50+ वैरायटी, यूनिक फ्लेवर और देसी टच! आत्मनिर्भरता की मिसाल बना यह डोसा स्टार्टअप, मिला अनोखा स्वाद – Chhattisgarh News
Singhadi Dosa In Ambikapur: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के जशपुर जिले के बगीचा निवासी 12वीं पास युवक इन दिनों अंबिकापुर शहर में किराए के मकान में रहकर अपना नया स्टार्टअप शुरू किया है. युवक ने चार साल तक मुंबई में डोसा बनाने का काम सीखा और अनुभव हासिल करने के बाद अब अंबिकापुर में फैंसी डोसा की शुरुआत की है, जिसे “सिंघड़ी डोसा” के नाम से जाना जा रहा है. जो मुंबई का फेमस डोसा है, यहां ग्राहकों को 50 से अधिक प्रकार के डोसे अपनी पसंद के अनुसार उपलब्ध कराए जा रहे हैं. खासकर सिम्बा डोसा और मटका ग्रेवी की मांग सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है. स्टार्टअप की शुरुआत में ही युवक को प्रतिदिन करीब 2,000 से 3,000 रुपये की आमदनी हो रही है।परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और घर की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाकर युवक ने यह कदम उठाया है. संघर्ष और मेहनत के बल पर कुछ कर दिखाने की चाह रखने वाले इस युवक की कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है.यह स्टार्टअप यह संदेश देता है कि अगर हौसला मजबूत हो तो सीमित संसाधनों में भी सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है. देखिए संघर्ष, मेहनत और आत्मनिर्भरता से भरी इस युवा की प्रेरक स्टार्टअप कहानी. देखिए ये रिपोर्ट
मुंबई से ली ट्रेनिंग
किशोर यादव ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उन्होंने मुंबई के बांद्रा इलाके से डोसा बनाने की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली है. वे पिछले 4 वर्षों से डोसा के फील्ड में काम कर रहे हैं. अनुभव और ट्रेनिंग के बाद उन्होंने खुद का स्टार्टअप शुरू करने का फैसला लिया.
50 से ज्यादा वैरायटी
किशोर यादव के सिंगड़ी डोसा स्टॉल पर ग्राहकों को 50 से अधिक वैरायटी के डोसा मिलते हैं. डोसा की कीमत ₹40 से शुरू होकर ₹250 तक जाती है, जिससे हर वर्ग के लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार डोसा का आनंद ले सकते हैं. सिंगड़ी डोसा के मेन्यू में मसाला डोसा, चीज मसाला डोसा, मैसूर मसाला, ओपन चीज मैसूर, चीनी डोसा, पिज्जा डोसा, चॉकलेट डोसा, मटका ग्रेवी डोसा, सिम्बा डोसा समेत कई यूनिक और फैंसी . शामिल हैं.
सिम्बा और मटका ग्रेवी डोसा की सबसे ज्यादा डिमांड
किशोर यादव ने बताया कि ग्राहकों के बीच सिम्बा डोसा और मटका ग्रेवी डोसा सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं. मटका ग्रेवी डोसा में खास पनीर ग्रेवी मटके के अंदर सर्व की जाती है, जिसके ऊपर डोसा रखा जाता है। यह डोसा सेपरेट सर्विंग में भी उपलब्ध है, जो इसे और खास बनाता है.
शुरुआत में ₹2000–₹3000 की रोजाना कमाई
फिलहाल यह स्टार्टअप नया है. किशोर के अनुसार, शुरुआती दौर में उन्हें रोजाना ₹2000 से ₹3000 तक की कमाई हो रही है। उन्होंने कहा कि अभी ज्यादा मुनाफा नहीं हो रहा, लेकिन लोगों के प्यार, सपोर्ट और आशीर्वाद से वे आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह आशान्वित हैं.
परिवार की जिम्मेदारी कंधों पर जानिए कैसे
किशोर यादव ने बताया कि वे 12वीं पास हैं. आर्थिक स्थिति कमजोर होने और परिवार की जिम्मेदारियों के चलते वे आगे की पढ़ाई नहीं कर सके. उनके परिवार में माता-पिता, दादा-दादी और एक भाई हैं. घर की जिम्मेदारी काफी हद तक उन्हीं पर है, हालांकि परिवार का उन्हें पूरा सहयोग मिलता है.
किराए पर रहकर अंबिकापुर में चला रहे स्टार्टअप
फिलहाल किशोर यादव अंबिकापुर में किराए के मकान में रहकर अपना सिंगड़ी डोसा स्टार्टअप चला रहे हैं. उन्हें अंबिकापुर आए हुए करीब एक महीना हुआ है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि एक बार उनके फैंसी डोसा को जरूर ट्राई करें.