मैं दूध नहीं पिलाऊंगी… महिला ने की ऐसी जिद्द, बोली- जब मैं दर्द में थी, अकेली थी, तब वो…
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दरभंगा जिले की रहने वाली फरजाना परवीन रविवार को ट्रेन से दरंभगा से दिल्ली के लिए चली थी. रास्ते में गोरखपुर पहुंचते ही उसे प्रसव पीड़ा होने लगी. फिर वहां मौजूद जीआरपी के जवानों ने उसे महिला अस्पताल पहुंचाया. फिर रात को 11 बजे उसने एक बच्चे को जन्म दिया.
गोरखपुर में महिला ने बच्चे को दूध पिलाने से किया मना.(सांकेतिक तस्वीर)गोरखपुरः उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां ने अपने नवजात शिशु को दूध पिलाने से मना कर दिया. हालांकि जब अस्पताल प्रशासन ने महिला को बहुत समझाया, तब जाकर उसने बच्चे को अपना दूध पिलाया. महिला का कहना था कि उसका पति किसी दूसरी महिला के चक्कर में पिछले 6 महीने से लापता है और वह अकेले अपने बच्चे को पाल नहीं सकती है.
ट्रेन में होने लगी थी प्रसव पीड़ा
दरअसल, दरभंगा जिले की रहने वाली फरजाना परवीन रविवार को ट्रेन से दरंभगा से दिल्ली के लिए चली थी. रास्ते में गोरखपुर पहुंचते ही उसे प्रसव पीड़ा होने लगी. फिर वहां मौजूद जीआरपी के जवानों ने उसे महिला अस्पताल पहुंचाया. फिर रात को 11 बजे उसने एक बच्चे को जन्म दिया. बच्चे की हालत नाजुक थी. उसकी दिल की गति और सांस धीरे-धीरे चल रही थी. फिर डॉक्टर बच्चे को गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज जारी है.
शादी के कुछ महीने बाद ही पति ने छोड़ दिया
फरजाना की निजी जिंदगी संघर्षों से भरी है. उसने बताया कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है. शादी के एक साल के भीतर ही उसका पति किसी दूसरी महिला के चक्कर में कहीं चले गए हैं. कोई पता नहीं चल रहा है. ऐसी स्थिति में वह नवजात का पालन पोषण कर पाने में असमर्थ है. डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों ने जब उसे समझाया तो वह नवजात को दूध पिलाने के लिए राजी हो गई.
‘मैं अकेली थी, दर्द में थी, तब वह…’
घटना को लेकर जिला अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक जय कुमारी ने बताया, ‘शुरू में महिला को समझाना बहुत मुश्किल था. अब वह बच्चे को अपने पास रखने के लिए राजी हो गई है. बच्चे की सेहत में सुधार होते ही मां और बच्चे दोनों को छुट्टी दे दी जाएगी.’ उन्होंने बताया कि तबतक अस्पताल के कर्मचारी उनकी पूरी देखभाल कर रहे हैं और हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है. महिला ने कहा, ‘जब मुझे अपने पति की सबसे ज्यादा जरूरत थी. तब उसने मुझे छोड़ दिया. मैं अकेली थी. दर्द में थी और अजनबियों की मदद से ही जिंदा रह पाई.’
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें