iron ring lohe ki anghuthi which finger wear Shani Dosha removed correct method, लोहे की अंगूठी किस उंगली में पहनें, क्या होता है फायदा? यहां जानें धारण करने की पूरी प्रक्रिया

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अक्सर आपने देखा होगा कि लोग अपने हाथों की उंगलियों में तरह-तरह के अंगूठी धारण करते हैं, जिसमें से लोग लोहे की अंगूठी भी धारण करते हैं. मान्यता है कि हर धातु या रत्न की अंगूठी का संबंध किसी न किसी ग्रह और देवी-देवता से होता है. आइए जानते हैं कि लोहे की अंगूठी क्यों पहननी चाहिए और किस उंगली में पहनने से इसका लाभ मिलता है.

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ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, किसी भी धातु और रत्न की अंगूठी धारण करने से व्यक्ति को कई तरह का लाभ भी मिलता है. अगर व्यक्ति नियम का पालन करते हुए अंगूठी धारण करता है तो उसके जीवन में कई तरह के बदलाव भी देखने को मिलते हैं, क्योंकि धातु और रत्न का संबंध देवी-देवता और सभी ग्रह से होता है.

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अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि ज्योतिष के अनुसार, लोहे का संबंध भगवान शनि देव से है. धार्मिक मान्यता है कि शनि देव लोहे में वास करते हैं. इसलिए शनि को प्रसन्न करने के लिए लोग अपने हाथों में लोहे की अंगूठी धारण करते हैं. कहा जाता है कि लोहे की अंगूठी धारण करने से शनि की साढ़े साती के प्रभाव से भी मुक्ति पाया जाता है. 

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अगर आप हाथों में लोहे की अंगूठी धारण करते हैं तो इससे शनि के साथ-साथ राहु और केतु के दुष्प्रभाव से भी मुक्ति मिलती है. जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़े साती चल रही हो तो उन्हें लोहे की अंगूठी धारण करनी चाहिए. ऐसे में लोहे की अंगूठी दाएं हाथ की बीच वाली उंगली में ही धारण करना शुभ माना जाता है.

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इसके अलावा, अगर किसी जातक की कुंडली में राहु और बुद्ध की स्थिति अशुभ है तो उन्हें भी दाहिने हाथ की बीच वाली अंगुली में लोहे की अंगूठी धारण करनी चाहिए. ऐसा माना जाता है कि कुंडली में राहु और बुद्ध के साथ शनि की स्थिति भी मजबूत होगी.

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लोहे की अनूठी धारण करने से पहले ज्योतिष परामर्श लेना चाहिए यानी लोहे की अंगूठी हमेशा शनिवार को शाम के समय ही धारण करना चाहिए. अंगूठी धारण करते समय भगवान शनि के बीज मंत्र का जाप भी करना चाहिए.

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अगर आप शनिवार के दिन अंगूठी धारण कर रहे हैं तो शनिवार के साथ-साथ रोहिणी पुष्प अनुराधा और उत्तर भद्रा नक्षत्र में अंगूठी धारण करने से कई तरह शुभ फल की प्राप्ति भी होती है. साथ ही नजर दोष से भी मुक्ति मिलती है .

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पंडित जी के अनुसार, इतना ही नहीं, कुंडली में शनि की स्थिति होने और बुध, शुक्र अथवा सूर्य के एक साथ होने पर लोहे की अंगूठी नहीं धारण किया जाता है. यह काफी नुकसानदायक भी माना जाता है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति को चांदी की अंगूठी धारण करना चाहिए.

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लोहे की अंगूठी किस उंगली में पहनें, क्या सच में मिटता है शनि दोष?

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