा क्लैश देखने को मिलेगा. इसी दिन थालापति विजय की ‘जग नायगन’, प्रभास की ‘द राजा साहब’ और 100 करोड़ का बिजनेस कर चुकी गुजराती फिल्म ‘लालो : कृष्ण सदा सहायते’ भी रिलीज हो रही है. वैसे बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फिल्मों के बीच क्लैश पहले भी होता रहा है. 80 के दशक में एक बार तो पिता-पुत्र की फिल्में एकसाथ सिनेमाघरों में रिलीज हुई थीं. एक थिएटर पर बेटे की फिल्म चल रही थी तो दूसरी पर पिता की. इस रोमांचक जंग में दोनों फिल्में सुपरहिट रहीं. पिता-पुत्र की जोड़ी और इन दोनों फिल्मों से जुड़े तथ्य आइये जानते हैं…..

बॉलीवुड में धर्मेंद्र-सनी देओल की पिता-पुत्र की जोड़ी बेमिसाल रही. 1983 में बेताब फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री लेने वाले सनी देओल ने 1985 में आई ‘अर्जुन’ मूवी से अपनी पहचान एक्शन हीरो के तौर पर स्थापित हुई. घायल-दामिनी और घातक फिल्म ने उन्हें इंडस्ट्री का सबसे बड़ा एक्शन हीरो बना दिया. धर्मेंद्र की पहचान भी एक्शन हीरो के तौर पर ही रही. एक समय तो ऐसा भी आया जब दोनों की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर 15 दिन के अंतराल में रिलीज हुईं. उस समय हाल ये था कि एक थिएटर पर सनी देओल की फिल्म चल रही थी तो बगल वाले थिएटर पर धर्मेंद्र के फैंस मूवी देख रहे थे. ऐसा विरला संयोग बॉलीवुड में कम ही देखने को मिलता है. ये फिल्में थीं : नौकर बीवी का और बेताब .

पाकिस्तान में एक फिल्म ‘नौकर वोहती द’ आई थी. बॉलीवुड की ‘नौकर बीवी का’ फिल्म पाकिस्तानी मूवी का रीमेक थी लेकिन इसमें और मसाला जोड़ा गया. डायरेक्टर राजकुमार कोहली थे. फिल्म में धर्मेंद्र, रीना रॉय, राज बब्बर, अनीता राज, कादर खान, प्राण और ओम प्रकाश जैसे सितारे नजर आए थे. यह फिल्म 22 जुलाई 1983 को रिलीज हुई थी. म्यूजिक बप्पी लाहिरी का था. गीतकार अनजान थे. फिल्म का एक गाना ‘जमाना तो है नौकर बीवी का’ बहुत पॉप्युलर हुआ था. राजकुमार कोहली ने पहली बार ऐसी फिल्म बनाई थी जिसमें कॉमेडी बहुत ज्यादा था. अनीता राज ने पहली बार धर्मेंद्र के साथ काम किया था. अनीता राज के पिता जगदीश राज भी एक्टर थे. फिल्मों में उन्होंने ज्यादातार रोल इंस्पेक्टर के निभाए हैं. दोनों के बीच अफेयर की खबरें भी आई थीं. धर्मेंद्र ने अपने कॉमिक अंदाज से दर्शकों का दिल जीत लिया था.

धर्मेंद्र-अनीता राज की यह पहली फिल्म थी. दोनों की जोड़ी दर्शकों को खूब पसंद आई. दोनों ने 6-7 फिल्मों में काम किया. 1986 की फिल्म ‘करिश्मा कुदरत का’ दोनों की लास्ट मूवी थी. इसके बाद अनीता राज ने सुनील हिंगोरानी से शादी कर ली थी. फिल्म में ऋषि कपूर ने धर्मेंद्र के कहने पर एक गेस्ट रोल किया था. वैसे तो राजकुमार कोहली एक्शन फिल्में बनाते थे लेकिन ‘नौकर बीवी का’ उनकी पहली कॉमेडी मूवी थी. एक्टर राज बब्बर की राजकुमार कोहली के साथ यह पहली फिल्म थी. धर्मेंद्र के लिए यह साल बहुत लकी रहा. बहुत दिनों बाद उनकी सोलो फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी. इसी साल उनके बेटे सनी देओल ने बेताब फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. बेताब भी सुपरहिट रही थी.
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अनीता राज ने अपने एक इंटरव्यू में ‘नौकर बीवी का’ फिल्म से जुड़ा दिलचस्प किस्सा शेयर किया था. उन्होंने कहा था, ‘फिल्म की कहानी के मुताबिक मैं धरम जी के प्यार में पड़ जाती हूं. वो मुझे एक सीन में जोर से थप्पड़ मारते हैं. मेरा शॉट आया. मुझे भी धरम जी को थप्पड़ मारना था. मेरा भी पंजाबी हाथ था. मैंने कहा कि आप अपना मुंह घुमा लेना. वो बोले कि कोई गल नहीं. मैंने कहा कि प्लीज आप अपना मुंह घुमा लेना. वो बोले कि मार दे कुड़िए, कुछ नहीं होगा. बस रियल्टी हो जाएगा. जब मैंने थप्पड़ मारा तो वह सन्न पड़ गए. शॉट पूरा हुआ. कैमरा बंद हुआ तो वो बोले कि इतना जोर से मारने की क्या जरूरत थी.’

‘नौकर बीवी का’ को 90% ओपनिंग मिली थी. फिल्म ने 4.5 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था. फिल्म हिट साबित हुई थी. ‘नौकर बीवी का’ फिल्म को मिली सफलता से उत्साहित होकर धर्मेंद्र ने एक और कॉमेडी फिल्म अपने प्रोडक्शन के बैनर तले शुरू की थी. इस फिल्म का नाम ‘बिच्छू’ रखा था. शबाना आजमी लीड रोल में थीं. म्यूजिक शंकर जयकिशन का था लेकिन एक माह में यह फिल्म बंद कर दी गई थी.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि धर्मेंद्र की फिल्म ‘नौकर बीवी का’ 22 जुलाई 1983 को रिलीज हुई थी और इसके ठीक 14 दिन बाद 5 अगस्त 1983 को उनके बेटे सनी देओल की पहली फिल्म ‘बेताब’ भी रिलीज हुई थी. फिल्म में सनी देओल, अमृता सिंह, शम्मी कपूर, निरूपा रॉय, प्रेम चोपड़ा, अन्नू कपूर लीड रोल में थे. म्यूजिक आरडी बर्मन का था. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म का म्यूजिक सदाबहार था. फिल्म में कुल 5 गाने रखे गए थे. सभी गाने एक से बढ़कर एक थे. ‘जब हम जवां होंगे, जाने कहां होंगे’, ‘बादल यूं गरजता है’, ‘अपने दिल से बड़ी दुश्मनी की’ और ‘तुमने दी आवाज, लो मैं आ गया’ बहुत पॉप्युलर हुए थे.

बेताब फिल्म की कहानी जावेद अख्तर ने लिखी थी. डायरेक्शन राहुल रवैल ने किया था. सलीम खान से अलग होने के बाद जावेद अख्तर की यह पहली सुपरहिट फिल्म ह्ती. फिल्म का कहानी विलियम शेक्सपियर के उपन्यास द टैमिंग ऑफ द श्र्यू पर बेस्ड थी. फिल्म का मुहुर्त क्लैप 1981 में हुआ था. बेताब फिल्म से पहले सनी देओल ने अपने पिता की फिल्म ‘इंतकाम लूंगा’ में एक छोटा सा रोल किया था. बेताब 1983 में सबसे ज्यादा पैसे कमाई करने वाली दूसरी फिल्म थी. बेताब फिल्म के एडिटर डेविड धवन थे, जो बाद में बहुत बड़े डायरेक्टर बने. धर्मेंद्र ने कुमार गौरव की ‘लव स्टोरी’ फिल्म देखने के लिए राहुल रवैल को मौका दिया था. यंग सनी देओल का किरदार सोनू निगम ने निभाया था. फिल्म की शूटिंग कश्मीर में जिस जगह पर हुई, उसे बेताब वैली का नाम दिया गया.

बेताब फिल्म का बेसिक आइडिया नासिर हुसैन की 1977 की फिल्म ‘हम किसी से कम नहीं’ से मिलता-जुलता है. ओम शिवपुरी और कमल कपूर अच्छे दोस्त रहते हैं. वो अपने बच्चों तारिक और काजल किरन की शादी तय कर देते हैं लेकिन जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो लड़की के पिता कमल कपूर अपने वादे से मुकर जाते हैं क्योंकि वो धनवान हो जाते हैं. बेताब फिल्म का बेसिक फ्लॉप भी इसी तरह का था. सबसे रोचक फैक्ट यह है कि धर्मेंद्र अपनी फ्रेंड रुखसाना सुल्तान से मिलने दिल्ली गए थे. वहां पर उनकी बेटी अमृता सिंह को देखा तो उसे अपनी फिल्म ‘बेताब’ के लिए साइन कर लिया. बेताब अमृता सिंह की पहली फिल्म थी. धर्मेंद्र और अमृता सिंह ने आगे चलकर बंटवारा, कल की आवाज, इलाका जैसी फिल्मों में बतौर हीरो-हीरोइन भी काम किया.