100 करोड़ पार करते ही, गुजराती फिल्म के मेकर्स ने अब लिया बड़ा फैसला, बॉक्स ऑफिस फिर से मचेगा गदर!
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10 अक्टूबर 2025 को रिलीज हुई इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस जर्नी असाधारण रही. सीमित बजट में बनी यह फिल्म धीरे-धीरे दर्शकों के बीच लोकप्रिय होती गई ‘लालो- कृष्ण सदा सहायते’ ने गुजराती सिनेमा में 100 करोड़ से ज्यादा कमाए. अब 9 जनवरी 2026 को हिंदी में रिलीज होगी.
फिल्म की कहानी विश्वास, भाग्य और मुक्ति की है. नई दिल्ली. गुजराती सिनेमा ने इतिहास रचने के बाद अब ‘लालो- कृष्ण सदा सहायते’ अब हिंदी में रिलीज होने जा रही है. 10 अक्टूबर 2025 को गुजराती में रिलीज हुई यह डेवोशनल ड्रामा फिल्म अब 9 जनवरी 2026 को पूरे देश में हिंदी भाषा में थिएटरिकल रिलीज होगी. आध्यात्मिकता और मानवीय संघर्ष पर आधारित यह फिल्म पहले ही गुजरात में लोगों ने काफी पसंद की. गुजराती बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन इस फिल्म ने किया था.
फिल्म की कहानी एक साधारण रिक्शा चालक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पारिवारिक जिम्मेदारियों, बीते हुए कल और जीवन की मजबूरियों से जूझ रहा है. परिस्थितियों में फंसा लालो जब पूरी तरह टूटने लगता है, तभी उसके जीवन में आस्था का एक अनोखा मोड़ आता है. यहीं से शुरू होती है एक गहरी आंतरिक यात्रा, जहां डर, उम्मीद, आत्मसंघर्ष और विश्वास आमने-सामने खड़े नजर आते हैं. फिल्म न सिर्फ बाहरी घटनाओं को दिखाती है, बल्कि लालो के मन और आत्मा में चल रहे द्वंद्व को भी बेहद संवेदनशील तरीके से सामने रखती है.
पहली गुजराती फिल्म, जिसने 100 करोड़ क्लब में ली एंट्री
10 अक्टूबर 2025 को रिलीज हुई इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस जर्नी असाधारण रही. सीमित बजट में बनी यह फिल्म धीरे-धीरे दर्शकों के बीच लोकप्रिय होती गई और तीसरे हफ्ते के बाद इसकी रफ्तार चौंकाने वाली रही. यह पहली गुजराती फिल्म बनी जिसने 100 करोड़ क्लब में एंट्री ली. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी 7.25 करोड़ रुपये की कमाई की. 300 शोज से शुरू होकर 3000 से ज्यादा शोज तक पहुंचना और लाखों दर्शकों का जुड़ना, क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक दुर्लभ उदाहरण है.
गुजरात की सबसे बड़ी हिट
निर्देशक अंकित सखिया ने कहा, ‘लालो एक साधारण कहानी है. लेकिन, अंधेरे में भगवान कृष्ण का मार्गदर्शन इसकी आत्मा है. छोटे बजट से शुरू हुई फिल्म गुजरात की सबसे बड़ी हिट बन गई. अब हिंदी में इसे देशभर तक पहुंचाने का इंतजार है. यह विश्वास और आंतरिक जागरण की यूनिवर्सल भाषा बोलती है.’
135 मिनट है फिल्म
अंकित ने फिल्म को क्रुशांश वाजा और विकी पूर्णिमा के साथ लिखा है. फिल्म का संगीत स्मित जय का है, सिनेमेटोग्राफी शुभम गज्जर ने की है और एडिटिंग क्रुशांश वाजा व अंकित सखिया ने की. 135 मिनट की यह फिल्म शुभम गज्जर (क्रिएटिव प्रोड्यूसर), अजय पडारिया और जय व्यास द्वारा प्रोड्यूस की गई है, जबकि मैनिफेस्ट फिल्म्स प्रेजेंट कर रही है.
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शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें