सारे कयासों पर लग गया विराम, आईएमएफ की पूर्व अर्थशास्त्री ने बता दिया इस साल कितनी रहेगी विकास दर, आप भी जानें
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Indias GDP Growth : भारत की विकास दर चालू वित्तवर्ष में 7 फीसदी के आसपास रहने का अनुमान है. यह दावा किया है आईएमएफ की पूर्व प्रमुख गीता गोपीनाथ ने.उन्होंने कहा कि भारत आसानी से 7 फीसदी की विकास दर हासिल करने में सफल रहेगा.
आईएमएफ की पूर्व अधिकारी ने भारत की विकास दर 7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. नई दिल्ली. भारत की विकास दर आज पूरी दुनिया में सबसे तेज है और अभी तक तमाम एजेंसियों ने अपने-अपने कयास जारी भी कर दिए हैं. लेकिन, अब आईएमएफ की पूर्व अधिकारी ने जो अनुमान बताया है, उससे सभी कयासों पर विराम लग सकता है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था चालू वित्तवर्ष में लगभग 7 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज कर सकती है. यह आंकड़ा अक्टूबर में आईएमएफ के लगाए अनुमान 6.6 फीसदी से अधिक है.
एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आईएमएफ ने भारत के वृद्धि के अनुमान राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 फीसदी वृद्धि दर घोषित होने से पहले लगाए थे. गोपीनाथ ने कहा कि आईएमएफ का अनुमान 6.6 फीसदी था, लेकिन दूसरी तिमाही की वास्तविक वृद्धि दर 8 फीसदी से अधिक है. ऐसे में मैं मानती हूं कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर करीब 7 फीसदी तक जाएगी.
आरबीआई भी बढ़ाया आंकड़ा
इस महीने की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक ने भी अपने जीडीपी वृद्धि दर के पूर्वानुमान को 6.8 फीसदी से बढ़ाकर 7.3 फीसदी कर दिया था. गोपीनाथ ने कहा कि अगर भारत 20 साल तक करीब 8 फीसदी की वृद्धि दर बनाए रख सकता है तो साल 2047 के लक्ष्यों के बहुत करीब पहुंच जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए लगातार सुधारों की जरूरत है. गोपीनाथ ने कहा कि भारत इस समय अमेरिका-भारत व्यापार संकट से पहले की अपेक्षा बेहतर प्रदर्शन कर रहा है.
भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या बोलीं
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देशों को सहयोग करके आपसी सहमति से समाधान निकालना चाहिए. गोपीनाथ ने अनुमान जताया कि भारत और अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर जल्द ही समझौता हो सकता है. दोनों ही देश अपने-अपने मुद्दों पर नरम रुख दिखा रहे हैं और शुरुआती परेशानियों के बाद कुछ मुद्दों को सुलझाने पर सहमति बनती दिख रही है.
मूडीज ने भी बताई सच्चाई
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी इससे पहले भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अपना अनुमान बताया था. मूडीज के अनुसार, मजबूत डिमांड और बढ़ते निर्यात के बूते इस साल भारत की विकास दर 7 फीसदी के आसपास रहने वाली है. अब आईएमएफ की पूर्व अधिकारी ने भी इतनी ही विकास दर रहने का दावा किया है. इस लिहाज से देखा जाए तो भारत की इकनॉमी की रफ्तार जी20 देशों में सबसे ज्यादा रहने वाला है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें