धनिया-पुदीना, टमाटर नहीं, लाल चींटी से बनती है यह आदिवासी चटनी, खाते ही खोलेंगे स्वेटर, प्रोटीन-विटामिन भर-भरकर – Jharkhand News
रांची. रांची में ठंड के मौसम में खासतौर पर एक लोकल चटनी खाई जाती है, जिसे डेमटा चटनी कहा जाता है. दरअसल, इस चटनी में खासतौर पर अदरक, लहसुन, मिर्च, लाल चींटी और तेल डालकर तैयार किया जाता है. खाने में यह बड़ी ही स्वादिष्ट लगती है और खाते ही शरीर में ऐसी गर्मी देती है कि आपको स्वेटर खोलना पड़ जाएगा. यह खाने का स्वाद तो बढ़ाती ही है साथ ही शरीर को तमाम फायदे भी देती है. इसे बनाना भी आसान है.
इस तरीके से होती है तैयार
यह चटनी तैयार करती हुई शालिनी बताती हैं, सबसे पहले आपको लाल चींटी बाजार से लानी होगी. खासतौर पर शनिवार और मंगलवार को जो आदिवासी बाजार लगता है, नामकुम में या फिर धुर्वा में, वहां पर आपको यह मिल जाएगी. जितनी चटनी आपको बनानी है, उस मुताबिक लाल चींटी लें और उसे अच्छे से धो लें. यह मरी हुई ही रहती हैं, इसीलिए ये काटेंगी नहीं.
बाकी सामान करें तैयार
इसके बाद इसे साइड में रखें और फिर थोड़ा सा अदरक, थोड़ा सा लहसुन, थोड़ा सा धनिया पत्ता, दो हरी मिर्च और थोड़ा सा सरसों का तेल लें और इन सभी को अच्छे से पीस लें और बीच-बीच में लाल चींटी भी डालते रहें. अगर सिलोट में पीसें तो ज्यादा बढ़िया है. इसका स्वाद और खुलकर आता है. मिक्सी में उतना मजा नहीं आएगा. इसीलिए कोशिश करिए सिलोट में ही पीसने की.
1 मिनट में बनकर होती है तैयार
इसके बाद अच्छे से पीस लेना है और पीसने के क्रम में बीच में लाल चींटी भी डालते रहें. तो इस तरीके से सभी को पीसकर एक अलग कटोरी में रख दें. अब इसमें आधा चम्मच और सरसों का तेल डालें, स्वाद अनुसार काला नमक डालें और थोड़ा सा सफेद नमक डालें. यह सब डालने के बाद अच्छे से इसे मिला लें. लीजिए, बनकर तैयार है आपकी देसी चटनी.
पोषण का पावरहाउस, नहीं पड़ते बीमार
यह सिर्फ खाने में ही टेस्टी नहीं लगती, बल्कि इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है. विटामिन सी और विटामिन ए का यह भंडार है. यही कारण है कि खासतौर पर आदिवासी इसका खूब सेवन करते हैं और ठंड में तो काफी ज्यादा. ठंड में सुबह, दोपहर, रात हर तरह के भोजन में यह चटनी जरूर शामिल होती है. इससे आपको सर्दी, खांसी, फीवर जैसी मौसमी समस्याओं से बचाव भी मिलेगा.