Board Exams 2026: बोर्ड परीक्षा में आसानी से आएंगे 90+ मार्क्स, बस चुपके से नोट कर लें 5 टिप्स, सब पूछेंगे सीक्रेट

Share to your loved once


नई दिल्ली (Board Exams 2026). बोर्ड परीक्षा का नाम सुनते ही अच्छे-भले टॉपर स्टूडेंट्स के माथे पर भी पसीना आ जाता है. यह डर केवल किताबों या सिलेबस का नहीं होता, बल्कि समाज, माता-पिता की उम्मीदों और ‘अच्छे मार्क्स’ लाने के दबाव का भी होता है. मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि परीक्षा का थोड़ा-बहुत तनाव परफॉर्मेंस सुधारने में मदद करता है, लेकिन जब यह डर ‘एंग्जायटी’ (घबराहट) में बदल जाए तो आपकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकता है.

कई स्टूडेंट्स परीक्षा केंद्र में बैठते ही सब कुछ भूलने लगते हैं, जिसका प्रमुख कारण विषय की अज्ञानता नहीं, बल्कि मन का वह अनजाना डर है जो उन्हें कॉन्फिडेंस खोने पर मजबूर कर देता है. बोर्ड परीक्षा जीवन की कई परीक्षाओं में से महज एक पड़ाव है, इसे ‘करो या मरो’ की स्थिति मानना सबसे बड़ी भूल है. इस डर को खत्म करने के लिए स्वीकार करना होगा कि आपकी काबिलियत केवल एक मार्कशीट से तय नहीं होती. जब आप अपनी सोच को ‘रिजल्ट’ से हटाकर ‘प्रोसेस’ (तैयारी) पर फोकस करते हैं तो डर खुद कम होने लगता है.

बोर्ड परीक्षा का डर कैसे खत्म करें?

बोर्ड परीक्षा का डर खत्म करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है, यह पूरी तरह से आपकी मेंटल स्टेट और रूटीन मैनेजमेंट पर निर्भर करता है. जानिए 5 तरीके, जो न केवल आपके मन से परीक्षा का डर निकालेंगे, बल्कि टॉपर की तरह एग्जाम हॉल में एंट्री करने की हिम्मत भी देंगे:

1- दूर करें सिलेबस का खौफ

पूरा सिलेबस एक साथ देखने पर डर लगना स्वाभाविक है. इसलिए सिलेबस के बड़े हिस्से को छोटे-छोटे टुकड़ों (Chunks) में बांटें. जब आप एक छोटा टॉपिक पूरा करते हैं तो दिमाग में ‘डोपामाइन’ रिलीज होता है, जो आपको खुशी और कॉन्फिडेंस देता है. अपनी प्रोग्रेस ट्रैक करें; जितना ज्यादा आप टिक मार्क करेंगे, उतना ही डर कम होगा.

2- रटने के बजाय समझने पर जोर दें

रटी हुई चीजें तनाव की स्थिति में सबसे पहले भुला दी जाती हैं. अगर आप कॉन्सेप्ट को समझ लेते हैं तो आप उसे अपनी भाषा में आसानी से लिख सकते हैं. ‘फेनमैन टेक्नोलॉजी’ का इस्तेमाल करें- किसी टॉपिक को ऐसे समझें जैसे आप किसी छोटे बच्चे को समझा रहे हों. जब आप सिखाने की स्थिति में होते हैं तो आपका डर पूरी तरह गायब हो जाता है.

3- मॉक टेस्ट: डर का असली इलाज

अज्ञात का डर सबसे बड़ा होता है. परीक्षा हॉल जैसा माहौल घर पर बनाएं और पिछले साल के पेपर्स हल करें. जब आप 3 घंटे घड़ी देखकर पेपर सॉल्व करते हैं तो आपका दिमाग उस माहौल का अभ्यस्त (Habituated) हो जाता है. मुख्य परीक्षा वाले दिन आपको लगेगा कि आप बस एक और मॉक टेस्ट दे रहे हैं. इससे एग्जाम पैटर्न और मार्किंग स्कीम समझने में भी मदद मिलती है.

4- नींद और डाइट से न करें समझौता

कई स्टूडेंट्स परीक्षा के दिनों में चाय-कॉफी के सहारे रातें काटते हैं. नींद की कमी सीधे आपके ‘प्री-फ्रंटल कॉर्टेक्स’ पर असर डालती है, जिससे याद रखने की क्षमता कम हो जाती है और घबराहट बढ़ती है. कम से कम 7 घंटे की नींद और हल्का भोजन आपके दिमाग को शांत और चौकन्ना रखने के लिए अनिवार्य है. एग्जाम्स खत्म होने तक घर की बनी बैलेंस्ड डाइट लें.

5- खुद से करें पॉजिटिव बातें

परीक्षा से ठीक पहले खुद से कहें, ‘मैंने अपनी क्षमता के अनुसार तैयारी की है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा.’ अपनी तुलना दूसरों से करना बंद करें. हर स्टूडेंट की सीखने-समझने की स्पीड अलग होती है. दूसरों के नोट्स या उनकी प्रोग्रेस देखकर डरना सिर्फ समय की बर्बादी है. इसलिए खुद पर फोकस करें और अपनी एनर्जी पॉजिटिव चीजों में इनवेस्ट करें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP