अनंत अंबानी ने मंदिर में किया 6 करोड़ का दान, रखरखाव और पुनर्निर्माण के लिए 12 करोड़ और, कहां खर्च होंगे यह पैसे
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Anant Ambani Donation : आरआईएल के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने केरल के 2 प्रमुख मंदिरों में दर्शन किया और वहां के ट्रस्ट को 6 करोड़ रुपये का दान किया है. इसके अलावा 12 करोड़ रुपये मंदिर के पुनर्निर्माण और हाथियों की सुरक्षा के लिए देने की भी घोषणा की है.

अनंत अंबानी ने केरल के 2 मंदिरों को 6 करोड़ रुपये का दान किया है.
नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने केरल के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों राजराजेश्वरम मंदिर और गुरुवायूर मंदिर की यात्रा के दौरान मंदिर संरक्षण और पशु कल्याण से जुड़ी कई घोषणाएं की. उन्होंने दोनों मंदिरों को कुल 6 करोड़ का दान दिया और राजराजेश्वरम मंदिर के व्यापक जीर्णोद्धार के लिए 12 करोड़ अतिरिक्त देने की प्रतिबद्धता जताई है.
अनंत अंबानी ने उत्तर केरल के कन्नूर जिले के तलिपरंबा शहर में स्थित प्राचीन राजराजेश्वरम मंदिर को 3 करोड़ का दान दिया. मंदिर के व्यापक जीर्णोद्धार के लिए उन्होंने अतिरिक्त 12 करोड़ रुपये दान देने की बात कही है. इस योजना में मंदिर के ऐतिहासिक ईस्ट गोपुरम का पुनर्निर्माण भी शामिल है, जो लंबे समय से जर्जर स्थिति में था. साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे और पार्किंग व्यवस्था में सुधार किया जाएगा.
अनंत अंबानी ने केरल के मंदिर में दर्शन किए.
गुरुवायूर मंदिर में किया दर्शन
अनंत अंबानी ने मध्य केरल के त्रिशूर जिले में स्थित प्रसिद्ध गुरुवायूर मंदिर में दर्शन किए और मंदिर ट्रस्ट को 3 करोड़ का दान दिया। उन्होंने मंदिर परंपराओं से जुड़े हाथियों के कल्याण के लिए अस्पताल, बिना जंजीर वाले आश्रय और आधुनिक देखभाल सुविधाएं विकसित करने के लिए भी समर्थन देने की बात कही है. इस पहल में हाथियों के लिए समर्पित अस्पताल, बिना जंजीर वाले आश्रय और आधुनिक देखभाल सुविधाएं विकसित करने की योजना शामिल है. इसका मकसद पारंपरिक व्यवस्था के साथ-साथ पशुओं की मानवीय और वैज्ञानिक देखभाल सुनिश्चित करना है. यह पहल अनंत अंबानी की वन्यजीव संरक्षण परियोजना ‘वनतारा’ से जुड़े उनके व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है.
अनंत अंबानी हाथियों के संरक्षण के लिए दान का ऐलान किया है.
जीवंत संस्थाएं हैं मंदिर : अनंत
अनंत अंबानी के मंदिर पहुंचने पर मंदिर प्रशासन ने पारंपरिक सम्मान के साथ उनका स्वागत किया. दोनों मंदिरों के देवस्वम बोर्ड के अधिकारी और पुजारी इस अवसर पर उपस्थित रहे. अनंत अंबानी ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपराएं केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि समाज, प्रकृति और करुणा को जोड़ने वाली जीवंत संस्थाएं हैं. उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस विरासत को सुरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है. इन पहलों और वंतारा में हमारे कार्यों के माध्यम से हम विनम्रता से सेवा करना चाहते हैं. श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाते हुए उन पशुओं की भी देखभाल करते हैं जो हमारी परंपराओं का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें सम्मान, करुणा और वैज्ञानिक ध्यान के साथ रखते हैं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें