सर्दियों में इम्युनिटी बूस्टर ये चटनी, सिलबट्टे पर ही आता स्वाद, स्पेशल रेसिपी – Chhattisgarh News

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बिलासपुर. सर्दियों के मौसम में छत्तीसगढ़ के गांवों में स्वाद और सेहत का अनोखा मेल देखने को मिलता है. यहां की पारंपरिक रसोई में बनने वाली भुनी हुई इमली की चटनी न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत भी करती है. खास बात यह है कि यह चटनी बिना किसी आधुनिक मसाले के केवल इमली, लहसुन, सूखी मिर्च और नमक से सिलबट्टे पर पीसकर तैयार की जाती है. बिलासपुर की अन्नू ने इस पारंपरिक रेसिपी को लोकल 18 के साथ साझा करते हुए बताया कि सर्दियों में इसका सेवन गांवों में पीढ़ियों से किया जा रहा है.

भुनी इमली की चटनी की रेसिपी
उन्होंने कहा कि इमली की चटनी बनाने के लिए सबसे पहले इमली को तवे पर हल्का भून लिया जाता है. भूनने के बाद उसका छिलका उतारकर सिलबट्टे पर लहसुन और सूखी मिर्च के साथ धीरे-धीरे पीसा जाता है. स्वाद अनुसार नमक डालकर तब तक कूटा जाता है, जब तक चटनी सिलबट्टे से चिपकने न लगे. इसके बाद इसे एक कटोरी में निकाल लिया जाता है. यही है छत्तीसगढ़ की पारंपरिक भुनी इमली की चटनी, जो सादगी में भी बेहद स्वादिष्ट होती है.

सर्दियों में क्यों खास है इमली की चटनी?
सर्दियों के मौसम में यह चटनी शरीर को गर्म रखने के साथ-साथ रोगों से बचाव में भी मदद करती है. गांवों में इसे रोजमर्रा के भोजन के साथ खाया जाता है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव होता है.

इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार
इमली में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं. सर्दियों में इसका नियमित सेवन इम्यून सिस्टम को एक्टिव रखता है और वायरल संक्रमण से बचाव करता है. वहीं फाइबर से भरपूर इमली की चटनी पाचन क्रिया को बेहतर बनाती है. यह कब्ज की समस्या से राहत दिलाती है, जो ठंड के मौसम में आम हो जाती है.

हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
इमली में मौजूद फ्लेवोनोइड्स खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में सहायक होते हैं. इससे हृदय रोगों का खतरा घटता है और दिल स्वस्थ रहता है. एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C त्वचा को चमकदार और जवान बनाए रखने में मदद करते हैं. यह त्वचा की लोच बढ़ाकर समय से पहले होने वाली झुर्रियों को कम करता है.

पोषक तत्वों का खजाना
इमली की चटनी में पोटेशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और आयरन जैसे जरूरी खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत करने और शरीर की ऊर्जा बनाए रखने में मददगार हैं. इमली में मौजूद प्राकृतिक सूजनरोधी तत्व शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में सहायक होते हैं, जिससे जोड़ों और मांसपेशियों को राहत मिलती है. छत्तीसगढ़ की पारंपरिक भुनी इमली की चटनी सर्दियों में स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम है. कम सामग्री, देसी तरीका और ढेरों स्वास्थ्य लाभ इसे हर घर की रसोई में शामिल करने लायक बनाते हैं.

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