बॉलीवुड की वो जोड़ी, जिसने साथ मिल कर दी 11 सुपरहिट फिल्में, फिर 1 झटके में हीरोइन ने बनाई थी हीरो से दूरी
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Happy Birthday Govinda: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनका जन्म आज ही के दिन यानी 21 दिसंबर 1963 में मुंबई में हुआ था. गोविंदा अपने जमाने के मशहूर अभिनेता थे, लेकिन वक्त के साथ-साथ किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और देखते ही देखते वह फिल्मों से दूर होते चले गए. गोविंदा को आखिरी बार बड़े पर्दे पर साल 2019 में आई डिजास्टर फिल्म ‘रंगीला राजा’ में देखा गया था. आज हम आपको गोविंदा से जुड़ी एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं, जिससे शायद आप भी अनजान होंगे.

नई दिल्ली. गोविंदा, जिनका पूरा नाम गोविंदा अरुण आहूजा है, उनका जन्म 21 दिसंबर 1963 में मुंबई में हुआ था. गोविंदा आज अपना 62वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. उन्होंने 120 से अधिक हिंदी फिल्मों में काम किया है. 1990 के दशक में एक जाने-माने अभिनेता के तौर पर, वह अपनी कॉमेडी परफॉर्मेंस और डांसिंग स्किल्स के लिए जाने जाते हैं. उन्हें 12 फिल्मफेयर अवॉर्ड नॉमिनेशन मिले हैं और उन्होंने अपने करियर में दो फिल्मफेयर स्पेशल अवॉर्ड और बेस्ट कॉमेडियन के लिए एक फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता है.

1980 के दशक में एक एक्शन और डांसिंग हीरो के तौर पर शुरुआत करते हुए, उनकी पहली फिल्म 1986 की लव 86 थी, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही. इसके बाद वह कई सफल फिल्मों में नजर आए, जिनमें इल्जाम (1986), मरते दम तक (1987), खुदगर्ज (1987), सिंदूर (1987), दरिया दिल (1988), घर घर की कहानी (1988), हत्या (1988), जैसी करनी वैसी भरनी (1989), स्वर्ग (1990) और हम (1991) शामिल हैं.

हालांकि, गोविंदा ने 1990 के दशक में खुद को एक कॉमिक हीरो के तौर पर फिर से स्थापित किया, जब उन्होंने 1992 की रोमांटिक फिल्म ‘शोला और शबनम’ और 1993 की एक्शन कॉमेडी ‘आंखें’ में एक शरारती युवा NCC कैडेट का रोल किया, ये दोनों ही फिल्में बहुत बड़ी हिट रहीं. इन फिल्मों की सफलता के बाद, गोविंदा ने लगभग सभी टॉप-ग्रॉसिंग फिल्मों में लीड रोल किए, जैसे राजा बाबू (1994), कुली नंबर 1 (1995), साजन चले ससुराल (1996), हीरो नंबर 1 (1997), दीवाना मस्ताना (1997), दूल्हे राजा (1998), बड़े मियां छोटे मियां (1998), हसीना मान जाएगी (1999), हद कर दी आपने (2000) और जोड़ी नंबर 1 (2001).
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उन्हें ‘साजन चले ससुराल’ के लिए फिल्मफेयर स्पेशल अवॉर्ड और हसीना मान जाएगी के लिए बेस्ट कॉमेडियन का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला. मुकाबला- 1993, प्रेम शक्ति- 1994, राजा बाबू- 1994, दुलारा- 1994, खुद्दार- 1994, अंदाज अपना अपना- 1994, कुली नंबर 1- 1995, साजन चले ससुराल- 1996, हीरो नंबर 1- 1997, हसीना मान जाएगी- 1999 और शिकारी- 2000 गोविंदा और करिश्मा कपूर ये वो 11 फिल्में हैं, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल तो साबित हुई ही थी, साथ ही साथ इन दोनों की जोड़ी भी पर्दे पर छा गई थी.

1993 से 1999 तक तो करिश्मा और गोविंदा की जोड़ी ने सिनेमाघरों में हंगामा मचा रखा था. लोगों को इन दोनों की फिल्मों की बड़ी बेसब्री से इंतजार हुआ करती थी और यही वजह भी थी कि इन दोनों की साथ वाली फिल्में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर हिट हो जाया करती थी. लेकिन, 2000 आते-आते यह जोड़ी टूट गई. करिश्मा ने गोविंदा से दूरी बना, हालांकि ऐसा कुछ नहीं था कि उनकी गोविंदा से किसी बता को लेकर कहा-सुनी या लड़ाई हुई थी, लेकिन गोविंदा से दूरी होने की वजह काफी हैरान करने वाली थी.

एक बार खुद करिश्मा ने मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी फिल्में जरूर गोविंदा के साथ सफल हो रही थीं, लेकिन वह मसाला फिल्मों से उब गई थीं, और उन्हें वो पहचान नहीं मिल पा रही थी, जो उस दौर की माधुरी दीक्षित, जूही चावला व अन्य अभिनेत्रियों को मिल रही थी. करिश्मा ने इस वजह से गोविंदा से दूरी बनाई और उनके साथ फिल्में करने को इनकार कर दिया. गोविंदा से दूरी बनाने के बाद, उन्होंने उस दौर के मशहूर एक्टर सलमान खान और शाहरुख खान के साथ फिल्में करना ज्यादा उचित समझा और उनकी ये सोच काम भी कर गई. उन्होंने दोनों खानों के साथ जब फिल्में करनी शुरू की तो करिश्मा के करियर को एक नई ऊंचाई मिली और वह देखते ही देखते ए-लिस्ट अभिनेत्रियों की सूचि में शामिल हो गईं.

बता दें, 2000 के दशक में कई असफल फिल्मों के बाद, उनकी बाद की कमर्शियल हिट फिल्मों में भागम भाग (2006), पार्टनर (2007), और हॉलिडे (2014) शामिल हैं, जिनमें से किसी में भी वह अकेले मेल लीड नहीं थे. 2015 में, गोविंदा जी टीवी के रियलिटी शो, डांस इंडिया डांस सुपर मॉम्स में जज बने.

गोविंदा 2004 से 2009 तक भारत की संसद के सदस्य थे. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य के तौर पर, वह 2004 के लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र, भारत के मुंबई उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य (MP) चुने गए थे. 2024 में, लोकसभा चुनावों से ठीक पहले, वह शिवसेना में शामिल हो गए.