ठंड में बालाघाट वालों की फेवरेट डिश बीजा भट्टा…स्वाद-सेहत का खजाना, आशा आंटी ने शेयर की सिंपल रेसिपी

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बालाघाट. मध्य प्रदेश का बालाघाट जिला अपनी अलग संस्कृति और खानपान के लिए जाना जाता है. यहां पर ग्रामीण अंचलों में तरह-तरह की भाजियां मिलती हैं लेकिन ठंड के दिन आते ही यहां का जायका और भी शानदार हो जाता है. ठंड के दिनों में बाजार कई तरह की सब्जियों से गुलजार रहता है. ऐसे में यहां के खाने के शौकीन लोग तरह-तरह की सब्जियां खाते हैं. इन सब्जियों में न सिर्फ स्वाद होता है बल्कि ये सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होती हैं. यानी की स्वाद के साथ सेहत का खजाना. एक इसी तरह की सब्जी है, जिसे एमपी में बालाघाट-सिवनी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ ही इलाकों में पकाया और खाया जाता है. दरअसल हम बात कर रहे हैं हर बालाघाटी की फेवरेट बीजा भट्ठा की. यहां पर जितने शौक से बीजा भट्ठा खाई जाती है, उतने शौक से इसे पकाया भी जाता है.

बालाघाट में ठंड के चार महीनों में बीजा भट्ठा खाने को मिलती है. इसे सेम की तरह दिखने वाले पोपट, जिसे अंग्रेजी में लीमा बिंस कहते हैं, उसके बीज और बालाघाट का देशी भट्ठा यानी बैंगन से बनाया जाता है. इसकी सब्जी जितनी सादगी से बनाई जाती है, उसमें स्वाद उतना ही निखरकर आता है. अगर आप एक बार इस सब्जी को खाएंगे, तो उंगलियां चाटते रह जाएंगे.

आशा आंटी ने बताई बीजा भट्ठा की रेसिपी
बालाघाट की रहने वालीं आशा आंटी ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि अगर आप भी बीजा भट्ठा बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आप ताजे देशी भट्टे 250 ग्राम ले लीजिए. दो मीडियम साइज के आलू और सबसे खास चीज करीब आधा किलो पोपट. आधा किलो इसलिए क्योंकि छिलने के बाद ये एक पाव से भी कम हो जाएंगे. इसके साथ ही आप लहसुन के हरे पत्ते, बारीक कटा हुआ प्याज, लहसुन और अदरक का पेस्ट ले सकते हैं और धनिया की जरूरत पड़ेगी.

20 मिनट में तैयार बीजा भट्ठा
बीजा भट्ठा बनाने के लिए आपको सबसे पहले छिले हुए पोपट के बीजों को पानी में हल्का बॉयल करना चाहिए. फिर उसे छानकर अलग कर देना चाहिए. इसके बाद सबसे पहले चूल्हे पर कड़ाही में सरसों का तेल डाल दें. इसमें आप जीरा डाल दें. फिर प्याज और लहसुन अदरक का पेस्ट डालें. इसे थोड़ी देर ऐसे ही धीमी आंच पर पकने दें. फिर पोपट डाल दें और थोड़ी देर पकने के बाद उसमें कटे हुए टमाटर डाल दें. इसके बाद आप सूखे मसाले डाल दें. इसे अच्छे से मिक्स होने दें. फिर ग्रेवी के लिए थोड़ा पानी डाल दें. 20 मिनट के भीतर आपकी सब्जी तैयार हो जाएगी. चूल्हे से उतारने से पहले उसमें हरा धनिया डाल दें.

स्वाद के साथ सेहत का खजाना
बीजा भट्ठा न सिर्फ एक डिश बल्कि बालाघाट के ग्रामीण अंचलों की संस्कृति का अहम हिस्सा है. यहां के लोगों के लिए यह अहम व्यंजन है. लोग इसे चावल के चीले या फिर पके हुए भात के साथ खाते हैं. इससे इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. यह सब्जी जितनी स्वादिष्ट होती है, उतनी पौष्टिक भी है. इसे खाने से प्रोटीन तो मिलता ही है, साथ ही शुगर कंट्रोल में भी मदद मिलती है. वहीं इसमें हाई फाइबर होते हैं, जो पाचन शक्ति को बेहतर बनाते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो दिल की सेहत को बेहतर रखते हैं.

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