Dal benefits in different diseases: किस बीमारी में कौन सी दाल खानी चाहिए? जानें
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भारत में दाल-चावल लोगों का मुख्य भोजन है. हर दिन तरह-तरह की दालें बनती हैं, जिनके स्वाद, रंग, टेक्सचर से लेकर पौषक तत्व सभी कमाल के होते हैं. अलग-अलग राज्यों में विभिन्न प्रकार की दालों की खेती मौसम के अनुसार की जाती है. दाल प्रोटीन का मुख्य सोर्स है. इसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन की मात्रा होती है, उसके बाद कोई और पोषक तत्व. जो लोग नॉनवेज नहीं खाते हैं, वे प्रोटीन के लिए दाल का सेवन जरूर करें. कई तरह के रोगों में अलग-अलग दालों का सेवन करना फायदेमंद होता है. ये दालें कई तरह की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती हैं. जानिए, किस बीमारी में आपको कौन सी दाल खानी चाहिए, ताकि लक्षणों और रोग से जल्दी छुटकारा पा सकें.

यदि आपको डायबिटीज है तो आप चने का दाल, मूंग दाल और मसूर दाल का सेवन अधिक करें. ये सभी दालें ब्लड शुगर को खून में तेजी से बढ़ाने का काम नहीं करती हैं. डायबिटीज के रोगी अरहर की दाल का सेवन कम करें. ये दालें प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं.

यदि आपका ब्लड प्रेशर हाई रहता है तो नमक और घी का सेवन कम करें. आप मसूर और मूंग दाल अधिक खाएं, क्योंकि ये आसानी से पचती हैं. कोलेस्ट्रॉल घटाने में मदद करती हैं. चना और मसूर दाल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती हैं, साथ ही कोलेस्ट्रॉल कम करती हैं. इससे ब्लड वेसल्स पर कम दबाव बढ़ता है.

जिन लोगों को हार्ट से संबंधित कोई समस्या है, वे लोग चना दाल, मसूर दाल खा सकते हैं. हार्ट डिजीज होने पर तली-भुनी, मसालेदार गरिष्ठ चीजों का सेवन कम करें. अगर पेट की पाचन शक्ति से जुड़े रोग परेशान कर रहे हैं तो सिर्फ मूंग की दाल का सेवन करें. मूंग की दाल पाचन में हल्की होती है. इसमें फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है.
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पेट दर्द, गैस, धीमी पाचन शक्ति को तेज करने के लिए मूंग दाल लाभकारी होती है. अगर थकान और कमजोरी महसूस होती है तो आप अरहर दाल और उड़द दाल का सेवन कर सकते हैं. ये दोनों ही दालें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं. शरीर में रक्त की मात्रा को पूरा करने में मदद देती हैं. कैल्शियम और फाइबर से भी भरपूर होती हैं, जिससे पेट साफ रहता है.

कैसे करें इन दालों का सेवन- आमतौर पर इंडिया में अधिकतर घरों में दालों को कई चीजों से तड़का लगाकर खाना पसंद करते हैं, लेकिन दाल के सेवन का ये तरीका सही नहीं है. ढेर सारे मसालों के साथ तड़का लगाना, एक गलत आदत है. दाल को कम मसालों में कम आंच पर उबालकर पकाएं. इससे सभी पोषक तत्व बरकरार रहते हैं. आप नमक, हल्दी, टमाटर डालकर दाल पकाएं. तड़का लगाने के लिए जीरा, कम तेल, हींग, लहसुन का इस्तेमाल कर सकते हैं.