Delhi LG Vinai Saxena Writes Letter To Arvind Kejriwal Air Pollution | केजरीवाल ने एलजी का नंबर ब्लॉक किया? 15 पेज के पत्र में सक्सेना ने खोले राज, सुनाई खरी-खरी

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नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 पेज का एक विस्तृत पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने केजरीवाल के ‘दोहरे चरित्र’ और ‘सफेद झूठ’ की पोल खोली है. इस पत्र में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि केजरीवाल ने चुनाव हारने के बाद एलजी का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया है. एलजी सक्सेना ने आरोप लगाया कि केजरीवाल प्रदूषण को केवल ‘मीडिया का शोर’ मानते थे जो 15-20 दिनों में शांत हो जाता है. उन्होंने केजरीवाल पर पिछले 11 सालों में दिल्ली को बर्बाद करने और ‘आपराधिक निष्क्रियता’ का आरोप लगाया है. यमुना की गंदगी से लेकर कूड़े के पहाड़ों तक, एलजी ने हर मुद्दे पर केजरीवाल को घेरा है.

क्या केजरीवाल ने सच में एलजी का नंबर ब्लॉक कर दिया और प्रदूषण को मीडिया का ड्रामा बताया

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अपने पत्र में एक बेहद गंभीर और निजी वाकये का जिक्र किया है. उन्होंने लिखा कि केजरीवाल ने उनसे संपर्क तोड़ने के लिए उनका फोन नंबर तक ब्लॉक कर दिया है. एलजी ने पत्र में उस बातचीत का भी खुलासा किया जब उन्होंने केजरीवाल से प्रदूषण पर सवाल किया था. सक्सेना के मुताबिक, केजरीवाल ने उनसे कहा था, ‘सर, यह हर साल होता है. 15–20 दिन मीडिया इसको उठाती है. एक्टिविस्ट और अदालतें इसका मुद्दा बनाते हैं और फिर सब भूल जाते हैं. आप भी इस पर ज्यादा ध्यान मत दीजिए.’ एलजी ने इसे केजरीवाल की संवेदनहीनता का सबसे बड़ा सबूत बताया है. उनका कहना है कि इसी सोच के कारण आज दिल्ली गैस चैंबर बन गई है और लोग सांस लेने को तरस रहे हैं.

क्या 11 साल में एक भी अस्पताल नहीं बना और बिना फेस्टिवल हुए करोड़ों विज्ञापन में फूंक दिए?

एलजी ने अपने पत्र में केजरीवाल सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और झूठे प्रचार की भी कलई खोली है. उन्होंने लिखा कि पिछले 11 सालों में केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की जनता के लिए एक भी नया हॉस्पिटल नहीं बनवाया. इतना ही नहीं, जब अस्पतालों में बेड बढ़ाने के लिए 600 करोड़ रुपये की जरूरत थी तो मना कर दिया गया. वहीं दूसरी तरफ, 5 सालों में विज्ञापनों पर 2500 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए गए. एलजी ने ‘शॉपिंग फेस्टिवल’ का जिक्र करते हुए लिखा कि यह फेस्टिवल कभी हुआ ही नहीं. लेकिन इसके प्रचार और विज्ञापनों पर सरकार ने 8.12 करोड़ रुपये खर्च कर दिए. सक्सेना ने आरोप लगाया कि करीब 450 निजी व्यक्तियों को गैर-कानूनी ढंग से सरकारी पदों पर नियुक्त किया गया था.

क्या यमुना और कूड़े के पहाड़ों को देखने कभी नहीं गए केजरीवाल, क्यों रोकीं विकास की अहम परियोजनाएं?

पत्र में एलजी ने केजरीवाल पर दिल्ली की जमीनी हकीकत से दूर रहने का आरोप लगाया है. उन्होंने लिखा कि 11 साल सीएम रहने के बावजूद केजरीवाल ने कभी भी भलस्वा, गाजीपुर या ओखला स्थित कूड़े के पहाड़ों को नजदीक से जाकर नहीं देखा. यमुना की सफाई के नाम पर सिर्फ राजनीति हुई. सीवर लाइनें और नाले एक दशक से साफ नहीं हुए जिससे शहर में जलभराव की स्थिति बनी. एलजी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा फंड की गई ई-बसों को सिर्फ इसलिए रोका गया क्योंकि केजरीवाल उन पर अपनी फोटो लगवाना चाहते थे. इसके अलावा मेट्रो फेज-4 और आरआरटीएस (RRTS) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जानबूझकर लटकाया गया.

आखिर एलजी ने केजरीवाल को खत में कौन से दो शेर लिखकर आईना दिखाने की कोशिश की है?

उपराज्यपाल ने अपने पत्र के अंत में शायराना अंदाज में केजरीवाल पर तंज कसा है. उन्होंने केजरीवाल के व्यवहार और दोहरेपन को उजागर करने के लिए दो मशहूर शेर लिखे. एलजी ने लिखा- ‘जब किसी से कोई गिला रखना, सामने अपने आईना रखना.’ इसके जरिए उन्होंने केजरीवाल को अपनी गलतियों में झांकने की नसीहत दी. इसके अलावा, चुनाव के बाद मुलाकात न करने और नंबर ब्लॉक करने पर उन्होंने लिखा- ‘मिलना जुलना जहां जरूरी हो, मिलने जुलने का हौसला रखना.’ एलजी का कहना है कि वे यह पत्र लिखना नहीं चाहते थे. लेकिन जनता के सामने बनाई गई केजरीवाल की झूठी छवि को तोड़ना जरूरी था. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही असली जज होती है और उसे सच जानने का हक है.

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