Dennis Lillee Boxing Day Test aluminium bat controversy: बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में डेनिस लिली का विवाद काफी मशहूर हुआ था जब इस ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने मेटल बैट का इस्तेमाल किया.
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Ashes Boxing Day Test controversy: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज 2025-26 का बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच शुरू हो चुका है. दोनों टीमें सीरीज के इस खास टेस्ट मैच के लिए मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर उतरी है. बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच क्रिसमस के अगले दिन खेला जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं बॉक्सिंग डे टेस्ट पहले 1979 में हुए एक सबसे बड़े विवाद के बारे में.
डेनिस लिली बॉक्सिंग डे टेस्ट बैट विवादनई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच जारी एशेज सीरीज 2025-26 में बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच की शुरुआत हो चुकी है. दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है. सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की टीम 3-0 की अजेय बढ़त बनाकर एशेज को रिटेन कर चुकी है. ऐसे में अब एशेज सीरीज के सबसे टेस्ट में दोनों टीमों की टक्कर हो रही है. चुकि एशेज में बॉक्सिंग डे टेस्ट का खास महत्व रहता है ऐसे में उससे जुड़ी कई किस्से और विवाद की चर्चा भला कैसे ना हो.
उसी में से एक है ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी डेनिस लिली के मेटल बैट का वो बवाल है, जिसकी वजह से आईसीसी को फौरन नियम बदलना पड़ा गया था. ये पूरा मामला साल 1979-80 में हुए बॉक्सिंग टेस्ट से ठीक पहले का है. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 15 दिसंबर 1979 को पर्थ में एशेज सीरीज का मुकाबला शुरू हुआ. इस मैच में जब डेनिस लिली बल्लेबाजी के लिए आए तो उन्होंने एक ऐसे बैट का इस्तेमाल किया जिसके कारण लाइव मैच में हंगामा हो गया.
क्या था डेनिस लिली का एशेज विवाद
एशेज सीरीज 1979 में डेनिस लिली का विवाद उनके बैट को लेकर हुआ था. इंग्लैंड के खिलाफ पर्थ टेस्ट में डेनिस लिली जब बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे उन्हें हाथ में एल्युमिनियम का बल्ला था. हालांकि, डेनिस लिली का ये एक मार्केटिंग स्टंट था, लेकिन इसके कारण खूब बवाल हुआ. दरअसल डेनिस लिली ने अपने एक दोस्त की कंपनी के कॉमबैट नाम के एल्युमिनियम बल्ले का प्रचार करना चाहते थे. उस समय क्रिकेट के नियमों में यह कहीं नहीं लिखा था कि बल्ला केवल लकड़ी का ही होना चाहिए.
पर्थ टेस्ट के दूसरे दिन जब लिली बल्लेबाजी करने उतरे तो उन्होंने इयान बॉथम की गेंद पर एक शॉट खेला. बल्ले से जैसे ही गेंद टकराई एक तेज और अजीब आवाज आई, जिससे मैदान पर मौजूद खिलाड़ी और फैंस भी हैरान रह गए. क्योंकि लकड़ी के बैट से निकली आवाज से वह बिल्कुल अलग थी. इंग्लैंड के कप्तान माइक ब्रेयरली को समझते देर नहीं लगी कि लिली एक मेटल बैट का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में उन्होंने तुरंत अंपायरों से इसकी शिकायत की. इंग्लैंड के कप्तान का तर्क था कि मेटल का बल्ला लेदर की गेंद को खराब कर रहा है और यह खेल की भावना के खिलाफ है.
क्या डेनिस लिली ने बदला था अपना बल्ला
मेटल बैट के इस्तेमाल पर इंग्लैंड के कप्तान ने अंपायर से कड़ी आपत्ति जताई. ऐसे में अंपायरों ने लिली को बल्ला बदलने को कहा, लेकिन डेनिस लिली मानने को तैयार नहीं थे और वह मेटल से खेलने के लिए अड़ गए. इस पूरे घटनाक्रम में करीब 10 मिनट हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ और खेल रुका रहा. आखिर में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चैपल को खुद मैदान पर उतरना पड़ा. ग्रेग चैपल ने जब लिली को डांट लगाई तो वह बैट बदलने के लिए माने और फिर जा कर खेल शुरू हो सका.
इस घटना के बाद डेनिस लिली की दुनिया भर में क्रिकेट का तमाशा बनाने के लिए आलोचना हुई. हालांकि, उनका मार्केटिंग स्टंट सुपरहिट हो गया. इस विवाद के बाद एल्युमिनियम बल्लों की बिक्री अचानक बढ़ गई. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच जब एशेज सीरीज खेला जाता है तो डेनिस लिली मेटल बैट विवाद की चर्चा जरूर होती है.
आईसीसी ने क्या कदम उठाए
डेनिस लिली विवाद के बाद आईसीसी ने फौरन क्रिकेट के नियम में बदलाव किया. घटना से सबक लेते हुए आईसीसी ने साफ तौर पर ये निर्देश जारी किया कि कोई भी खिलाड़ी किसी मेटल बैट का इस्तेमाल नहीं कर सकता है. क्रिकेट बैट सिर्फ और सिर्फ लकड़ी के होंगे. इसके बाद से फिर क्रिकेट बैट में कई तरह के बदलाव देखे गए और नए-नए नियम भी बने, लेकिन एक चीज जो नहीं बदला वह है विलो यानी लकड़ी.
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अक्टूबर 2025 से नेटवर्क 18 समूह में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 9 साल का अनुभव. एबीपी न्यूज डिजिटल में स्पोर्ट्स बीट से करियर की शुरुआत। इंडिया टीवी और नवभारत टाइम्स ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित संस्…और पढ़ें