Priyanka Gandhi Tea Party With PM Modi Unlike Rahul, Congress Seeing Two Power Centres | राहुल गांधी से अलग प्रियंका का अंदाज, गडकरी से दोस्ती और थरूर का साथ, क्या भाई से छीन लेंगी कमान?

Share to your loved once


Last Updated:

Priyanka Gandhi News: संसद सत्र के दौरान प्रियंका गांधी की सक्रियता और राहुल गांधी की दूरी ने कांग्रेस में दो पावर सेंटर की चर्चा छेड़ दी है. प्रियंका ने पीएम मोदी के साथ चाय पी और नितिन गडकरी से भी बेहतर तालमेल बिठाया. उन्होंने साइडलाइन किए गए नेताओं को फिर से मुख्य धारा में जोड़ा है. पार्टी अब राहुल को वैचारिक और प्रियंका को रणनीतिक चेहरा मान रही है.

ख़बरें फटाफट

क्या प्रियंका गांधी की 'सॉफ्ट पावर' के आगे अब फीके पड़ रहे हैं राहुल के तेवर?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा. (Photo : PTI)

नई दिल्ली: संसद सत्र खत्म होने के बाद ‘चाय पे चर्चा’ की तस्वीरों ने कांग्रेस के अंदर की नई कहानी बयां कर दी है. जहां आमतौर पर पीएम और स्पीकर पहली लाइन में बैठते हैं. वहां पहली बार सांसद बनीं प्रियंका गांधी का दिखना बड़ी बात है. प्रियंका न केवल पहली लाइन में बैठीं बल्कि उन्होंने पीएम मोदी से चाय की चुस्की लेते हुए बात भी की. वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी इस अहम और अनौपचारिक मौके से पूरी तरह गायब रहे. प्रियंका का यह अंदाज उनकी बढ़ती ताकत और पार्टी पर पकड़ का सबूत माना जा रहा है. वे पहली बार सदन में आई हैं लेकिन उनका प्रभाव पुराने दिग्गजों से भी कहीं ज्यादा नजर आ रहा है. प्रियंका ने सदन में नितिन गडकरी से भी खास मुलाकात की. वे पार्टी के उन पुराने और काबिल नेताओं को भी फिर से साथ ला रही हैं जिन्हें राहुल ने किनारे कर दिया था. कांग्रेस में अब दो पावर सेंटर की चर्चा काफी तेज हो गई है. प्रियंका की सक्रियता और राहुल की दूरी ने पार्टी के अंदर एक नई बहस को जन्म दे दिया है.

क्या चाय की चुस्की ने कांग्रेस की पुरानी परंपरा को हमेशा के लिए बदल दिया?

पार्लियामेंट सेशन के समापन पर स्पीकर की चाय की दावत हुई. इसमें प्रियंका गांधी वाड्रा पहली लाइन में बैठी नजर आईं. उनके पीछे सुप्रिया सुले जैसे कई अनुभवी और बड़े नेता बैठे थे. प्रियंका ने वहां पीएम मोदी के साथ काफी सहज होकर बातचीत की. सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच वायनाड को लेकर चर्चा हुई. राहुल गांधी अक्सर ऐसी मीटिंग्स और अनौपचारिक मुलाकातों से दूर रहते हैं. लेकिन प्रियंका गांधी हर मौके का राजनीतिक फायदा उठाना जानती हैं. उनकी यह ‘चाय पॉलिटिक्स’ राहुल गांधी की शैली से बिल्कुल अलग है. वे पब्लिक अपीयरेंस और ऑप्टिक्स के महत्व को अच्छे से समझती हैं. यही वजह है कि उनकी मौजूदगी ने पूरी महफिल को लूट लिया.
संसद में प्रियंका गांधी का जलवा देखकर कांग्रेस में उठे दो पावर सेंटर के सवाल.

क्या नितिन गडकरी से मुलाकात प्रियंका गांधी की एक सोची-समझी चाल थी?

सदन के अंदर प्रियंका गांधी का व्यवहार बहुत ही सधा हुआ रहा है. उन्होंने एक दिन पहले ही सदन में नितिन गडकरी से वक्त मांगा था. उन्हें अपने क्षेत्र वायनाड के एक हाईवे प्रोजेक्ट पर चर्चा करनी थी. गडकरी ने भी मुस्कुराते हुए उन्हें फौरन अपने ऑफिस आने का न्योता दिया. दोनों की मुलाकात बेहद गर्मजोशी भरे माहौल में हुई.

यह प्रियंका की विपक्षी नेताओं के साथ तालमेल बनाने की कला को दिखाता है. राहुल गांधी सदन में अक्सर बहुत ज्यादा आक्रामक और तीखे तेवर अपनाते हैं. लेकिन प्रियंका गांधी मुस्कुराकर और विनम्रता से अपना काम निकलवा लेती हैं. वे रोजाना सुबह 9.30 बजे संसद पहुंच जाती हैं. मीडिया में भी उनकी कवरेज अब राहुल गांधी से कहीं ज्यादा दिखाई दे रही है.



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP