Significance of coconut in Hindu rituals। महिलाएं नारियल क्यों नहीं फोड़ती
Use Of Coconut: भारत में जब भी कोई शुभ काम शुरू होता है, तो घर में एक ही आवाज गूंजती है- “पहले नारियल फोड़ो, फिर काम शुरू करेंगे.” कई बार आपने भी देखा होगा कि नए वाहन की पूजा हो, नई दुकान का उद्घाटन, शादी की रस्में, गृह प्रवेश, बिजनेस की शुरुआत, या फिर मंदिर में कोई विशेष पूजा… हर जगह सबसे पहले नारियल चढ़ाया जाता है या फोड़ा जाता है. ये सिर्फ एक रीति नहीं, बल्कि एक आस्था और विश्वास का ऐसा पहलू है जिसमें पीढ़ियों का अनुभव छिपा हुआ है. कहा जाता है कि नारियल फोड़ना मतलब ईश्वर के सामने अपनी नीयत और मन की साफ नीयत रखना. जिस काम के लिए आप शुरुआत कर रहे हैं, उस काम में अड़चनें ना आएं, सफलता मिले और बुरी नजर से बचाव भी हो. यही वजह है कि श्रीफल को सिर्फ पूजा का हिस्सा नहीं, बल्कि समृद्धि, सौभाग्य और शुभता का प्रतीक माना गया है, लेकिन क्या कभी आपने ये सोचा है कि नारियल ही क्यों? आखिर इसी फल को हर शुभ काम का पहला कदम क्यों माना गया? क्यों इसे माता लक्ष्मी का प्रिय माना जाता है? और एक बात जो लोगों के मन में सबसे ज्यादा सवाल बनकर घूमती है -आखिर महिलाएं नारियल क्यों नहीं फोड़तीं? क्या इसके पीछे कोई विज्ञान है या सिर्फ धार्मिक मान्यता? इन्हीं सवालों के जवाब के साथ इस लेख में आप जानेंगे नारियल के धार्मिक महत्व, पूजा में इसके प्रयोग की वजह, महिलाओं द्वारा इसे न फोड़ने के कारण और आखिर नारियल से जुड़े वो सरल उपाय जिन्हें अपनाकर कई लोग अपनी जिंदगी में बदलाव महसूस करते हैं. चलिए एक-एक बात को आराम से समझते हैं. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
पूजा में आखिर क्यों प्रयोग किया जाता है नारियल?
-हिंदू परंपरा में नारियल को श्रीफल कहा जाता है और इसे लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. नारियल पर मौजूद तीन आंखें त्रिदेव का प्रतीक कही जाती हैं -ब्रह्मा, विष्णु और महेश. इसी वजह से इसे किसी भी शुभ काम में शामिल करने से त्रिदेव की कृपा मानी जाती है.
-नारियल का बाहरी कठोर छिलका जीवन की चुनौतियों को दर्शाता है, जबकि अंदर का सफेद हिस्सा मन की पवित्रता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है. यही वजह है कि जब इसे फोड़ा जाता है तो मान्यता है कि हम अपनी नकारात्मक सोच और अड़चनों को तोड़ रहे हैं और आगे की राह साफ कर रहे हैं.
-नारियल कभी खराब नहीं होता, ना ही इस पर कीड़े लगते हैं. कहा जाता है कि इसकी ऊर्जा इतनी पवित्र होती है कि यह जिस भी स्थान पर रखा जाए, वहां निगेटिव असर को कम करने में सहायक होता है. इसी कारण इसे दुकान, घर, ऑफिस, फैक्ट्री और पूजा स्थान में रखा जाता है.
स्त्रियां नारियल क्यों नहीं फोड़तीं?
अब उस सवाल पर आते हैं जो लगभग हर किसी के मन में होता है -महिलाएं नारियल क्यों नहीं फोड़तीं?
-मान्यता के मुताबिक नारियल एक बीज रूप माना जाता है, जो सृजन शक्ति का प्रतीक है. स्त्रियों में पहले से ही सृजन की क्षमता मौजूद होती है क्योंकि वो गर्भ धारण करके नए जीवन को जन्म देती हैं. इसी वजह से कहा जाता है कि वो बीज स्वरूप के फल को फोड़ें यह ठीक नहीं माना गया.
-यानी ये किसी भेदभाव की सोच नहीं, बल्कि प्रकृति के सिद्धांत से जुड़ी एक परंपरा है. आज समय बदल रहा है, सोच बदल रही है, कई जगहों पर महिलाएं नारियल फोड़ती भी हैं, लेकिन पारंपरिक मान्यताओं के हिसाब से पुरुषों द्वारा ही नारियल फोड़ने को अधिक शुभ माना गया है.
नारियल के सरल सनातनी उपाय
नीचे दिए गए उपाय आम लोगों की मान्यताओं और परंपरा से जुड़े हुए हैं. आस्था रखने वाले इन्हें अपना सकते हैं:
1. आर्थिक रुकावट दूर करने के लिए
अगर आपको लगता है कि घर में पैसे आते तो हैं लेकिन रुकते नहीं, खर्चे बढ़ते जा रहे हैं या बचत नहीं हो पा रही तो एक लाल कपड़े में साबुत नारियल बांधकर लक्ष्मी माता को अर्पित करें और बाद में अपने धन स्थान पर साफ-सुथरी जगह पर रख दें.
2. शनि की पीड़ा कम करने के लिए
शनिवार के दिन सूखे नारियल को सिर पर से सात बार एंटी-क्लॉक घुमाकर नदी में बहा दें. माना जाता है कि इससे शनि से जुड़ी परेशानियां कम होने लगती हैं और मानसिक हल्कापन महसूस होता है.
3. राहु-केतु के असर में राहत
कभी-कभी बिना वजह तनाव, बेचैनी, डर, राह में बाधाएं महसूस होती हैं. मान्यता है कि सूखे नारियल में चीनी भरकर किसी सुनसान स्थान पर मिट्टी में दबाने से राहु-केतु के कष्ट कम होते हैं.