रामपुर में बनता है कमाल का समोसा, 25 सालों से है बादशाहत, दिल्ली-हरियाणा तक है फेमस – Uttar Pradesh News
Last Updated:
Rampur Famous Samosa: रामपुर के शाहबाद तहसील में श्री राम स्वीट्स का आलू समोसा खास पहचान बना चुका है. 25 साल से रोहित कुमार राम सादा मसाले से बने समोसे बेच रहे हैं. 8 रुपये में मिलने वाले इन समोसों की रोज़ 5–6 हजार बिक्री होती है, दूर-दूर से लोग खाने आते हैं.
रामपुर की तहसील शाहबाद में अगर आप कभी चंदौसी चौराहा डाक खाने के पास जाएं, तो आपको वहां हमेशा एक अलग ही माहौल नजर आएगा. लोगों की भीड़ सुबह से ही दुकानों के पास खड़ी रहती है और सबसे ज्यादा भीड़ श्री राम स्वीट्स के सामने रहती है. खास बात यह है कि यहां जो समोसा बिकता है वह सिर्फ आलू का होता है, लेकिन स्वाद ऐसा कि लोग बार-बार खाने आते हैं. दुकान के ओनर रोहित कुमार राम बताते हैं कि वह पिछले 25 सालों से यही समोसे बना रहे हैं.
रोहित का कहना है कि उनका समोसा बिल्कुल सादा और सिंपल है. इसमें कोई भी तरह का अजीब सा फ्लेवर नहीं, सिर्फ आलू भरकर घर पर तैयार किए गए मसाले का इस्तेमाल करते हैं. मसालों को वह खुद घर पर तैयार करते हैं ताकि स्वाद हमेशा ताज़ा और बढ़िया रहे समोसे को तलने के लिए रोहित बढ़िया और साफ तेल का इस्तेमाल करते हैं जिससे समोसा कुरकुरा और स्वादिष्ट बनता है.
25 साल पहले जब उन्होंने समोसा बेचना शुरू किया था तब इसकी कीमत मात्र 1 रुपए थी आज वही समोसा 8 रुपए में बिकता है, लेकिन इसके बावजूद भीड़ कम नहीं होती. दिनभर यहां लगभग 5 से 6000 समोसे बिक जाते हैं. यह संख्या बताती है कि कितने लोग हर रोज़ इस स्वाद का मज़ा लेने आते हैं. केवल रामपुर के लोग ही नहीं बल्कि दिल्ली, हरियाणा, मुरादाबाद, बरेली और बिजनौर के लोग भी यहां से गुजरते हुए समोसे खाते हैं और लोग अपने लिए तो कोई परिवार और दोस्तों के लिए भी समोसे खरीदकर पैक कराके भी ले जाते हैं.
दुकान की खास बात यह है कि यह रोड के किनारे है इसलिए लोग वही खड़े होकर गर्मागर्म समोसा खाते हैं . यह समोसा न केवल रामपुर में बल्कि आसपास के जिलों में भी पहचान बना चुका है. रोहित के अनुसार वह हमेशा यह कोशिश करते हैं कि समोसा पुराने तरीके और स्वाद के साथ ही बनाया जाए. जिससे लोग रोज़ाना का स्वाद हमेशा याद रखें.
About the Author
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें