सूट-बूट में आए ‘बाबूजी’, पहले महिलाओं से की प्यार भरी बातें, फिर पलक झपकते गहने लेकर हुए रफूचक्कर
Agency:एजेंसियां
Last Updated:
Delhi Crime News: दिल्ली में ‘सूट-बूट वाला गैंग’ महिलाओं को गहने चमकाने के नाम पर ठग रहा था. सरोजिनी नगर पुलिस ने FRS तकनीक से 21 दिसंबर 2025 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. दोनों शातिरों को पकड़ने के लिए पुलिस ने भी काफी शातिर खेल खेला था.
दिल्ली में सूट-बूट गैंग का भंडाफोड़ हुआ है. (एआई इमेज)Suit Boot Gang: क्या आपके दरवाजे पर भी कोई सूट-बूट पहनकर, बढ़िया अंग्रेजी बोलकर और महंगी गाड़ी से उतरकर खड़ा होता है? अगर हां, तो सावधान हो जाइये. दिल्ली की गलियों में ‘सूट-बूट वाला गैंग’ एक्टिव हो चुका है, जो अपनी रईसी दिखाकर भोली-भाली महिलाओं को अपना शिकार बनाता है. हालांकि, दिल्ली पुलिस के साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की सरोजिनी नगर टीम ने अब इन शातिर अपराधियों पर शिकंजा कस दिया है.
17 दिसंबर 2025 घटना के बाद पुलिस एक्टिव हुई. सरोजिनी नगर पुलिस स्टेशन में एक ई-एफआईआर (e-FIR) दर्ज की गई, जिससे इलाके में पुलिस महकमें सनसनी फैला दी. शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि दो व्यक्ति उनके घर आए. वे देखने में किसी बड़ी कंपनी के अधिकारी लग रहे थे. उन्होंने बातों ही बातों में महिला को विश्वास दिलाया कि वे एक नई स्कीम के तहत पुराने गहनों को मुफ्त में नए जैसा चमका सकते हैं.
झांसे में आ गईं महिलाएं
महिला उनके झांसे में आ गई. जैसे ही उसने अपने सोने के पेंडेंट और अंगूठी पॉलिश करने के लिए उन ‘बाबूजी’ जैसे दिखने वाले ठगों के हाथ में दी, उन्होंने बड़ी चालाकी से महिला का ध्यान भटका दिया. वे महिला को किसी बहाने से (जैसे पानी लाने या बर्तन लाने) घर के अंदर भेजने में कामयाब रहे और पलक झपकते ही गहने लेकर रफूचक्कर हो गए.
सूट बूट गैंग के दो अपराधी पुलिस हिरासत में. गहना भी जब्त हो गया है.
पुलिस ने कैसे बिछाया जाल?
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी हेड कांस्टेबल (HC) मुकेश कुमार को सौंपी गई. पुलिस के लिए यह केस आसान नहीं था क्योंकि आरोपी बेहद शातिर थे और अपनी पहचान छुपाने में माहिर थे. पुलिस ने इलाके के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले. जांच में पुलिस ने आधुनिक तकनीक यानी FRS (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) और टेक्निकल सर्विलांस का सहारा लिया. कड़ी मशक्कत और लगातार निगरानी के बाद, पुलिस को उस गाड़ी का सुराग मिल गया जिसका इस्तेमाल ये ठग वारदात को अंजाम देने के लिए करते थे. आखिरकार, 21 दिसंबर 2025 को पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को दबोच लिया.
बरामदगी और खुलासे
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे जानबूझकर पॉश इलाकों और रिहायशी सोसायटियों को निशाना बनाते थे. वे अच्छे कपड़े इसलिए पहनते थे ताकि सिक्योरिटी गार्ड्स या महिलाओं को उन पर शक न हो. पुलिस ने उनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई कार और ठगी से कमाए गए 10 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं.
दिल्ली पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को घर में दाखिल न होने दें, चाहे वह कितना भी सभ्य क्यों न दिख रहा हो. गहने चमकाने या लकी ड्रॉ जैसे प्रलोभनों से बचें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत 112 डायल करें.
About the Author
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें