7.50 मिनट का वो गाना जिसने रच दिया इतिहास, दर्द और आंसुओं से सजाया गया संगीत, आज भी सुनकर रो पड़ते हैं लोग

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‘संदेशे आते हैं’ सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि देश के जवानों की भावनाओं और अपनों से दूरी के दर्द की आवाज है. बहुत कम लोग जानते हैं कि बॉर्डर के इस आइकॉनिक गीत को बनाते वक्त म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक खुद भावनाओं से टूट चुके थे और आंसुओं के बीच इस अमर धुन को रचा गया था.

नई दिल्ली. सनी देओल, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी और वरुण धवन स्टारर फिल्म बॉर्डर 2 साल 2026 में रिलीज होने जा रही है. हाल ही में फिल्म के पहले गाने ‘घर कब आओगे’ का टीजर सामने आया है, जो बॉर्डर के मशहूर गीत ‘संदेशे आते हैं’ से प्रेरित है. इस नए गाने में म्यूजिक नया होगा, लेकिन जज्बात वही पुराने और दिल छू लेने वाले होंगे.

‘संदेशे आते हैं’ आज भी जब बजता है तो लोगों की आंखें भर आती हैं. ये सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि सरहद पर तैनात जवानों की कुर्बानी, मां की ममता और अपनों की यादों का एहसास है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस आइकॉनिक गीत को बनाते वक्त म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक खुद जिंदगी के बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे थे.

अनु मलिक उस समय हल्के-फुल्के और मस्ती भरे गाने बनाना चाहते थे, जैसे ‘गर्म चाय की प्याली’ या ‘ऊंची है बिल्डिंग’. ऐसे में जब निर्देशक जेपी दत्ता और गीतकार जावेद अख्तर ने उन्हें बॉर्डर के लिए गाना बनाने को कहा, तो वह उलझन में पड़ गए. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इतने गहरे इमोशन को धुन में कैसे ढालें.

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गाने में जान डालने के लिए जेपी दत्ता ने अनु मलिक को सरहद पर तैनात जवानों की तस्वीरें दिखाईं. तस्वीरें देखते ही अनु भावुक हो गए और रो पड़े. उन्होंने पहले प्यार से जुड़ा एक गीत तैयार किया, लेकिन उसमें वो दर्द और मां की ममता नहीं थी, जिसकी तलाश जेपी दत्ता और जावेद अख्तर कर रहे थे.

इसके बाद गाने को दोबारा सुना गया और रिजेक्ट कर दिया गया. जेपी दत्ता को भरोसा था कि अनु इससे भी बेहतर कर सकते हैं. एक बार फिर उन्हें बर्फ में तैनात जवानों की तस्वीरें दिखाई गईं. इस बार अनु मलिक ने ठान लिया कि अपने हर आंसू को धुन में बदलेंगे.

शुरुआत में ‘संदेशे आते हैं’ करीब 11 मिनट लंबा था, जिसे बाद में छोटा कर साढ़े सात मिनट का किया गया. जावेद अख्तर को गाना तब भी अधूरा लगा, जिसके बाद उन्होंने ‘गुजरने वाली हवा’ वाला हिस्सा जोड़ा.

इस हिस्से में मां की ममता, दोस्ती और इंतजार की भावना को बेहद खूबसूरती से पिरोया गया. बताया जाता है कि आखिरी वक्त में अनु मलिक ने इस गाने की धुन सिर्फ 7-8 मिनट में तैयार की थी.

इस गाने के लिए सिंगर्स के तौर पर सोनू निगम और रूप सिंह राठौर को चुना गया. उस समय दोनों ज्यादा मशहूर नहीं थे, लेकिन अनु मलिक को उन पर पूरा भरोसा था. करीब एक महीने की मेहनत के बाद ‘संदेशे आते हैं’ तैयार हुआ और आज यह गाना देशभक्ति की सबसे यादगार मिसालों में गिना जाता है.

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7.50 मिनट का वो गाना जिसने रच दिया इतिहास, सुनकर आज भी रो पड़ती है हर मां

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