25 दिसंबर: 1 हीरो की वो 2 फिल्में, जिनकी आंधी में उड़ गया था बॉक्स, एक्शन vs कॉमेडी-ड्रामा, बदली बॉलीवुड की तकदीर
Last Updated:
25 दिसंबर हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसी तारीख है, जब एक ही सुपरस्टार ने दो अलग-अलग फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर तूफान ला दिया था. एक तरफ जबरदस्त एक्शन और बदले की आग से भरी कहानी थी, तो दूसरी ओर हंसी, दोस्ती और सोच को झकझोरने वाला कॉमेडी-ड्रामा… दोनों फिल्मों का जॉनर अलग था, लेकिन असर एक जैसा-रिकॉर्ड टूटे, नए बेंचमार्क बने और बॉलीवुड की कमाई व कंटेंट की दिशा बदल गई. यह मुकाबला सिर्फ एक्शन बनाम कॉमेडी नहीं था, बल्कि यह दिखाने वाला पल था कि सही कहानी और दमदार अभिनय मिल जाए तो एक ही हीरो इंडस्ट्री की तकदीर बदल सकता है.

नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा में 25 दिसंबर सिर्फ क्रिसमस नहीं, बल्कि बॉक्स ऑफिस के इतिहास की एक खास तारीख भी है. इस दिन रिलीज हुई एक ही हीरो की दो फिल्मों ने कई रिकॉर्ड तोड़ के रख डाले. इस एक्टर ने दिखा दिया कि एक ही हीरो एक साल के अंतर में दर्शकों को दो बिल्कुल अलग दुनिया में ले जा सकता है. एक तरफ जहां दिमाग, दोस्ती और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती कहानी थी, वहीं दूसरी ओर बदले की आग, याददाश्त और एक्शन से भरी थ्रिलर. दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही फिल्मों का असर आज भी वैसा ही महसूस किया जाता है.

ये फिल्में न सिर्फ कमर्शियल सक्सेस बनीं, बल्कि बॉलीवुड के बिजनेस मॉडल को भी नई दिशा दी. ये दोनों फिल्में कोई और नहीं बल्कि ‘गजनी’ और ‘3 इडियट्स’. इन दोनों फिल्मों में आमिर खान लीड रोल में नजर आए. दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया था. फोटो साभार-@IMDb

साल 2008 में आई फिल्म ‘गजनी’, जो एक इंटेंस साइकोलॉजिकल एक्शन-थ्रिलर फिल्म है. जिसमें बदले की कहानी को शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस जैसे कॉन्सेप्ट के साथ दिखाया गया. यह फिल्म भावनाओं से ज्यादा एड्रेनालिन पर चलती है. ये एक तमिल रीमेक थी, जिसने आमिर को एक्शन हीरो के रूप में पेश किया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

निर्देशक ए.आर. मुरुगादॉस की यह फिल्म एक अमीर बिजनेसमैन की कहानी है, जो अम्नेशिया (याददाश्त की बीमारी) से जूझते हुए अपनी प्रेमिका की हत्या का बदला लेता है. आमिर ने ‘संजय सिंहानिया’ का किरदार निभाया, जहां उन्होंने बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन के लिए सिक्स-पैक एब्स बनाए .

आमिर ने फिल्म का वजन 68 किलो से बढ़ाकर 85 किलो किया और फिर घटाया. यह रोल उनकी फिजिकल डेडिकेशन को दिखाता है. फिल्म में एसिन, जिया खान और प्रदीप रावत जैसे सितारे थे. गाने जैसे ‘गुजारिश’ और ‘कैसे मुजे’ हिट हुए, संगीत ए.आर. रहमान का था.

गजनी में आमिर खान का फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन चर्चा का विषय बना. सिक्स-पैक एब्स, गुस्से से भरी आंखें और दर्द से लथपथ किरदार…यह उस दौर का सबसे शॉकिंग बदलाव माना गया. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी करिश्मा किया. ये पहली हिंदी फिल्म बनी जिसने भारत में 100 करोड़ क्लब में एंट्री की. उस दौर में यह आंकड़ा खुद में एक बेंचमार्क था.

इसके ठीक एक साल बाद यानी 2009 में आई ‘3 इडियट्स’. राजकुमार हिरानी की डायरेक्शन में बनी ये फिल्म चेतन भगत के उपन्यास ‘फाइव पॉइंट समवन’ पर आधारित थी. यह तीन दोस्तों रैंचो (आमिर), फरहान (आर. माधवन) और राजू (शरमन जोशी) की कहानी है, जो इंजीनियरिंग कॉलेज में एजुकेशन सिस्टम की खामियों पर सवाल उठाते हैं.

फिल्म की थीम ‘पैशन फॉलो करो, सक्सेस आएगी’ पर फोकस थी. करीना कपूर, बोमन ईरानी जैसे कलाकारों ने सपोर्ट किया. आमिर ने 44 साल की उम्र में 22 साल के स्टूडेंट का रोल किया, जो उनकी वर्सेटिलिटी दिखाता है. संगीत शांतनु मोइत्रा का था, गाने जैसे ‘ऑल इज वेल’ और ‘जाने नहीं देंगे’ आज भी पॉपुलर हैं.

3 इडियट्स ने 6 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जीते, जिसमें बेस्ट फिल्म, डायरेक्टर और स्क्रीनप्ले शामिल, साथ ही 3 नेशनल अवॉर्ड्स – बेस्ट पॉपुलर फिल्म, बेस्ट लिरिक्स और ऑडियोग्राफी. इस सिर्फ इस रिकॉर्ड को तोड़ा, बल्कि कमाई की परिभाषा ही बदल दी. फिल्म ने भारत और ओवरसीज मिलाकर करीब 460 करोड़ का बिजनेस किया और कई साल तक सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी रही.

यह पहली फिल्म थी जिसने 200 करोड़ क्लब खोला. 170 मिनट की यह फिल्म लंबे समय तक थिएटर्स में चली, खासकर चीन में जहां इसे 2011 में रिलीज कर 100 करोड़ से ज्यादा कमाए.