‘अक्षय-राहुल की मां बनने की कोशिश नहीं की’, विनोद खन्ना की दूसरी पत्नी कविता का खुलासा, कैसा था सौतन संग रिश्ता

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नई दिल्ली. बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर विनोद खन्ना का नाम सिर्फ उनकी फिल्मों, स्टारडम और आध्यात्मिक झुकाव के कारण ही नहीं, बल्कि निजी जीवन में लिए कुछ बड़े फैसलों की वजह से भी चर्चाओं में रहा है. पहली पत्नी गीतांजलि खन्ना और बच्चों अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना को छोड़कर संन्यासी बनने का फैसले से लेकर गृहस्थ जीवन में वापसी और फिर दूसरी शादी के फैसले से उन्होंने लोगों को हमेशा हैरान किया. विनोद खन्ना के पहली और दूसरी पत्नी कविता खन्ना के बीच कैसे रिश्ते थे? सौतन के विनोद खन्ना के बेटों अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना के साथ कैसा रिश्ता रहा? हाल ही में कविता ने इस इक्वेशन को लेकर बात की.

कविता खन्ना ने बताया कि राहुल और अक्षय उनके लिए सिर्फ इसलिए थे, क्योंकि वे विनोद के बेटे थे, लेकिन वह उनकी मां बनने की कोशिश नहीं करना चाहती थीं. उनका कहना था कि दोनों को उनकी अपनी मां (गीतांजलि खन्ना) से प्यार मिला हुआ था.

1971 में पहली और 1990 में विनोद खन्ना ने की थी दूसरी शादी

विनोद खन्ना ने 1971 में गीतांजलि खन्ना से शादी की थी. कपल के दो बेटे हुए राहुल खन्ना और अक्षय खन्ना, जो दोनों ही बॉलीवुड में एक्टर बने. राहुल ने ‘1942: ए लव स्टोरी’ जैसी फिल्मों में काम किया, जबकि अक्षय ‘हिमालय पुत्र’, ‘ताल’ और हालिया ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों से चर्चा में हैं. हालांकि, 1985 में विनोद और गीतांजलि का तलाक हो गया. इसका मुख्य कारण विनोद का आध्यात्मिक गुरु ओशो (रजनीश) के प्रति गहरा लगाव था. ओशो के प्रभाव में विनोद ने संन्यास ले लिया और परिवार से दूर हो गए. 1990 में विनोद ने कविता दफ्तरी से दूसरी शादी की, जिन्हें बाद में कविता खन्ना के नाम से जाना गया. इस शादी से उन्हें दो बच्चे हुए साक्षी और श्रद्धा खन्ना.

कैसा था सौतन संग रिश्ता?

हाल ही में लवीना टंडन के साथ एक बातचीत में कविता ने राहुल और अक्षय के साथ अपने रिश्ते को लेकर बात की. उन्होंने कहा, ‘वे मेरे थे क्योंकि वे विनोद के बच्चे थे. उन्हें मेरा होना था, लेकिन वे मेरे नहीं थे. मैंने उनकी मां बनने की कोशिश नहीं की क्योंकि उनके पास सबसे अच्छी मां थी, जो हो सकती थी.’ कविता ने जोर देकर कहा कि उनके और गीतांजलि के बीच कभी कोई विवाद नहीं था. ‘हम बहुत सौहार्दपूर्ण थे. कोई असहमति नहीं थी. बहुत सारी आपसी सम्मान था और सीमाएं थीं. हमें परी कथाओं से प्रभावित नहीं होना चाहिए, जहां कोई पीड़ित होता है और दूसरा क्रूर. ये सिर्फ परी कथाएं हैं. जीवन में, जब आप समझदार वयस्क होते हैं, तो आप समझदारी से व्यवहार करते हैं. हम जो चुनाव करते हैं, उन पर कायम रहते हैं और जीवन आगे बढ़ता है.’

पिता के फैसलों ने बच्चों को अंदर तक झकझोरा

वहीं, दूसरी तरफ, अक्षय खन्ना ने पहले एक पुराने इंटरव्यू में अपने पिता के परिवार छोड़ने के फैसले से हुए मानसिक आघात के बारे में बात की थी. मिड-डे को दिए इंटरव्यू में अक्षय ने कहा था, ‘न सिर्फ परिवार छोड़ना, बल्कि ‘संन्यास’ लेना… यह एक जीवन-परिवर्तन कर देने वाला फैसला था. 5 साल की उम्र में इसे समझ पाना असंभव था… ऐसा कुछ हुआ होगा जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया कि उन्हें लगा कि उनके लिए यह फैसला लेना जरूरी है. खासकर तब, जब आपके पास जीवन में सब कुछ है.’

2017 में दुनिया छोड़ गए विनोद खन्ना

2017 में विनोद खन्ना का निधन किडनी फेल होने के बाद हुआ. उनके अंतिम संस्कार और परिवार से मिलने वाली मीडिया कवरेज में यह साफ दिखा कि पहली पत्नी गीतांजलि और दूसरी पत्नी कविता दोनों ने गरिमा के साथ अपने-अपने संबंधों को निभाया.

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