Baba Vishwanath mandir new guidelines for new year | sparsh darshan vip darshan prohibite at kashi vishwanath temple Until 3rd january | न्यू ईयर को लेकर काशी विश्वनाथ में VIP से लेकर स्पर्श दर्शन तक बंद, जानें 3 जनवरी तक कैसे होंगे बाबा के दर्शन
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न्यू ईयर को लेकर हर जगह उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है. काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रशासन ने न्यू ईयर पर बढ़ती भीड़ को लेकर नए नियम लागू किए हैं, जो 3 जनवरी तक रहेंगे. इन नए नियमों के तहत अब स्पर्श दर्शन के साथ कई तरह के दर्शन अब बंद हो जाएंगे. आइए जानते हैं अब भक्त बाबा विश्वनाथ के किस तरह दर्शन कर पाएंगे…

Baba Kashi Vishwanath Mandir: न्यू ईयर को लेकर अभी से हर जगह उत्साह का माहौल बना हुआ है और लोग घूमने के लिए इधर उधर निकल चुके हैं. इसी वजह से देश भर के मंदिरों में भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है. इसी मौके पर वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है. नववर्ष से पहले भी भक्त दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने प्रोटोकॉल दर्शन पर रोक लगा दी है और अब भक्तों को बाबा विश्वनाथ के झांकी दर्शन ही हो पाएंगे. यह फैसला श्रद्धालु की सुविधा के लिए ही लिया गया है.
काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन बंद
काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और दर्शन को सुलभ बनाने के लिए स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी है. अब दूर से बैरिकेड के जरिए ही भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर पाएंगे. यह रोक शीतकालीन छुट्टियों में बढ़ती भीड़ की वजह से लगाई गई है. प्रशासन की तरफ से जारी जानकारी में कहा गया है कि मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ देखी जा रही है.
25 दिसंबर से लागू किए गए नियम
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुविधापूर्वक दर्शन के लिए प्रशासन की तरफ से कुछ निर्णय लिए गए हैं, जिन्हें 25 दिसंबर से लागू किया गया है. इसमें प्रोटोकॉल दर्शन पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया गया है. अब भक्त सुरक्षा में लगे बैरिकेड से ही बाबा विश्वनाथ के झांकी दर्शन करेंगे. उन्होंने भक्तों से अपील की है कि सभी मंदिर प्रशासन का सहयोग करें और बिना धक्का-मुक्की के आराम से दर्शन करें. यह नियम 3 जनवरी तक लागू रहेंगे और उसके बाद काशी विश्वनाथ के पहले जैसे दर्शन कर पाएंगे.
भक्तों की सुरक्षा को लेकर फैसला
मंदिर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दर्शन के लिए किसी विशेष प्रकार की सुविधा नहीं दी जाएगी. भीड़ को देखते हुए वीआईपी दर्शन पर भी रोक लगा दी गई है. प्रशासन की मानें तो साल के आखिरी दिन और नए साल के पहले दिन मंदिर में 6 लाख तक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. भक्तों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और मंदिर समिति की तरफ से कई चेकिंग पाइंट्स भी बनाए गए हैं. परिसर के अंदर और बाहर भी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई. हर तरह की परेशानी से निपटने के लिए सुरक्षाकर्मी मदद के लिए तैनात हैं.
मोक्ष की प्राप्ति का धाम काशी
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का स्थान सनातन धर्म में अत्यंत ही पावन और अलौकिक माना गया है. यह भगवान शिव का वह स्वरूप है जहां स्वयं महादेव विश्वनाथ रूप में विराजमान हैं और माता गंगा उनके चरणों में प्रवाहित होती हैं. शास्त्रों में कहा गया है काश्यां मरणान्मुक्तिः अर्थात काशी में जीवन का अंत होने पर जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है. माना जाता है कि यहां स्वयं भगवान शिव कान में तारक मंत्र का उपदेश देते हैं. काशी विश्वनाथ के दर्शन मात्र से जन्म-जन्मांतर के संचित पाप नष्ट होते हैं. स्कंद पुराण में वर्णन है कि काशी में किया गया शिव पूजन सहस्र यज्ञों के समान फल देता है.
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मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें