हार्मोनल बदलाव उड़ा रहा महिलाओं की नींद, मांओं के लिए ज्यादा घातक, अब कानपुर में होगा इलाज

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Kanpur Women Wellness Centre : घर संभालना हो या नौकरी, महिलाएं हर मोर्चे पर खुद को साबित कर रही हैं. अक्सर इस भागदौड़ का असर उनकी मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद यह दबाव और बढ़ जाता है. इसी को देखते हुए कानपुर के जच्चा-बच्चा अस्पताल में ‘वुमेंस वेलनेस सेंटर’ खोला गया है. डॉ. धनंजय चौधरी बताते हैं कि अस्पताल में आने वाली कई महिलाएं तनाव, घबराहट और नींद की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं.

कानपुर. कई महिलाओं की जिंदगी दोहरी जिम्मेदारियों के बीच गुजर रही है. घर संभालना हो या नौकरी, हर मोर्चे पर वे खुद को साबित कर रही हैं. लेकिन इस भागदौड़ का असर उनकी सेहत, खासकर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद तो यह दबाव और ज्यादा बढ़ जाता है. इन्हीं समस्याओं को समझते हुए कानपुर के जच्चा-बच्चा अस्पताल में आज से ‘वुमेंस वेलनेस सेंटर’ की शुरुआत कर दी गई है. यह सेंटर महिलाओं के लिए किसी राहत केंद्र से कम नहीं होगा, जहां उन्हें शारीरिक इलाज के साथ मानसिक सुकून भी मिलेगा. जीएसवीएम के चिकित्सक डॉ. धनंजय चौधरी बताते हैं कि अस्पताल में आने वाली कई महिलाएं तनाव, घबराहट और नींद की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं. खासतौर पर गर्भवती महिलाओं और नई माओं में यह परेशानी ज्यादा देखने को मिल रही है. इसी को देखते हुए स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग ने मनोरोग विभाग के सहयोग से इस सेंटर को शुरू किया है. यहां ओपीडी और भर्ती दोनों तरह की मरीजों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मदद दी जाएगी.

हफ्ते में दो दिन

डॉ. धनंजय चौधरी बताते हैं कि वेलनेस सेंटर फिलहाल हफ्ते में दो दिन, मंगलवार और शुक्रवार को संचालित होगा. इन दिनों मनोरोग विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे, जो महिलाओं की समस्याओं को समझकर उनका सही इलाज करेंगे. समय पर ध्यान देने से मानसिक समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है और महिलाओं को बेहतर जीवन जीने में मदद मिलती है. डॉ. धनंजय चौधरी बताते हैं कि महिलाओं के शरीर में लगातार हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं. गर्भावस्था और डिलीवरी के दौरान यह बदलाव और तेज हो जाते हैं. बच्चे के जन्म के बाद मां को पूरी नींद नहीं मिल पाती, जिससे मानसिक तनाव बढ़ने लगता है. अगर समय रहते इसे संभाला न जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है.

बातचीत से ही इलाज
सेंटर में आने वाली महिलाओं को सबसे पहले काउंसलिंग दी जाएगी. डॉ. धनंजय कहते हैं कि हर समस्या का इलाज दवा नहीं होता. कई बार सही बातचीत और मार्गदर्शन से ही मरीज को राहत मिल जाती है. यहां सीबीटी (कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी) और साइकोथेरेपी के जरिए महिलाओं के मानसिक तनाव को कम करने की कोशिश की जाएगी. जरूरत पड़ने पर ही दवाएं दी जाएंगी और वे भी पूरी तरह सुरक्षित होंगी.

एक छत के नीचे सब
वेलनेस सेंटर में महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी जागरूक किया जाएगा. गर्भावस्था के दौरान जंक फूड से बचने और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जाएगी. योग और मेडिटेशन को भी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि महिलाएं मानसिक रूप से मजबूत बन सकें. इस पहल के बाद अब महिलाओं को मानसिक परेशानियों के लिए अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा. जच्चा-बच्चा अस्पताल में ही उन्हें हर तरह की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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