स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन : हाथों के इशारों को शब्दों में बदलेगा यह खास डिवाइस! जानें कैसे काम करता है ई-दस्ताना

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Smart India Hackathon : ग्रेटर नोएडा के छात्रों ने ई-दस्ताने विकसित किए हैं, जो मूकबधिरों की सांकेतिक भाषा को शब्दों और आवाज में बदलते हैं.यह डिवाइस बिना इंटरनेट के काम करता है और मूकबधिरों को बिना दुभाषिए सीधे संवाद करने में सक्षम बनाता है.

ग्रेटर नोएडा : मूकबधिरों के लिए संवाद हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन अब ग्रेटर नोएडा के मेधावी छात्रों ने तकनीक के जरिए इस समस्या का व्यावहारिक समाधान पेश किया है. छात्रों ने ई-दस्ताने (इलेक्ट्रॉनिक ग्लव्स) विकसित किए हैं, जो मूकबधिरों की सांकेतिक भाषा को शब्दों और आवाज में बदलने में सक्षम हैं. यह नवाचार मूकबधिर समुदाय के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

यह नया प्रोजेक्ट स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के दौरान प्रस्तुत किया गया, जहां छात्रों ने तकनीकी दक्षता के साथ सामाजिक सरोकार का प्रभावी उदाहरण दिया. टीम ने मूकबधिरों की दैनिक चुनौतियों को समझते हुए ऐसा समाधान तैयार किया है, जिससे वे बिना किसी दुभाषिए के सीधे आम लोगों से संवाद कर सकें. बाजार, अस्पताल, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर अब अपनी बात रखना उनके लिए कहीं अधिक आसान होगा.

कैसे काम करता है ई-दस्ताना
टीम के सदस्य शंकर दास ने बताया कि ई-दस्तानों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना इंटरनेट के भी प्रभावी ढंग से काम करता है. इसमें लगे आधुनिक सेंसर हाथों के इशारों को पहचानकर उन्हें तुरंत शब्दों और आवाज में बदल देते हैं. डिवाइस में क्यूआर कोड और स्मार्ट तकनीक का भी उपयोग किया गया है, जिससे संवाद तेज, सटीक और सहज बनता है.

हिन्दी और अंग्रेजी में काम करने में सक्षम
यह डिवाइस फिलहाल हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में काम करने में सक्षम है. छात्रों का कहना है कि भविष्य में इसमें अन्य भारतीय भाषाओं को भी जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें. यह तकनीक शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में मूकबधिरों के लिए नए अवसर खोल सकती है.

मूकबधिरों की आवाज बनेगा यह डिवाइस
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय समेत कई विशेषज्ञों ने इस नवाचार की सराहना की है. उनका मानना है कि यह पहल न केवल तकनीकी प्रगति का उदाहरण है, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के प्रति युवाओं की संवेदनशील सोच को भी दर्शाती है. ई-दस्ताने निस्संदेह मूकबधिरों की आवाज बनकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेंगे.

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mritunjay baghel

मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें

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