जश्न कांग्रेस का, चर्चा में बीजेपी! स्थापना दिवस पर कांग्रेस‍ियों में RSS को अलकायदा-गब्बर डाकू बताने की होड़

Share to your loved once


Last Updated:

कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस पर पूरी पार्टी उलझी हुई नजर आई. एक तरफ पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कहते हैं कि कांग्रेस एक विचारधारा है और विचारधाराएं कभी नहीं मरतीं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के वरिष्ठ नेता इस बात पर एकमत नहीं हो पा रहे हैं कि अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी RSS या BJP से कैसे निपटा जाए.

जश्न कांग्रेस का, चर्चा में बीजेपी! RSS को अलकायदा-गब्बर डाकू बताने की होड़कांग्रेस के नेता स्‍थापना द‍िवस पर ही उलझ गए.

राजनीति में अक्सर सेल्फ गोल भारी पड़ते हैं. रव‍िवार को जब देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस अपना 140वां स्थापना दिवस मना रही थी, तो उम्मीद थी कि चर्चा पार्टी की विरासत, आजादी की लड़ाई और भविष्य की रणनीतियों पर होगी. लेकिन दिनभर चर्चा का केंद्र बिंदु गांधी या नेहरू नहीं, बल्कि आरएसएस, ‘अलकायदा’ और ‘गब्बर सिंह’ बन गए. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बयानों ने ऐसा विरोधाभास पैदा किया कि स्थापना दिवस का जश्न आपसी कलह और स्पष्टीकरण के शोर में कहीं गुम हो गया. शुरुआत दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के एक ट्वीट से हुई, जिसने पार्टी के भीतर ही भूचाल ला दिया. इसके बाद मणिकम टैगोर ने आरएसएस की तुलना आतंकी संगठन अलकायदा से कर दी, तो सलमान खुर्शीद ने शोले के ‘गब्बर सिंह’ को याद कर लिया. इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए इसे मानसिक दिवालियापन करार दिया.

दिग्विजय सिंह की तारीफ या आईना?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अक्सर अपने बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाले दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर साझा की. इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात में लालकृष्ण आडवाणी के पास फर्श पर बैठे नजर आ रहे थे. दिग्विजय सिंह ने इस तस्वीर के जरिए भाजपा और आरएसएस की संगठनात्मक क्षमता की तारीफ की. उन्होंने लिखा कि कैसे एक जमीनी कार्यकर्ता संगठन की ताकत के दम पर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बन सकता है उन्होंने इसे संगठन की शक्ति बताया दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और जयराम रमेश जैसे शीर्ष नेताओं को भी टैग किया. राजनीतिक पंडितों ने इसे कांग्रेस नेतृत्व को एक नसीहत के तौर पर देखा कि कैसे आरएसएस अपने कैडर को तैयार करता है. लेकिन कांग्रेस के ही कई नेताओं को दिग्विजय सिंह का यह सच नागवार गुजरा. पार्टी के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने लगे, जिसके बाद दिग्विजय सिंह को अपनी ही बात का बचाव करना पड़ा.



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP