एक्सक्लूसिव: ISI और ISPR ने एक्टिवेट किया ऑपरेशन ‘विलायत कश्मीर’, TTP के नाम पर भारत को निशाना बनाने की साजिश

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नई दिल्ली/श्रीनगर. पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. सीमा पार से एक बार फिर जम्मू-कश्मीर (KMR) में अशांति फैलाने और आतंकी गतिविधियों को हवा देने की बड़ी साजिश रची जा रही है. खुफिया एजेंसियों को मिले ताजा इनपुट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की सैन्य मीडिया शाखा आईएसपीआर (ISPR) ने अपनी आतंकी रणनीति को पूरी तरह से बदल दिया है. खबर है कि आईएसआई (ISI) और आईएसपीआर ने मिलकर लंबे समय से बंद पड़े ऑपरेशन ‘विलायत कश्मीर’ (Wilayat Kashmir) को दोबारा एक्टिव कर दिया है. इसका मकसद भारत में घुसपैठ और हमले तेज करना है.

टीटीपी के नाम का इस्तेमाल, काम आईएसआई का सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक नई चाल चल रहा है. इस पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए आईएसआई सार्वजनिक रूप से तहरीक-ए- तालिबान पाकिस्तान (TTP) के नाम का इस्तेमाल कर रही है. लेकिन असल में कमान पुराने वफादार नेटवर्क और संपर्कों के हाथ में ही है. रिपोर्ट्स का दावा है कि आईएसपीआर ने तकनीकी रूप से टीटीपी के कुछ गुटों में घुसपैठ कर ली है, ताकि उनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया जा सके.

तीन नए ‘शैडो गवर्नर’ नियुक्त: इस नए आतंकी ढांचे को चलाने के लिए पाकिस्तान ने बाकायदा ‘शैडो गवर्नर’ (Shadow Governors) नियुक्त किए हैं. यह नियुक्तियां कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्रों के लिए की गई हैं:

* डॉ. अहमद कश्मीरी: इन्हें ‘विलायत कश्मीर’ का शैडो गवर्नर नामित किया गया है. इनका काम कश्मीर घाटी में आतंकी नेटवर्क को फिर से खड़ा करना है.

* मौलाना अब्दुल हमीद: इन्हें गिलगित-बाल्टिस्तान के ‘डायमर’ (Diamer) सब-डिवीजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

* मौलवी हबीब-उर-रहमान: इन्हें ‘दारेल’ (Darel) सब-डिवीजन का शैडो गवर्नर बनाया गया है.

गिलगित-बाल्टिस्तान में नई यूनिट का गठन सिर्फ कश्मीर ही नहीं, पाकिस्तान ने पीओके (PoK) से सटे इलाकों में भी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ‘विलायत गिलगित-बाल्टिस्तान’ नाम से एक नई आतंकी इकाई का गठन किया है. रणनीतिक रूप से इसे दो हिस्सों- दारेल और डायमर में बांटा गया है. इसका उद्देश्य इन दुर्गम इलाकों से आतंकियों की भर्ती और घुसपैठ को आसान बनाना है.

सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर इस खुफिया इनपुट के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है. एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान टीटीपी का नाम लेकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ‘विलायत कश्मीर’ को फिर से जिंदा करना सीधे तौर पर भारत की सुरक्षा को चुनौती देने जैसा है. सेना और खुफिया तंत्र इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अपनी रणनीति बना रहे हैं.

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