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Firozabad News: सर्दी का मौसम अपने साथ नवजात शिशुओं के लिए कई बीमारियां साथ लेकर आता है. अगर सही तरीके से देखभाल नहीं किया गया तो बच्चे बीमार पड़ सकते हैं. ऐसे में डॉक्टर ने माताओं को खास सलाह दी है, जिससे बच्चा सुरक्षित रहेगा.
फिरोजाबाद: कड़ाके की सर्दी में बच्चों से लेकर वृद्धजनों को बीमारी का सामना करना पड़ता है. इस मौसम में सर्दी लगने से बच्चे निमोनिया जैसी बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं. वहीं बाल रोग विशेषज्ञ सर्दी में नवजात शिशुओं की सही देखभाल की सलाह देते हैं. माताएं अपने बच्चों की सही ढंग से देखभाल करें तो सर्दी में बच्चे कभी बीमार नहीं होंगे. थोड़ी-सी लापरवाही नवजात शिशुओं के लिए खतरनाक हो सकती है.
मां का आंचल नवजात शिशुओं के लिए है सुरक्षा कवच
फिरोजाबाद के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश यादव ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि सर्दी लगातार बढ़ रही है और ऐसे में उनके पास छोटे बीमार बच्चों की संख्या बढ़ रही है. घर पर बच्चों की देखभाल में लापरवाही करने पर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं. सर्दी में माताएं अपने नवजात शिशुओं को बाहर ठंडे तापमान लेकर घूमती हैं, जिससे बच्चे बीमार पड़ते हैं. अगर बच्चों की सही ढंग से देखभाल करें तो उन्हें डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं होगी. सर्दी में मां का आंचल नवजात शिशुओं के लिए एक सुरक्षा कवच है. गर्म कपड़े पहनाकर नवजात शिशुओं को अपने सीने से लगाकर रखें तो बच्चों को सर्दी नहीं लगेगी.
मां का दूध नवजात शिशुओं के लिए अमृत
सर्दी में बच्चों को निमोनिया जैसी शिकायत देखने को मिलती है. कई बार बच्चों को सर्दी लगने के बाद निमोनिया हो जाता है और माताएं समझ नहीं पाती हैं. इससे बच्चों की तबियत बिगड़ जाती है. नाक से पानी बहना, तेज तेज सांस लेना या शिशुओं की छाती से घरघराहट की आवाज आना, ये सभी निमोनिया के लक्षण हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत बच्चों को डॉक्टर के पास लेकर जाना चाहिए. वहीं सर्दी में नवजात शिशुओं को मां के दूध के अलावा और कुछ भी नहीं पिलाना चाहिए. मां का दूध नवजात शिशुओं के लिए अमृत है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.