After 11 flops known as serious hero 1 movie changed his fate 12 crore film became game changer this superstar is not salman aamir ranbir or ajay devgan
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बॉलीवुड के इस सुपरस्टार की जिंदगी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. कभी फ्लॉप्स की मार झेलते हुए इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला करने वाले इस सुपरस्टार ने एक फिल्म से अपनी किस्मत पलट दी और आज उनकी नेटवर्थ 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा है. यह कहानी संघर्ष, असफलताओं और शानदार कमबैक की है, जो हर उस इंसान को प्रेरित करती है जो जीवन में मुश्किलों से जूझ रहा है. क्या आप अंदाजा लगा पाए, ये कौन सा सुपरस्टार है…

नई दिल्ली. बॉलीवुड के इस सुपरस्टार का करियर आज जिस मुकाम पर वहां पहुंचने के लिए इस स्टार को बहुत पापड़ बेलने पड़े. इस एक्टर का शानदार दिखने वाला उतार-चढ़ाव से भरा रहा. एक समय ऐसा भी था जब लगातार 11 फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें लगभग रिजेक्ट कर दिया था. लेकिन कहते हैं न कि मन में इच्छा प्रबल हो तो ईश्वर भी साथ देता है. फिर एक ऐसा दौर आया जब वह सुपरहिट फिल्मों से रिप्लेस हो रहे थे और फिर एक वक्त ऐसा भी आया जब पांच साल तक उन्होंने कोई फिल्म नहीं की. लेकिन एक फिल्म ने उनकी किस्मत फिर से बदल दी और फिर जो रफ्तार भी तो पीछे मुड़कर नहीं देखा.

बॉलीवुड में सफलता और असफलता का सफर कभी सीधा नहीं रहा. कई सितारे आए, चमके और गुमनामी में खो गए. लेकिन कुछ ऐसे भी हुए जिन्होंने बार-बार गिरकर खुद को दोबारा खड़ा किया. इसी सूची में सबसे बड़ा नाम है अमिताभ बच्चन, जिन्हें आज पूरी दुनिया ‘सदी का महानायक’ कहती है. हालांकि, यह मुकाम उन्हें आसानी से नहीं मिला.

11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में जन्मे अमिताभ बच्चन, मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के पुत्र हैं. उनकी शुरुआत फिल्मों में बेहद संघर्षपूर्ण रही. उन्होंने साल 1969 में मृणाल सेन की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘भुवन शोम’ में बतौर वॉइस आर्टिस्ट काम किया. उसी साल वे ‘सात हिंदुस्तानी’ में नजर आए, लेकिन यह फिल्म उन्हें तुरंत स्टार नहीं बना सकी.
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इसके बाद अमिताभ बच्चन ने लगातार कई फिल्में कीं, लेकिन शुरुआती दौर में उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया. कुल 11 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं. इंडस्ट्री में उन्हें गंभीर हीरो तो माना गया, लेकिन कोई बड़ा निर्माता उन पर दांव लगाने को तैयार नहीं था. खुद अमिताभ कई बार इंटरव्यू में स्वीकार कर चुके हैं कि वह दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय था.

1971 में ‘आनंद’ से उन्हें पहचान मिली, लेकिन इसके बाद का सफर आसान नहीं था. 1973 तक उनकी 11 फिल्में लगातार फ्लॉप हुईं. जाने-माने लेखक जावेद अख्तर ने एक इंटरव्यू में इस दौर को याद करते हुए कहा था, ‘ज्यादातर लोग प्रतिभा का सम्मान नहीं करते. बहुत कम लोग थे जो उनका (अमिताभ का) सम्मान करते थे, भले ही उनकी 11 फिल्में लगातार फ्लॉप हो गई थीं.’

साल 1971 में आई फिल्म ‘आनंद’ ने जरूर उन्हें पहचान दिलाई और उन्हें पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड (सपोर्टिंग एक्टर) मिला, लेकिन इसके बाद भी करियर की गाड़ी पूरी तरह पटरी पर नहीं आई. इसी बीच लेखक जोड़ी सलीम-जावेद उनके करियर में गेमचेंजर साबित हुई. सलीम खान और जावेद अख्तर ने उन्हें ‘जंजीर’ की स्क्रिप्ट सुनाई. जावेद अख्तर के मुताबिक, अमिताभ ने पूछा, ‘क्या आपको लगता है कि मैं यह रोल कर पाऊंगा?’ जवाब में जावेद साहब ने कहा, ‘इस देश में आपसे बेहतर यह रोल कोई नहीं कर सकता.’ यह फिल्म 1973 में रिलीज हुई और ‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में अमिताभ का स्टारडम शुरू हुआ. इसके बाद ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘त्रिशूल’, ‘काला पत्थर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया. वह 70 और 80 के दशक का सबसे बड़े स्टार बन गए.

लेकिन सफलता हमेशा स्थायी नहीं रहती. 1988 में ‘शहंशाह’ के बाद अमिताभ बच्चन का करियर एक बार फिर ढलान पर आ गया. गंगा जमुना सरस्वती, जादूगर, तूफान और मैं आजाद हूं जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं. कुछ फिल्मों को औसत सफलता मिली, लेकिन वह पुराना जादू गायब हो चुका था. 1992 में ‘खुदा गवाह’ के बाद उन्होंने फिल्मों से ब्रेक ले लिया और अपनी प्रोडक्शन कंपनी अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एबीसीएल) पर फोकस किया.

लेकिन 1997 में अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एबीसीएल)के दिवालिया होने के बाद अमिताभ बच्चन भारी कर्ज में डूब गए. यह उनके जीवन का दूसरा सबसे कठिन दौर था. करीब 5 साल तक फिल्मों से दूर रहने के बाद, अमिताभ बच्चन ने 1998 में ‘बड़े मियां छोटे मियां’ से वापसी की.

आर्थिक संकट और करियर के अंधकार के बीच अमिताभ बच्चन ने 1998 में डेविड धवन की फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ के साथ वापसी की. यह फिल्म उस साल के सबसे बड़े ब्लॉकबस्टर्स में से एक थी. मात्र 12 करोड़ के बजट से बनी इस फिल्म ने 35.21 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन किया, जबकि उसी साल शाहरुख खान की ‘कुछ कुछ होता है’ भी रिलीज हुई थी. गोविंदा के साथ उनकी जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया.

‘बड़े मियां छोटे मियां’ अमिताभ बच्चन के करियर का दूसरा टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. इसके बाद उन्होंने मोहब्बतें, कभी खुशी कभी गम, बागबान, खाकी और ब्लैक जैसी हिट और समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्मों में काम किया. इसके साथ ही ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ने उन्हें हर पीढ़ी का सुपरस्टार बना दिया. ‘कौन बनेगा करोड़पति’ शो को होस्ट करके उन्होंने टेलीविजन पर भी एक नए युग की शुरुआत की. आज भी वह ‘कल्कि 2898 एडी’ और ‘वेट्टैयन’ जैसी बड़ी फिल्मों का हिस्सा बने.

लगातार संघर्ष और शानदार वापसी की इस कहानी का अंत बेहद खुशनुमा है. लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमिताभ बच्चन की कुल संपत्ति लगभग 1600 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें फिल्में, ब्रांड एंडोर्समेंट्स और निवेश शामिल हैं. उनका सफर साबित करता है कि असली महानायक वही होता है, जो हर गिरावट के बाद और ऊंचे उठकर वापस आता है.