दिल्ली: भलस्वा डेयरी से गायब लड़का आज़ादपुर मंडी में मिला

Share to your loved once


Last Updated:

Delhi के भलस्वा डेयरी में 16 साल का लड़का पिता की डांट के बाद गायब हुआ, क्राइम ब्रांच की टीम ने आज़ादपुर मंडी से उसे ढूंढ निकाला और परिवार को वापस सौंपा.

आप भी है जवान होते बच्‍चों के माता-पिता, तो आपके लिए इस पिता का किस्‍सा है खास

Delhi Crime News: यदि आप भी जवान होते बच्‍चों के माता-पिता हैं तो दिल्‍ली के इस पिता की कहानी आपके लिए बेहद खास हैं. कहीं ऐसा ना हो, आप अपने बच्‍चों की बेहतरी के लिए हक से कुछ कहें और वहीं बात आपकी जिंदगी में गहरा अंधेरा ला दे. दरअसल, इस कहानी की शुरूआत 20 दिसंबर 2025 से होती है. दिल्‍ली के भलस्‍वा डेयरी इलाके में एक गरीब घर की दीवारों से टकराती बेचैनी की आहट सुनाई दे रही थी. घर का इकलौता चिराग अचानक गायब हो गया था. पिता की आंखों में डर था, दिल में अनहोनी की आशंका और मन में सिर्फ एक ही सवाल कि उनका16 साल का बेटा आखिर कहां है.

पिता ने अपने बेटे को खोजने की भरपूर कोशिश की, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला. आखिर में परेशान होकर पिता ने दिल्‍ली पुलिस से मदद की गुहार लगाई. 23 दिसंबर 2025 को भलस्वा डेयरी थाने में अपहरण और गुमशुदगी से जुड़ा केस दर्ज हुआ. उम्र कम थी और खतरा बड़ा था. लिहाजा, इस मामले को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने अपने हाथ में लिया. यह सिर्फ एक फाइल नहीं थी, यह एक मासूम जिंदगी को अंधेरे से वापस लाने की जंग थी. क्राइम ब्रांच के दफ्तर में हलचल तेज हो गई. इंस्पेक्टर मनोज दहिया की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई. एएसआई गोपाल कृष्ण, महिला कांस्टेबल मिंटू और कांस्टेबल धरमराज हर चेहरे पर तनाव साफ दिख रहा था.

जांच की शुरुआत उस टूटे हुए घर से हुई, जहां मां की कमी पहले ही हर कोने में पसरी हुई थी. मां का साया 4-5 साल पहले उठ चुका था. पिता दिहाड़ी मजदूर था, जो अपने बेटे को ही अपनी दुनिया समझता था. पुलिस टीम ने पिता से बात की, मोहल्ले में पूछताछ की, हर छोटी जानकारी को जोड़कर एक बड़ी तस्वीर बनाने की कोशिश की. मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाली गईं, टेक्निकल सर्विलांस के जरिए सुराग तलाश की कोशिश की जा रही थी. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, परतें खुलती गईं. पता चला कि लड़का नौवीं कक्षा का छात्र है. 20 दिसंबर को पिता ने उसे कुछ लड़कों के साथ सिगरेट पीते देख लिया था. गुस्से में पिता ने बेटे को डांट दिया. पिता की वही डांट उसकी जिंदगी को घर की देहलीज से बाहर ले गया.

बिना कुछ कहे वह निकल पड़ा. दिमाग में न कोई योजना थी और न ही कोई मंजिल का पता था. हालात ने उसे आज़ादपुर सब्ज़ी मंडी तक पहुंचा दिया, जहां वह मजदूरी करने लगा. टेक्निकल सर्विसलांस और पुलिस की मेहनत रंग लाई. क्राइम ब्रांच की टीम ने आज़ादपुर मंडी की भीड़ के बीच उसे ढूंढ निकाला. आखिरकार, उसे संबंधित थाने के जांच अधिकारियों को सौंप दिया गया, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके. इस ऑपरेशन के साथ एक पिता की टूटी सांसों में फिर से जान लौटी. यह कहानी सिर्फ एक गुमशुदा लड़के की नहीं थी, यह उन हालात की थी, जहां एक डांट भी जिंदगी का रास्ता बदल दिया था.

About the Author

Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें

homedelhi

आप भी है जवान होते बच्‍चों के माता-पिता, तो आपके लिए इस पिता का किस्‍सा है खास

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP