‘वो हीरो ही नहीं, पहलवान थे’, शोले का वो सीन धर्मेंद्र ने बनाया जिसे अमर, अमिताभ के चेहरे पर दिखा था असली दर्द
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धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन ने ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’ जैसी क्लासिक फिल्मों में साथ काम किया. शोले में जय (अमिताभ) और वीरू (धर्मेंद्र) की जोड़ी आज भी आइकॉनिक है. वीरू अब इस दुनिया में नहीं है. लेकिन दोस्त जय के पास यादों का पिटारा है. हाल ही में उन्होंने फिल्म शोले के उस आइकॉनिक सीन को याद किया, जो आज भी अमर है, जिसको शूट करते वक्त वो दर्द में थे.
धर्मेंद्र और अमिताभ दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे. नई दिल्ली. भारतीय सिनेमा के दो महान सितारों अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की दोस्ती की मिसाल हमेशा याद की जाती है. हाल ही में ‘कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर अमिताभ बच्चन ने अपने दिवंगत दोस्त धर्मेंद्र को भावुक श्रद्धांजलि दी. धर्मेंद्र नवंबर 2025 में 89 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गए थे और उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ (Ikkis) आज रिलीज हो गई है. इस फिल्म के प्रमोशन के लिए डायरेक्टर श्रीराम राघवन, जयदीप अहलावत और अगस्त्य नंदा KBC पर आए, जहां अमिताभ ने शोले के एक आइकॉनिक सीन का राज खोला.
धर्मेंद्र ने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्में की हैं और उन फिल्मों से कई ने बॉक्स ऑफिस पर जमकर धमाल मचाया. साल 1975 की शोले तो बॉलीवुड के इतिहास की एतिहासिक फिल्म साबित हुई. अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने दोस्त को याद किया और उन्हें याद कर उनकी आंखे नम भी हो गईं.
‘धर्मेंद्र एक एहसास थे और एहसास कभी नहीं जाता’
अमिताभ बच्चन ने कहा, ‘धर्मेंद्र एक व्यक्ति नहीं, एक एहसास थे और एहसास कभी नहीं जाता.’ ‘इक्कीस’ उनकी आखिरी अनमोल फिल्म है, जो लाखों फैंस के लिए एक कीमती तोहफा है. एक्टर अपनी आर्ट को आखिरी सांस तक निभाना चाहता है और मेरे दोस्त धर्मेंद्र ने ठीक वैसा ही किया.’
‘वो हीरो ही नहीं, पहलवान थे’
बिग बी ने ‘शोले’ से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया.उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘धर्मेंद्र में एक शारीरिक ताकत थी. वह पहलवान थे. मौत वाले सीन में जो मेरी पीड़ा दिखाई देती है, वह उन्हीं की वजह से है. उन्होंने मुझे इतनी जोर से पकड़ लिया था कि मेरा अभिनय पूरी तरह नैचुरल हो गया.’ अमिताभ की इस बात पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं.
आखिरी फिल्म पूरी नहीं देख सके धर्मेंद्र
इससे पहले एक इंटरव्यू में श्रीराम राघवन ने बताया था कि धर्मेंद्र ने बीमारी से पहले अपनी आखिरी फिल्म का बड़ा हिस्सा देख लिया था. अक्टूबर में डबिंग के दौरान वह फिल्म की प्रगति को लेकर बेहद उत्साहित थे. हालांकि, बाद में उनकी तबीयत बिगड़ गई और पूरी फिल्म उन्हें नहीं दिखाई जा सकी. श्रीराम ने कहा, ‘यह मेरी एक बड़ी अफसोस की बात रहेगी कि वह पूरी फिल्म नहीं देख पाए. वह इसे देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे.’ श्रीराम ने इसकी तुलना ‘1942: ए लव स्टोरी’ से की. जब आर.डी. बर्मन अपनी फिल्म की सराहना नहीं देख पाए थे.
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शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें