सीरियल किलर पर बेस्ड 5 फिल्में, 2 सच्ची घटना से इंस्पायर, 1 में हीरो निकलता है विलेन, सनी देओल सुलझाते हैं रहस्य
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फिल्मों में क्राइम थ्रिलर हमेशा से पॉपुलर जॉनर रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में सीरियल किलर पर आधारित फिल्में एक नया ट्रेंड बनकर उभरी हैं. ये फिल्में न केवल एडवेंचर्स से भरी होती हैं, बल्कि समाज की गहरी समस्याओं, पुलिस जांच की कठिनाइयों और मानवीय पहलु की अंधेरी परतों की एक-एक कर उठाती है.

आज हम बात पांच ऐसी फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने क्राइम थ्रिलर फिल्मों को नया ट्रेंड सेट किया. ये पांचों फिल्में रियल घटनाओं से इंस्पायर या काल्पनिक होने के बावजूद ऑडियंस को झकझोर कर रख देती हैं. इनकी आईएमडीबी रेटिंग्स बताती हैं कि अगर आप इन्हें देखने बैठ गए, तो पलक तक नहीं झपका पाएंगे. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)

पिछले साल नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई ‘सेक्टर 36’ एक सीरियल किलर की कहानी है, जो साल 2006 के निठारी कांड से इंस्पायर है. निठारी कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. एक आदमी कई बच्चों की हत्या करता है. फिल्म को आदित्य निंबालकर ने डायरेक्ट किया. फिल्म में विक्रांत मैसी और दीपक डोबरियाल ने लीड रोल निभाया. (फिल्म पोस्टर)

फिल्म की कहानी सेक्टर 36 की एक बस्ती में बच्चों के गायब होने से शुरू होती है. एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी को एक चालाक सीरियल किलर का सामना करना पड़ता है. विक्रांत मैसी का किलर का किरदार डरावना और गहरा है, जबकि दीपक डोबरियाल पुलिसवाले के रूप में शानदार. फिल्म सामाजिक असमानता, पुलिस की निष्क्रियता और अपराध की गहराई को बखूबी दिखाती है. इसकी आईएमडीबी रेटिंग 7.1 है.
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आर. बाल्की के डायरेक्शन में बनी ‘चुप: रिवेंज ऑफ द आर्टिस्ट’ साल 2022 में रिलीज हुई. दुल्कुर सलमान, सनी देओल, श्रेया धनवंतरी और पूजा भट्ट स्टारर इस थ्रिलर में एक सीरियल किलर फिल्म क्रिटिक्स को निशाना बनाता है, जो फिल्मों को गलत रिव्यू देते हैं. सनी देओल एक पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में हैं, जो इस रहस्य को सुलझाते हैं.

‘चुप: रिवेंज ऑफ द आर्टिस्ट’ पूरी तरह काल्पनिक है, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री के अंदरूनी कलह और क्रिटिक्स की भूमिका पर व्यंग्य करती है. दुल्कुर का डुअल शेड वाला किरदार है. सनी देओल इस फिल्म के जरिए लंबे समय बाद पर्दे पर दिखे थे. फिल्म की कहानी सस्पेंस और ट्विस्ट्स से भरी है. इसकी आईएमडी रेटिंग 7.5 है. (फिल्म पोस्टर)

रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी’ सीरीज की दूसरी फिल्म ‘मर्दानी 2’ को गोपी पुथरन ने डायरेक्ट किया. रानी ने पुलिस ऑफिसर शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाया है. उनका मुकाबला एक 21 साल के यंग विलेन (विशाल जेठवा) से होता है, जो महिलाओं का बलात्कार और हत्या करता है. यह कैट-एंड-माउस गेम की रोमांचक कहानी है, जहां किलर हर अपराध के बाद पुलिस को चुनौती देता है. फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.3 है. (फिल्म पोस्टर)

केके मेनन, अरबाज खान और विक्रम गोखले स्टारर ‘द स्टोनमैन मर्डर्स’ भारतीय सिनेमा में सीरियल किलर थ्रिलर की शुरुआती बेहतरीन क्रिएशन में से एक है. कहानी 1980 के दशक के बॉम्बे (अब मुंबई) पर आधारित है, जहां एक रहस्यमयी सीरियल किलर फुटपाथ पर सोते गरीबों को पत्थर से कुचलकर मारता है. निलंबित पुलिस अधिकारी इस केस को सुलझाने की कोशिश करता है. फिल्म वास्तविक ‘स्टोनमैन’ सीरियल किलिंग्स से इंस्पायर है. इसकी आईएमडीबी रेटिंग 7.3 है. (फिल्म पोस्टर)

साल 2024 में आई ‘द स्माइल मैन’ में आर सरतकुमार ने लीड रोलन निभाया. कहानी एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की है, जो अल्जाइमर से पीड़ित है. वह एक सीरियल किलर ‘स्माइल मैन’ को पकड़ने की आखिरी कोशिश करता है, जो हत्या करने का बाद शव के चेहरे को इस तरह कर देता है, जिससे लगता है कि वह हस रहा है. इसकी आईएमडीबी रेटिंग 7.1 है. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)