how to roast sweet potato at home । शकरकंद भूनने का तरीका
How to roast sweet potato: सर्दियों का मौसम आते ही शकरकंद की याद अपने आप आने लगती है. ठंड में हाथ सेंकते हुए अंगीठी पर भुनी हुई शकरकंद खाना किसी सुकून से कम नहीं होता. लेकिन आजकल हर घर में न तो अंगीठी होती है और न ही कोयला आसानी से मिलता है. ऐसे में ज्यादातर लोग शकरकंद को उबालकर खा लेते हैं, जिससे उसका असली स्वाद कहीं खो जाता है. उबली हुई शकरकंद भले ही सेहतमंद हो, लेकिन उसमें वह सोंधी खुशबू और मिठास नहीं आती जो भुनी हुई शकरकंद में होती है. अच्छी बात यह है कि अब भट्टी या ओवन की जरूरत नहीं है. सिमरन की रसोई से मिला यह देसी तरीका आपकी साधारण कड़ाही को ही मिनी भट्टी में बदल देता है.
इस तरीके से शकरकंद अंदर से नरम, बाहर से हल्की सी भुनी हुई और बिल्कुल बाजार जैसी स्वादिष्ट बनती है. सिर्फ नमक और कड़ाही की मदद से 15 से 20 मिनट में तैयार होने वाली यह शकरकंद सर्दियों में हर किसी को पसंद आएगी.
शकरकंद की सही सफाई क्यों है जरूरी
शकरकंद जमीन के अंदर उगती है, इसलिए इसकी सतह पर काफी मिट्टी चिपकी होती है. अगर इसे ठीक से साफ न किया जाए, तो भूनते वक्त मिट्टी का स्वाद भी आ सकता है. सबसे पहले शकरकंद को पानी में अच्छी तरह धो लें. इसके बाद थोड़ा सा नमक लेकर शकरकंद को हाथों से रगड़ें. इससे छिलके पर लगी बारीक मिट्टी भी साफ हो जाती है. साफ शकरकंद भूनने पर स्वाद भी अच्छा आता है और खाने में भी ज्यादा मजा आता है.
कड़ाही में नमक का सही आधार बनाना
इस तरीके की सबसे खास बात है नमक का इस्तेमाल. एक मोटे तले की कड़ाही लें ताकि गर्मी बराबर फैले. कड़ाही के नीचे करीब एक इंच मोटी नमक की परत बिछा दें. ध्यान रखें कि नमक साधारण मोटा नमक हो. अब कड़ाही को तेज आंच पर रखें और नमक को अच्छे से गरम होने दें. यह नमक ही भट्टी का काम करेगा और चारों तरफ से शकरकंद को बराबर गर्मी देगा. भूनने के बाद नमक का रंग बदल सकता है, लेकिन इसे फेंकने की जरूरत नहीं है. आप इसे दोबारा भूनने या बेकिंग के काम में इस्तेमाल कर सकते हैं.
भूनने की असली प्रोसेस क्या है
जब नमक अच्छी तरह गरम हो जाए, तो उसके बीच में थोड़ी सी जगह बनाएं और साफ की हुई शकरकंद उसमें रख दें. अब कड़ाही के किनारों पर मौजूद गरम नमक को ऊपर से शकरकंद के ऊपर डाल दें ताकि वह चारों तरफ से नमक में ढक जाए. इसके बाद कड़ाही को किसी भारी ढक्कन से अच्छी तरह ढक दें. ढक्कन लगाने से अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकलती और नमक भट्टी की तरह काम करता है. इसी वजह से शकरकंद बिना जले अच्छे से भुनती है.
पलटना और समय का सही ध्यान
लगभग 10 मिनट तक शकरकंद को ढककर पकने दें. इसके बाद ढक्कन हटाएं और चिमटे या चम्मच की मदद से शकरकंद को पलट दें. फिर से ऊपर से गरम नमक डालकर ढक दें और करीब 5 मिनट और पकाएं. अगर शकरकंद ज्यादा मोटी है, तो 4 से 5 मिनट का अतिरिक्त समय दे सकते हैं. पकने की जांच के लिए चाकू या सींक शकरकंद में डालकर देखें. अगर आसानी से अंदर चला जाए, तो समझ लीजिए शकरकंद पूरी तरह भुन चुकी है.
भुनी हुई शकरकंद को कैसे साफ करें और परोसें
शकरकंद भुन जाने के बाद उसे नमक से बाहर निकाल लें और थोड़ी देर ठंडा होने दें. इसके बाद ऊपर चिपका हुआ नमक किसी साफ कपड़े से पोंछ लें या हल्का सा पानी लगाकर धो लें. अब छिलका उतारें और मनपसंद तरीके से काट लें. ऊपर से थोड़ा सा चाट मसाला, काला नमक और नींबू निचोड़ दें. गरमा गरम परोसी गई यह शकरकंद स्वाद में बिल्कुल वैसी ही लगती है जैसी सड़क किनारे अंगीठी पर भुनी हुई मिलती है.
इस तरीके से शकरकंद क्यों बनती है ज्यादा स्वादिष्ट
नमक की गर्मी शकरकंद को चारों तरफ से बराबर पकाती है. इसमें पानी नहीं डाला जाता, इसलिए शकरकंद का अंदरूनी रस और मिठास बनी रहती है. इसी वजह से इसका स्वाद उबली हुई शकरकंद से कहीं बेहतर होता है. साथ ही इसके पोषक तत्व भी ज्यादा हद तक सुरक्षित रहते हैं.