शमी का पौधा खुशहाली लाए, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाए, जानिए वास्तु और धार्मिक दृष्टि से क्यों है खास
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अयोध्या: सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है. वास्तु शास्त्र में पौधों के महत्व को भी बताया गया है. कुछ पौधे न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर खुशहाली भी लाते हैं. इनमें से एक विशेष पौधा शमी है, जिसका धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्व है.

अगर आप अपने घर के आसपास या बालकनी में शमी का पौधा लगाते हैं, तो कहा जाता है कि इससे जीवन में सुख और समृद्धि बढ़ती है. शमी का पौधा घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान शंकर एवं शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. हालांकि, शमी का पौधा घर पर लगाते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी जरूरी है.

दरअसल, अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि शमी का पौधा सनातन धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है और इसका धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व भी है. शमी के पत्ते भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होते हैं. यदि नियमित रूप से शमी के पत्तों को शिवलिंग पर अर्पित किया जाए, तो जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं. इसलिए घर में शमी का पौधा लगाते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में शमी का पौधा लगाते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. शमी का पौधा हमेशा दक्षिण दिशा में लगाना शुभ माना जाता है. इसे घर की बालकनी, आंगन या छत पर दक्षिण दिशा में लगाना लाभकारी होता है. यदि शमी का पौधा घर के बाहर लगाया जाए, तो इसे घर से बाहर निकलते समय दाहिनी तरफ लगाना चाहिए.
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शमी का पौधा लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि इसे कभी भी घर के कमरे में अंदर नहीं लगाया जाए. हमेशा खुले स्थान पर ही लगाना उत्तम माना जाता है. शमी का पौधा तुलसी के पास नहीं होना चाहिए और इसके आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती रहती है, उन्हें नियमित रूप से शनि के पौधे के पास सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. ऐसा करने से शनि देव की प्रतिकूल दशा से राहत मिलती है.