गावस्कर ने की ग्रीन को बैन करने की मांग, बीसीसीआई से की सिफारिश, जो नहीं कर सकता गेंदबाजी वो घर जाए

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गावस्कर ने की ग्रीन को बैन करने की मांग, बीसीसीआई से की सिफारिश

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पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इस मुद्दे को और हवा दे दी है. उन्होंने बीसीसीआई से अपील की है कि ऐसे खिलाड़ियों पर बैन लगाया जाए, जो पूरी तरह फिट नहीं होते या अपनी भूमिका निभाने में सक्षम नहीं होते. गावस्कर ने मिचेल मार्श और कूपर कनॉली का उदाहरण देते हुए कहा कि जब खिलाड़ी गेंदबाजी नहीं कर सकते, तो उन्हें आईपीएल में नहीं खेलना चाहिए

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सुनील गावस्कर ने कैमरून ग्रीन पर आईपीएल में बैन लगाने की मांग की

नई दिल्ली. आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइटराइडर्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है. टीम अब तक जीत का खाता नहीं खोल पाई है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि सवाल टीम मैनेजमेंट, रणनीति या कप्तानी पर नहीं उठ रहे. अजिंक्य रहाणे के फैसलों पर भी चर्चा कम है—जैसे बारिश से प्रभावित मैच में पहले बल्लेबाजी चुनना. इसके बजाय पूरा ध्यान एक खिलाड़ी पर आ गया है—कैमरून ग्रीन. लेकिन क्या वाकई ग्रीन ही केकेआर की समस्याओं की जड़ हैं, या फिर उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है.

ग्रीन ने खुद कभी फ्रेंचाइज़ी से करोड़ों रुपये की मांग नहीं की. उन्होंने तो सिर्फ 2 करोड़ रुपये के बेस प्राइस पर अपना नाम नीलामी में डाला था, जैसा बाकी खिलाड़ियों ने किया. उन्हें 25.20 करोड़ में खरीदना पूरी तरह फ्रेंचाइज़ी का फैसला था, फिर आलोचना का सारा भार उन्हीं पर डालना कहां तक सही है सच्चाई ये है कि ग्रीन आईपीएल 2026 में शानदार फॉर्म के साथ नहीं आए थे. ऑस्ट्रेलिया टीम में भी उनकी जगह को लेकर सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने एशेज और टी20 वर्ल्ड कप में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया. ऐसे में उनसे तुरंत कमाल की उम्मीद करना कहीं न कहीं अवास्तविक था.

बॉलिंग को लेकर इतना हंगामा क्यों

ग्रीन की बल्लेबाजी जरूर अब तक फ्लॉप रही है दो बार जल्दी आउट और एक रन आउट. लेकिन असली विवाद उनकी गेंदबाजी को लेकर है. केकेआर के कोचअभिषेक नायर ने उन्हें आंद्रे रसेल के विकल्प के रूप में देखा, हालांकि अलग भूमिका में. लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बताते हैं. ग्रीन ने अपने टी20 करियर में 73 मैचों में सिर्फ 113.4 ओवर फेंके हैं—यानी औसतन 1.5 ओवर प्रति मैच. वहीं रसेल ने 590 मैचों में लगभग 1500 ओवर डाले हैं. साफ है कि ग्रीन अभी उस स्तर के ऑलराउंडर नहीं हैं, जैसा रसेल रहे हैं.

गावस्कर का बड़ा बयान और विवाद.

पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इस मुद्दे को और हवा दे दी है. उन्होंने बीसीसीआई से अपील की है कि ऐसे खिलाड़ियों पर बैन लगाया जाए, जो पूरी तरह फिट नहीं होते या अपनी भूमिका निभाने में सक्षम नहीं होते. गावस्कर ने मिचेल मार्श और कूपर कनॉली का उदाहरण देते हुए कहा कि जब खिलाड़ी गेंदबाजी नहीं कर सकते, तो उन्हें आईपीएल में नहीं खेलना चाहिए. उनका मानना है कि फ्रेंचाइज़ी को पूरा कमिटमेंट मिलना चाहिए.उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई खिलाड़ी शुरुआत से फिट नहीं है, तो उसे खुद हट जाना चाहिए ताकि टीम किसी और को मौका दे सके.

केकेआर की खराब शुरुआत के पीछे कई कारण हैं—रणनीति, टीम संयोजन और खिलाड़ियों का प्रदर्शन. लेकिन सारी जिम्मेदारी कैमरून ग्रीन पर डालना न सिर्फ गलत है, बल्कि टीम की असली समस्याओं से ध्यान भटकाना भी है. ग्रीन अभी उस स्तर के ऑलराउंडर नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हार का पूरा ठीकरा उन्हीं पर फोड़ा जाए.

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