‘मेरे पास सिर्फ 3 रास्ते थे’, शरमन जोशी ने इंडस्ट्री में पूरे किए 25 साल, ‘3 इडियट्स’ को लेकर कही ये बात
नई दिल्ली. शरमन जोशी बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर हैं. उन्होंने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की थी और आज वह फिल्मी दुनिया में भी अपनी तगड़ी पहचान बना चुके हैं. उनका करियर का 25 साल लंबा रहा है और इस मौके पर उन्होंने बात करते हुए कहा कि उनके पास करियर के तीन रास्ते थे और उनमें से एक एक्टिंग को चुना. इसके अलावा शरमन जोशाी ने ‘3 इडियट्स’ के 16 साल पूरे होने पर अनुभव साझा किए.
‘गॉडमदर’ ने बदल दी शरमन जोशी की जिंदगी
उन्होंने कहा, ‘फिल्म ‘गॉडमदर’ में मेरा छोटा सा रोल था, लेकिन इसके बाद मेरी जिंदगी बदल गई. मुझे फिल्म ‘स्टाइल’ का मौका मिला. इस फिल्म का ऑफर मेरे पास अचानक से आया. यह मेरे लिए खास अवसर था. उस समय मैं और बाकी कलाकार सभी नए थे और पूरे उत्साह के साथ काम कर रहे थे. उस वक्त की एनर्जी और जुनून अब भी यादों में ताजा है.’
थिएटर केवल अभिनय का माध्यम नहीं
शरमन ने बताया कि उन्हें आज भी फिल्म ‘स्टाइल’ बेहद पसंद है. यह देखकर खुशी होती है कि लोग अब भी इसे याद करते हैं और इसके बारे में बात करते हैं. शरमन ने कहा, ‘थिएटर मेरे करियर का अहम हिस्सा रहा है और मैं इसे हमेशा लगन और जुनून के साथ करता रहा हूं. मैंने अपने थिएटर प्ले ‘राजू राजा राम’ के 100 शो पूरे किए और जनवरी में एक अंग्रेजी में नाटक शुरू करने की योजना बना रहा हूं. मेरा मानना है कि थिएटर केवल अभिनय का माध्यम नहीं, बल्कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो कलाकार को अपनी कला और भावनाओं को गहराई से समझने का अवसर देता है.’
‘3 इडियट्स’ के 16 साल पूरे होने पर कही ये बात
इसके अलावा शरमन ने अपनी पॉपुलर फिल्म ‘3 इडियट्स’ के 16 साल पूरे होने पर भी अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा, ‘जब भी लोग मुझसे मिलते हैं, सबसे पहले उन्हें इस फिल्म का नाम याद आता है, लेकिन स्टाइल का जिक्र भी हमेशा मुझे खुशी देता है. राजकुमार हिरानी ने मुझे ‘स्टाइल’ में देखा और बाद में ‘3 इडियट्स’ में काम करने का मौका दिया. मुझे इस फिल्म में अपने किरदार राजू रस्तोगी की भूमिका के लिए काफी प्रशंसा और प्यार मिला.’
‘3 इडियट्स’ के लिए अब भी मिलता है प्यार
शरमन ने फिल्म के कई यादगार पलों का जिक्र किया, खासकर इंटरव्यू सीन, जिसे शूट करना उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास था. उन्होंने कहा, ‘जब ‘3 इडियट्स’ बनाई जा रही थी, तब मैंने सोचा भी नहीं था कि यह फिल्म इतनी सफल बनेगी. फिल्म की सफलता और लोगों का प्यार अब भी बना हुआ है. यह अनुभव मुझे याद दिलाता है कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और लगन के साथ कोई भी कलाकार अपने सपनों को साकार कर सकता है.’
थिएटर में भी काम करना जरूरी है
उन्होंने अपने 25 साल के करियर के अनुभवों के बारे में बात करते हुए कहा, ‘इस सफर में मुझे कई तरह के अवसर और चुनौतियां मिलीं, और हर अनुभव ने बेहतर कलाकार बनने में मदद की. मेरा मानना है कि केवल फिल्मों में काम करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि थिएटर और अन्य मंचों पर काम करना भी कलाकार के लिए बेहद जरूरी है. यह अभिनय को निखारता है और दर्शकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने का अवसर देता है.’