मां तो मां होती है.. दो बच्चों को बस की खिड़की तोड़कर बाहर धकेला, पर खुद नहीं निकल पाई पार्वती.. मथुरा सड़क हादसे की दर्दनाक कहानी
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Mathura Yamuna Expressway Accident: मथुरा के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमे से एक महिला पार्वती भी थी. पार्वती ने बस की खिड़की तोड़कर अपने दो बच्चों को बाहर धकेल दिया, लेकिन खुद बाहर नहीं निकल पाई.
मथुरा सड़क हादसे में एक मां ने दो बच्चों की बचाई जान मथुरा. मथुरा के यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के कई गाड़ियों की टक्कर से बड़ा हादसा हो गया. दुर्घटना स्थल पर आग लगने से सब कुछ जल गया. 42 साल की पार्वती देवी जलती बस में फंस गईं. उनके पास बचने के लिए कुछ ही सेकंड थे. आग पास आ रही थी, तब उन्होंने खिड़की तोड़ी और अपने दो बच्चों को बाहर धकेल दिया. इससे बच्चों की जान बच गई. लेकिन खुद बाहर नहीं निकल पाईं. उनके बड़े बेटे आकाश कुमार ने बताया, “टूटी कांच के टुकड़े उनकी गर्दन में लग गए.”
मृतकों की पहचान मुश्किल
मरने वालों की पहचान करना मुश्किल है क्योंकि शव बुरी तरह जल गए हैं. ग्रामीण एसपी सुरेश चंद रावत ने कहा कि डीएनए जांच से पता लगाया जाएगा कि पार्वती भी मरने वालों में हैं या नहीं. पार्वती अपने दो बच्चों के साथ हमीरपुर से नोएडा जा रही थीं, जहां उनके पति गोविंद रहते हैं. हादसे की खबर मिलते ही उनका बेटा, पति और देवर गुलजारी मथुरा पहुंच गए. लेकिन अब तक पार्वती का कोई पता नहीं चला.
पुलिस ने परिवार को दिया आश्वासन
देवर गुलजारी ने कहा कि वे जिला अस्पताल और वृंदावन के एक अस्पताल में ढूंढ चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं मिला. “हम जगह-जगह घूम रहे हैं, पोस्टमॉर्टम हाउस तक गए, लेकिन कुछ नहीं. इस हादसे ने हमारी जिंदगी बर्बाद कर दी.” पुलिस और अधिकारी परिवार को आश्वासन दे रहे हैं कि शव ढूंढने की पूरी कोशिश की जा रही है. रावत ने कहा, “हम उनकी मां को ढूंढने में पूरा जोर लगा रहे हैं.”
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें