निमाड़ की स्पेशल तुवर कचोरी, सर्दियों का स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता, कम खर्च पर 3 घंटे में होगी तैयार

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Tuvar Kachori Recipe: एमपी के निमाड़ क्षेत्र में सर्दी की दस्तक के साथ तुवर की फल्ली बाजार में सस्ते दामों पर उपलब्ध होने लगती है. बुरहानपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में लोग ठंड के दिनों में तुवर के दाने की कचोरी बनाकर नाश्ता या चाय के साथ चखना पसंद करते हैं. यह कुरकुरी, मसालेदार और पौष्टिक डिश न केवल स्वादिष्ट है. सर्दी-जुकाम में भी फायदेमंद मानी जाती है.

लोकल 18 की टीम ने जब स्थानीय महिलाओं से बात की तो कचोरी बनाने वाली फुला बाई ने बताया, यह पारंपरिक व्यंजन निमाड़ की संस्कृति का हिस्सा है. “तुवर की फल्ली आते ही घर-घर में कचोरी बनती है. यह खाने में इतनी स्वादिष्ट लगती है. इसको बच्चे-बूढ़े सब पसंद करते हैं. घर पर आसानी से 3 घंटे में तैयार हो जाती है.

कचोरी प्रोटीन से भरपूर
निमाड़ क्षेत्र में तुवर दाने की कचोरी का क्रेज इसलिए भी है, क्योंकि यह सस्ती और पौष्टिक है. तुवर के दाने प्रोटीन से भरपूर होते हैं, जो सर्दियों में ऊर्जा प्रदान करते हैं. महिलाओं के अनुसार, बाजार से ताजी फल्ली लाकर दाने निकालना ही सबसे मजेदार हिस्सा है. फुला बाई ने बताया, “हम लोग इसे त्योहारों या मेहमानों के लिए भी बनाते हैं. मसाला इतना तीखा-स्वादिष्ट होता है कि एक बार खाने पर दोबारा मन करे.” स्थानीय बाजारों में तुवर फल्ली 50-60 रुपये किलो मिल रही है, जिससे 20-25 कचौरियां बन जाती हैं.

घर पर तुवर दाने की कचोरी बनाने की आसान विधि
यदि आप भी बुरहानपुर की इस स्पेशल कचोरी को घर पर ट्राय करना चाहें, तो फुला बाई की सलाह मानें. सामग्री (10-12 कचौरियों के लिए): 1 किलो तुवर फल्ली (दाने निकालकर 200 ग्राम), 250 ग्राम मैदा, 2 चम्मच जीरा, 4-5 हरी मिर्चियां, 1 मुट्ठी धनिया पत्ती, नमक स्वादानुसार, 1 चम्मच हल्दी, तेल तलने के लिए।

1. तुवर दाने तैयार करें: तुवर फल्ली को छीलकर दाने निकाल लें. इन्हें अच्छे से धोकर मिक्सर में हल्का-मोटा पीस लें. पीसे दानों में जीरा, बारीक कटी हरी मिर्च, धनिया, हल्दी, नमक और थोड़ा तेल डालकर मध्यम आंच पर भूनें. जब मसाला सूखकर चटपटा हो जाए, तो ठंडा होने दें. यह आपका स्टफिंग मसाला तैयार.

2. मैदे का आटा गूंथें: मैदे में नमक, थोड़ा तेल और पानी डालकर नरम आटा गूंथ लें. इसे ढककर 1-2 घंटे रख दें, ताकि फूल जाए.

3. कचौरी बांधें: आटे की लोई लें, हथेली पर चपटा करें. बीच में 1 चम्मच मसाला भरें, किनारों को बंद कर गोल बॉल बना लें. हल्के हाथ से दबाकर चपटा करें.

4. तलें और सर्व करें: कढ़ाई में तेल गर्म करें (मध्यम आंच). कचौरियों को डालकर सुनहरे-कुरकुरे होने तक तलें (5-7 मिनट). निकालकर पेपर पर रखें ताकि तेल सोख जाए. चाय या दही के साथ सर्व करें.

यह रेसिपी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सर्दियों में पाचन के लिए भी अच्छी है. फुला बाई ने सलाह दी, “मसाला ज्यादा न भूनें, वरना कड़वा हो जाएगा. ताजा तुवर से ही बनाएं.” बुरहानपुर की गलियों में यह कचोरी की खुशबू सर्दी को और मजेदार बना देती है.

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