‘यह बहुत ही बेवकूफी भरा है…’, ‘दृश्यम 3’ विवाद पर डायरेक्टर ने कहा- अक्षय खन्ना को अब सोलो फिल्म करनी चाहिए
नई दिल्ली. बॉलीवुड स्टार अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ को अक्षय खन्ना के छोड़ने की खबरों पर डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. उन्होंने साफ कर दिया कि फिल्म में अब जयदीप अहलावत नजर आएंगे, लेकिन वह अक्षय खन्ना की जगह नहीं ले रहे हैं. अभिषेक पाठक ने बताया कि जयदीप, अक्षय खन्ना को रिप्लेस नहीं कर रहे, बल्कि वह उनके लिए एक बिल्कुल नया और अलग किरदार लिख रहे हैं. अभिषेक पाठक ने यह भी कह दिया कि इन दिनों अक्षय खन्ना किसी और ही दुनिया में हैं और उन्हें अब सोलो फिल्म करने की कोशिश करनी चाहिए.
अक्षय खन्ना ने शूटिंग शुरू होने के 5 दिन पहले छोड़ी ‘दृश्यम 3’
अक्षय खन्ना के फिल्म छोड़ने पर अभिषेक पाठक ने बताया, ‘यह सब नवंबर में कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के बाद हुआ. फिल्म की शूटिंग शुरू होने के सिर्फ 5 दिन पहले उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया, जबकि उनका लुक तय हो चुका था, कपड़े बन रहे थे और कहानी सुनने के बाद उन्हें वह बहुत पसंद भी आई थी. अभिषेक ने बताया कि अनबन की शुरुआत तब हुई, जब अक्षय ने फिल्म में विग पहनने की जिद की.’
एक सीन में बाल नहीं और दूसरे सीन में बाल आ जाए
अभिषेक कहते हैं, ‘मेरी फिल्म वहीं से शुरू होती है, जहां पिछला पार्ट खत्म हुआ था. ऐसा कैसे हो सकता है कि दोपहर में कोर्ट रूम के सीन में वह बिना बालों के दिखें और शाम को अचानक उनके सिर पर बाल आ जाएं? मैंने उन्हें यह बात समझाई और वह मान भी गए थे. लेकिन कुछ दिनों बाद यह मुद्दा फिर से उठा और तभी हमने तय किया कि हमें इस पर कोई रास्ता निकालना होगा.’ अक्षय खन्ना के ‘दृश्यम 3’ छोड़ने के फैसले पर बात करते हुए अभिषेक ने कहा, ‘कुमार मंगत जी ने पहले ही बताया था कि अक्षय ने फिल्म धुरंधर की रिलीज से एक दिन पहले छोड़ी थी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म छोड़ने की वजह पैसों का मामला बिल्कुल नहीं था.’
अक्षय खन्ना अब सोलो फिल्म करने की कोशिश करें
अभिषेक का मानना है कि अक्षय के इस फैसले के पीछे बाहरी लोगों का हाथ था. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि उनके आस-पास के लोगों ने उनसे कहना शुरू कर दिया कि वह अब एक सुपरस्टार बनने वाले हैं और उन्हें अब ऐसे प्रोजेक्ट्स देखने चाहिए जो सिर्फ उन्हीं के इर्द-गिर्द हों. खैर, मेरी तरफ से उन्हें शुभकामनाएं और मैं बस यही कहूंगा कि अब उन्हें कोई सोलो फिल्म करने की कोशिश करनी चाहिए.’ मामले को सुलझाने की कोशिश करने के सवाल पर अभिषेक कहते हैं, ‘जब उनके पास कोई जवाब नहीं होता, तो उन्हें समझ नहीं आता कि क्या कहें. यह बहुत ही बेवकूफी भरा है, क्योंकि हम एक-दूसरे को बहुत लंबे समय से जानते हैं. मैंने कोशिश करना बंद कर दिया क्योंकि मुझे लगा कि इस वक्त इस इंसान से बात करने का कोई मतलब नहीं है, वह किसी और ही दुनिया में हैं.’
पूरी टीम की मेहनत से फिल्में होती हैं सफल
‘धुरंधर’ की सफलता पर बात करते हुए अभिषेक ने कहा कि यह एक शानदार फिल्म है. बॉक्स ऑफिस पर यह बहुत अच्छी कमाई कर रही है और इंडस्ट्री में हर कोई खुश है. लेकिन यह पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है. चाहे छावा हो या धुरंधर. यह राइटर, डायरेक्टर, एक्टर्स और फिल्म से जुड़े सभी लोगों की सामूहिक कोशिश होती है. यह किसी एक व्यक्ति के बारे में नहीं है.