मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 5 करोड़ रुपए कैश और करोड़ों के जेवरात बरामद; 15 से अधिक FIR
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में 30 दिसंबर 2025 को व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया, जो फिलहाल जारी है। यह कार्रवाई इंदरजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों, अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड तथा अन्य संबंधित संस्थाओं/व्यक्तियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की जा रही है।
कैसे शुरू हुई जांच एजेंसी ईडी की तफ्तीश
ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच की शुरुआत इंदरजीत सिंह यादव द्वारा कथित तौर पर किए गए अवैध उगाही, निजी फाइनेंसरों से जबरन ऋण सेटलमेंट, हथियारों के दम पर धमकी और इन गैरकानूनी गतिविधियों से कमीशन कमाने के आरोपों के आधार पर हुई।
15 से अधिक FIR और चार्जशीट
सूत्रों के मुताबिक, ED ने यह जांच हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज/दायर की गई 15 से अधिक FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू की है। इन मामलों में आर्म्स एक्ट, 1959, BNS, 2023 और IPC, 1860 की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।
दिल्ली में बड़ी बरामदगी
30 दिसंबर 2025 को (जो अब भी जारी है) नई दिल्ली के सर्वप्रिय विहार स्थित एक परिसर में तलाशी ली गई। यह परिसर अमन कुमार से जुड़ा बताया जा रहा है, जो इंदरजीत सिंह यादव का सहयोगी है। तलाशी के दौरान ED को बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।
अब तक की बरामदगी:
5.12 करोड़ रूपये नकद
नकदी की गिनती के लिए बैंक अधिकारियों को कैश काउंटिंग मशीनों के साथ बुलाया गया है।
सोने और हीरे के जेवरात से भरा एक सूटकेस भी हुआ है बरामद
बरामद ज्वेलरी की अनुमानित कीमत 8.80 करोड़ बताई जा रही है।
चेकबुक और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों से भरा एक बैग भी हुआ है बरामद
दस्तावेजों में करीब 35 करोड़ रूपये मूल्य की संपत्तियों का विवरण होने की बात सामने आई है।
सर्च ऑपरेशन जारी
ED अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और तलाशी अभियान अभी जारी है। आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना है।e