ब्यूटी में मधुबाला को पछाड़ा, फिल्मों ने बनाया सुपरस्टार, 3 दिन बाद मौत का पता चला, नलिनी की दर्दभरी जिंदगी

Share to your loved once


Last Updated:

कुछ नाम हिंदी सिनेमा में ऐसे हैं, जिनकी चमक समय के साथ फीकी नहीं होती. 40 और 50 के दशक की मशहूर अभिनेत्री नलिनी जयवंत भी उन्हीं नामों में शामिल हैं. एक ऐसा दौर था जब उनकी मुस्कान, अदाएं और सादगी ने लाखों दिलों को दीवाना बना दिया था. उस समय उनकी खूबसूरती की तुलना मधुबाला जैसी महान अभिनेत्री से होती थी.

ख़बरें फटाफट

ब्यूटी में मधुबाला को पछाड़ा, 3 दिन बाद मौत का पता चला, नलिनी की दर्दभरी कहानीनलिनी जयवंत 40 और 50 के दशक की मशहूर हीरोइन थीं. (फोटो साभार: IANS)

नई दिल्ली: साल 1952 में एक लोकप्रिय फिल्म मैगजीन ने ब्यूटी पोल कराया, जिसमें नलिनी जयवंत ने मधुबाला को भी पीछे छोड़ दिया था. उस दौर में यह किसी चमत्कार से कम नहीं था. नलिनी जयवंत का जन्म 1926 को मुंबई में हुआ था, जिसे तब बॉम्बे कहा जाता था. वह एक मराठी परिवार से थीं. उनके पिता कस्टम ऑफिसर थे और फिल्मों से जुड़ी दुनिया को पसंद नहीं करते थे. इसके बावजूद, नलिनी का रुझान बचपन से ही संगीत और नृत्य की ओर था. उन्होंने शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग भी ली. उनका रिश्ता फिल्मी दुनिया से पहले से जुड़ा था. वह मशहूर अभिनेत्री शोभना समर्थ की चचेरी बहन थीं, जो अभिनेत्री तनुजा की मां थीं. इस तरह वह काजोल के परिवार का हिस्सा भी थीं.

फिल्मी करियर की शुरुआत
नलिनी ने बहुत कम उम्र में फिल्मों में कदम रखा. साल 1941 में महबूब खान की फिल्म ‘बहन’ से उन्होंने बतौर अभिनेत्री अपनी पहचान बनाई. उस समय वह छोटी थीं, लेकिन कैमरे के सामने उनका आत्मविश्वास लाजवाब था. दर्शकों ने उनके अभिनय को देखकर मान लिया था कि नलिनी सिर्फ खूबसूरत ही नहीं, बल्कि बेहतरीन अदाकारा भी हैं. धीरे-धीरे उनका नाम इंडस्ट्री में फैलने लगा.

50 का दशक: करियर का गोल्डन पीरियड
1950 का दशक नलिनी जयवंत के करियर का सबसे चमकदार दौर रहा. अशोक कुमार के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया. ‘समाधि’ और ‘संग्राम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया. 1950 में निर्देशक ज्ञान मुखर्जी की फिल्म ‘संग्राम’ में उन्होंने अपनी बोल्ड इमेज से सनसनी मचा दी थी. उस दौर में उनकी खूबसूरती इतनी मशहूर हो गई कि फिल्मफेयर मैगजीन के ब्यूटी पोल में उन्हें देश की सबसे सुंदर अभिनेत्री चुना गया.

फिल्म इंडस्ट्री में बदलाव
समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री बदलने लगी और 60 के दशक के बाद नलिनी को पहले जैसे रोल मिलने बंद हो गए. 1965 में फिल्म ‘बॉम्बे रेस कोर्स’ के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली. करीब 18 साल बाद वह फिल्म ‘नास्तिक’ में नजर आईं, जहां उन्होंने अमिताभ बच्चन की मां का किरदार निभाया. इसके बाद उन्होंने पूरी तरह अभिनय से संन्यास ले लिया.

नलिनी जयवंत की निजी जिंदगी
नलिनी जयवंत की निजी जिंदगी भी आसान नहीं रही. उन्होंने दो शादियां कीं, लेकिन उन्हें संतान का सुख नहीं मिला. पहली शादी 1945 में निर्देशक वीरेंद्र देसाई से हुई, जो कुछ साल बाद टूट गई. दूसरी शादी 1960 में अभिनेता प्रभु दयाल से की. दूसरे पति प्रभु दयाल के निधन के बाद वह पूरी तरह अकेली हो गईं. 22 दिसंबर 2010 को 84 साल की उम्र में नलिनी जयवंत का निधन हो गया. उनकी मौत का पता तीन दिन बाद चला.

About the Author

Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

homeentertainment

ब्यूटी में मधुबाला को पछाड़ा, 3 दिन बाद मौत का पता चला, नलिनी की दर्दभरी कहानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP