nbcc launch dubai real estate market – nbcc dubai new housing project | indian home buyers benefits | nbcc dubai project flat cost – दुबई में घर बनाएगी नोएडा में अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करने वाली भारतीय सरकारी कंपनी! कितने में मिलेगा एक फ्लैट? जानिए

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दुबई: अगर आप उन भारतीयों में से हैं जिनका सपना दुबई की चकाचौंध के बीच अपना एक आशियाना बनाने का है, तो आपके लिए साल 2026 बेहतरीन खुशखबरी लेकर आने वाली है. भारत की दिग्गज सरकारी नवरत्न कंपनी एनबीसीसी (NBCC इंडिया लिमिटेड) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विस्तार करते हुए दुबई के रियल एस्टेट बाजार में कदम रख दिया है. यह पहली बार है जब भारत का कोई केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम दुबई में एक रियल एस्टेट डेवलपर के रूप में खुद को लॉन्च कर रहा है. यह कदम न केवल एनबीसीसी के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि उन भारतीय निवेशकों के लिए भी सुरक्षा की गारंटी है, जो विदेशी धरती पर घर, मकान, दुकान में निवेश करना चाहते हैं या खरीदना चाहते हैं.

एनबीसीसी ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘NBCC ओवरसीज रियल एस्टेट LLC’ के माध्यम से दुबई में भी एंट्राी कर लिया है. कंपनी ने दुबई मेनलैंड में एक प्राइम लैंड पार्सल यानी जमीन का टुकड़ा खरीदा है, जहां पर फ्लैट बनाए जाएंगे. इस जमीन की कीमत लगभग 16 मिलियन दिरहम जो भारतीय रुपये में लगभग 36 करोड़ रुपये है. इस जमीन पर एनबीसीसी एक ‘मिक्स-यूज’ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू करेगी, जिसमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की इकाइयां होने की उम्मीद है.

एनबीसीसी का दुबई में लॉन्च होगा हाउसिंग प्रोजेक्ट्स

यह प्रोजेक्ट आधुनिक वास्तुकला और सुविधाओं से लैस होगा. एनबीसीसी के अनुसार, ‘इस प्रोजेक्ट का ग्रॉस फ्लोर एरिया 51,718 वर्ग फुट होगा. इमारत की बनावट ‘G+2P+8’ यानी ग्राउंड फ्लोर, 2 पोडियम लेवल और 8 मंजिला होगी. एनबीसीसी को इस प्रोजेक्ट से लगभग 58-60 मिलियन दिरहम जो भारतीय मुद्रा में 135 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है. यह प्रोजेक्ट न केवल दुबई के स्काईलाइन में भारतीय इंजीनियरिंग का लोहा मनवाएगा, बल्कि भारत सरकार के ‘ग्लोबल एक्सपेंशन’ अभियान को भी मजबूती देगा.

आम्रपाली प्रोजेक्ट की सफलता ने बढ़ाया भरोसा

एनबीसीसी का दुबई में उतरना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी ने भारत में अपनी विश्वसनीयता साबित की है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एनबीसीसी ने आम्रपाली के फंसे हुए प्रोजेक्ट्स को अपने हाथ में लिया और हजारों घर खरीदारों को राहत पहुंचाई. कंपनी ने लगभग 38,000 यूनिट्स के अपने लक्ष्य में से करीब 30,000 यूनिट्स का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है. इसके अलावा, कंपनी इन प्रोजेक्ट्स के अप्रयुक्त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) का उपयोग करते हुए अतिरिक्त 8,200 यूनिट्स भी लॉन्च कर रही है. भारत में लाखों लोगों का घर बनाने वाली इस कंपनी पर अब दुबई में भी निवेशकों की नजरें टिकी हैं.

एनबीसीसी के लिए दुबई नया शहर नहीं

एनबीसीसी के लिए दुबई कोई नया शहर नहीं है. इससे पहले, कंपनी ने दुबई साउथ में ‘वर्ल्ड एक्सपो 2020’ के लिए ‘इंडिया पवेलियन’ का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया था. लगभग 172 मिलियन दिरहम की लागत से बना यह पवेलियन वैश्विक मंच पर भारतीय उत्कृष्टता का प्रतीक बना था. इसी सफलता को आधार बनाकर भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने एनबीसीसी को दुबई में स्वतंत्र डेवलपर के रूप में काम करने की मंजूरी दी है.

भारतीय निवेशकों के लिए क्यों है यह खुशखबरी?

अक्सर विदेशी बाजारों में निवेश करते समय लोगों के मन में धोखाधड़ी या प्रोजेक्ट अटकने का डर रहता है. एनबीसीसी के दुबई आने से भारतीयों को सरकारी भरोसे वाली एक कंपनी मिल गई है. अब निवेशक निजी डेवलपर्स के बजाय भारत सरकार की एक नवरत्न कंपनी के माध्यम से दुबई में संपत्ति खरीद सकेंगे. इससे न केवल निवेश सुरक्षित रहेगा, बल्कि कागजी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता रहेगी.

एनबीसीसी का यह अंतरराष्ट्रीय विस्तार कंपनी के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा. कंपनी की प्रबंधन टीम ने प्रोएक्टिव होकर काम किया है और स्मार्ट प्राइसिंग व ब्रांड पोजीशनिंग के जरिए वे वैश्विक प्रतिस्पर्धियों को टक्कर देने के लिए तैयार हैं. आने वाले समय में, यह प्रोजेक्ट दुबई में रह रहे प्रवासी भारतीयों (NRIs) और भारत से निवेश करने वालों के लिए पहली पसंद बन सकता है. अभी इस प्रोजेक्ट के फ्लैट्स या कॉमर्शियल प्रॉपर्टी के रेट निर्धारित नहीं हुए हैं. लेकिन अनुमान है कि यह दुबई की दूसरी कंपनियों के मुकाबले सस्ती दरों पर भारतीयों को मिलेंगे.

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