Firozabad News : बेघर और असहायों का सहारा बना ‘अपना घर आश्रम’! ‘प्रभु जी’ कहकर मिलता है सम्मान
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Firozabad News : फिरोजाबाद में जलेसर रोड स्थित अपना घर आश्रम बेघर, असहाय और मंदबुद्धि लोगों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बनकर सामने आया है. यहां रहने वालों को न सिर्फ भोजन, इलाज और रहने की निःशुल्क सुविधा मिलती है, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक ‘प्रभु जी’ कहकर संबोधित किया जाता है, जिससे मानवता और सेवा की अनोखी मिसाल देखने को मिलती है.
फिरोजाबाद : गरीब, असहाय, बेघर और मंदबुद्धि लोगों के लिए फिरोजाबाद में अपना घर आश्रम किसी सहारे से कम नहीं है. यह आश्रम सड़कों, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भटकने वाले बेसहारा लोगों को न केवल छत देता है, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करता है. यहां रह रहे लोगों के भोजन, वस्त्र, इलाज और देखभाल की पूरी व्यवस्था निःशुल्क की जाती है. वर्तमान में इस आश्रम में दर्जनों असहाय, मंदबुद्धि और वृद्ध लोग रह रहे हैं, जिनकी सेवा के लिए समर्पित सेवादार तैनात हैं.
जलेसर रोड स्थित अपना घर आश्रम के प्रशासनिक अधिकारी अनिल लहरी ने लोकल 18 को बताया कि इसकी नींव वर्ष 2006 में शहर के कुछ उद्योगपतियों ने रखी थी. शुरुआत में अकेले रह रहे वृद्धजनों के लिए शिव शक्ति वृद्धाश्रम की योजना बनाई गई थी, लेकिन सामाजिक आपत्तियों के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका. इसके बाद वर्ष 2016 में भरतपुर में संचालित अपना घर आश्रम से प्रेरणा मिली, जहां मंदबुद्धि लोगों की सेवा की जाती थी. इसी सोच के तहत वर्ष 2017 में फिरोजाबाद में अपना घर आश्रम की स्थापना की गई.
लोगों को प्रभु जी नाम से किया जाता है संबोधित
यह आश्रम खासतौर पर सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भटकने वाले लोगों की सेवा के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है. यहां रहने वालों को उनके असली नाम से नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक ‘प्रभु जी’ कहकर संबोधित किया जाता है. आश्रम में केवल पुरुषों को ही रखा जाता है. जो मंदबुद्धि प्रभु जी इलाज से स्वस्थ हो जाते हैं, उन्हें उनके परिजनों को बुलाकर सुरक्षित रूप से सौंप दिया जाता है. वहीं, किसी प्रभु जी के निधन की स्थिति में आश्रम की ओर से पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया जाता है.
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मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें