दूसरों का घर जलाकर हाथ सेंक रहे ट्रंप! बर्बाद कर दी ग्लोबल इकनॉमी, तब आया अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ में उछाल
नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल जनवरी में पद संभालने के बाद दुनिया के साथ क्या किया, यह किसी से छुपा नहीं है. पहले तो टैरिफ के नाम पर सभी देशों को महीनों तक धमकाया और फिर उन पर नया आयात शुल्क ठोक दिया. डर के मारे कई देशों ने अमेरिका की शर्तों पर व्यापार समझौते तक कर लिए. इस तरह, अमेरिका की इकनॉमी को उठाने के लिए उन्होंने दुनिया के तमाम देशों की विकास दर धीमी कर दी. इसका फायदा अमेरिका को हुआ और अक्टूबर तिमाही में उसकी जीडीपी ग्रोथ 2 साल में सबसे तेज रही है.
अमेरिका की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल की तीसरी तिमाही में देश की विकास दर 2 साल में सबसे ज्यादा रही है. वस्तुओं और सेवाओं के सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर तीसरी तिमाही में 4.3 फीसदी रही है, जो ब्लूमबर्ग की ओर से पहले लगाए गए 3.8 फीसदी अनुमान से भी ज्यादा है. ब्यूरो ऑफ इकनॉमिक एनालिसिस ने बताया है कि इस साल तीसरी तिमाही की विकास दर पिछले 2 साल में सबसे ज्यादा रही है.
30 अक्टूबर को आनी थी रिपोर्ट
पहले तो अमरिका की विकास दर के आंकड़े 30 अक्टूबर को ही आने थे, लेकिन सरकारी शटडाउन की वजह से इन आंकड़ों को जारी करने में देरी हुई. आर्थिक आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका ने देर से ही सही, लेकिन इकनॉमिक मोमेंटम पकड़ लिया है. सबसे ज्यादा असर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर की वजह से दिखा है. हालांकि, यह कयास भी लगाए जा रहे कि शटडाउन की वजह से चौथी तिमाही की विकास दर में गिरावट आ सकती है, जो साल 2026 में दोबारा ग्रोथ के रास्ते पर लौट आएगी. कयास लगाए जा रहे कि नए वित्तवर्ष में लोगों को टैक्स रिफंड मिलेगा और सुप्रीम कोर्ट अमेरिकी टैरिफ पर अंकुश लगा सकता है, जिससे जीडीपी की विकास दर फिर से पटरी पर लौट आएगी.
फेड रिजर्व की पॉलिसी बनेगी मददगार
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का अनुमान और उसकी नीतियां विकास दर बढ़ाने में काम आ सकती हैं. चेयरमैन जेरोम पॉवेल इस समय विकास दर को सपोर्ट करने वाली पॉलिसी पर जोर दे रहे हैं, जिससे ग्रोथ को गति मिलेगी. उनका पूरा जोर एआई डाटा सेंटर पर खर्च बढ़ाने, घरेलू खपत में इजाफा करने पर है, ताकि अगले साल के लिए विकास दर को और गति दी जा सके. हालांकि, इस बात की संभावना सबसे ज्यादा है कि 2026 में फेड रिजर्व सिर्फ एक बार ही रेट में कटौती कर सकता है, जो इस साल तीन बार हुई है.
महंगाई आज भी चिंता का सबब
अमेरिका की विकास दर भले ही गति पकड़ रही है, लेकिन महंगाई ने आज भी नाक में दम कर रखा है, जो 2 फीसदी के तय लक्ष्य से ज्यादा है. खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 2.9 फीसदी पहुंच गई है, जबकि ग्रोथ इंजन में सबसे ज्यादा भूमिका निभाने वाली उपभोक्ता खपत की दर 3.5 फीसदी है. यह दिखाता है कि सेवाओं और यात्राओं के मोर्चे पर किस कदर तेजी आ रही है. अमेरिका में कारोबार विस्तार की दर अभी 2.8 फीसदी पर आ गई है, जो कंप्यूटर उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाती है. हालांकि, इन सभी के बीच डाटा सेंटर पर निवेश रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया है.
बिजनेस उपकरणों की खरीद घटी
सरकारी आंकड़ों से साफ दिखता है कि अमेरिका में कारोबारी उपकरणों के ऑर्डर में अक्टूबर में जारी पूर्वानुमानों से भी ज्यादा की गिरावट आई है. हालांकि, इसी दौरान नॉन डिफेंस कैपिटल गुड्स जिसमें एयरक्राफ्ट भी शामिल हैं और जीडीपी में बड़ी भूमिका भी निभाते हैं, उनका आंकड़ा अनुमान से भी ज्यादा मजबूत है. यह दिखाता है कि चौथी तिमाही में इसके आंकड़े नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं. औद्योगिक उत्पादन और विनिर्माण की गतिविधियों के अक्टूबर और नवंबर के आंकड़े जल्दी ही जारी होंगे.
कितना पहुंचा देश का निर्यात
अमेरिका का निर्यात भी बढ़कर जीडीपी का 1.6 फीसदी पहुंच गया है. साल की पहली छमाही में यह आंकड़े काफी कम थे. इन आंकड़ों को बनाने के लिए वस्तु और सेवाओं के उन डाटा को हटा दिया जाता है, जो अमेरिका में नहीं पैदा होते लेकिन जीडीपी की गणना करने में इस्तेमाल होता है. हालांकि, अभी इनके अंतिम आंकड़े आने बाकी हैं, जो उपभोक्ताओं की डिमांड और बिजनेस निवेश को भी शामिल करेगा. अनुमान है कि इसका आंकड़ा करीब 3 फीसदी तक पहुंच सकता है.
घरेलू कमाई भी बढ़ेगी
सरकार आर्थिक गतिविधियों से जुड़े और भी आंकड़े जल्द जारी करेगी, जिसमें सकल घरेलू इनकम बढ़कर 2.4 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि दूसरी तिमाही में इसके आंकड़े संशोधित होकर 2.6 फीसदी हो सकता है. दूसरी ओर, वस्तु एवं सेवाओं की ग्रोथ रेट भी इस पूरे साल में तेज रहने का अनुमान है. पिछले दिनों चीन की विकास दर भी 6 फीसदी के आसपास बताई गई थी.