Join Indian Army| NDA Success Story: हवालदार के बेटे ने किया बड़ा कारनामा, भारतीय सेना में बना लेफ्टिनेंट, गांव में जश्न
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indian Army Success Story, NDA Story: उत्तर प्रदेश के एक गांव के लड़के ने बड़ा कारनामा कर दिखाया. वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गया है जिसके बाद गांव से लेकर हर तरफ खुशी का माहौल है. आइए आपको बताते हैं कि ये कौन हैं और वह कैसे लेफ्टिनेंट ऑफिसर बने?
indian army, Join Indian Army, indian Army jobs, success story: भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने शिवम शर्मा.Indian Army Success Story, NDA Story: अलीगढ़ जनपद की खैर तहसील के छोटे से गांव नगौला के शिवम शर्मा ने बड़ा कारनामा कर दिखाया है. उन्होंने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर पूरे परिवार, गांव और इलाके का नाम रोशन कर दिया. शिवम ने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से एक साल का कठिन सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया.एनडीए की पासिंग आउट परेड के बाद उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिला. शिवम की इस उपलब्धि से गांव से लेकर उनके रिश्तेदारों में खुशी की लहर है.शिवम आज तमाम युवाओं के लिए मिसाल बन गए हैं. गांव वाले एक-दूसरे को मिठाई बांटकर बधाई दे रहे हैं.
शिवम ने कहां से की पढ़ाई?
शिवम ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मिलिट्री स्कूल धौलपुर से पूरी की.12वीं क्लास पास करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की प्रवेश परीक्षा दी और उसे पास कर लिया. NDA से सैन्य शिक्षा हासिल की. पिछले साल देहरादून के IMA में एक साल का सख्त ट्रेनिंग पूरा किया. ट्रेनिंग खत्म होते ही पासिंग आउट परेड में कमीशन मिला और वे लेफ्टिनेंट बन गए. शिवम ने बताया कि बचपन से ही सेना में जाने का जुनून था. वे कहते हैं कि सेना उनका सपना था और उसी भावना से सभी सपनों को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ते रहे.
पिता से मिली प्रेरणा
शिवम का सेना से पुराना नाता है.उनके पिता संतोष शर्मा भारतीय सेना में हवलदार के पद से रिटायर हुए हैं. पिता की देश सेवा की भावना से प्रेरित होकर शिवम ने भी सेना जॉइन करने का फैसला लिया. अब वे परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. पिता की मेहनत और देशभक्ति ने शिवम को ये मुकाम दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई.
गांव में खुशी का माहौल
नगौला गांव, खैर तहसील और आसपास के इलाकों में शिवम की इस सफलता से खुशी है. ग्रामीण एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं और मिठाई बांट रहे हैं. शिवम की ये कामयाबी क्षेत्र के युवाओं के लिए मिसाल बन गई है. छोटे गांव से निकलकर सेना में लेफ्टिनेंट बनना आसान नहीं होता, लेकिन शिवम ने दिखा दिया कि मेहनत और जुनून से सब मुमकिन है.शिवम शर्मा जैसे युवा देश की शान हैं. उनकी कहानी हर उस लड़के-लड़की को प्रेरित करती है जो बड़ा सपना देखता है.
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