क्या है ‘मूनम वरावु’? केरल में नारियल पेड़ों से लटके पोस्टरों से गूंज रही पिनाराई विजयन की तीसरी वापसी की कहानी

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क्या है ‘मूनम वरावु’? नारियल के तनों पर लहरा रहा पिनाराई की ‘तीसरी वापसी’!

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केरल के चुनावी माहौल में इन दिनों एक शब्द सबसे ज्यादा चर्चा में है- ‘मूनम वरावु’, जिसका मतलब है तीसरी वापसी. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के विधानसभा क्षेत्र धर्मदम में यह नारा सिर्फ पोस्टरों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के बीच एक मजबूत विश्वास बन चुका है. नारियल के पेड़ों के तनों से लेकर दीवारों तक लगे पोस्टर इस बात का संकेत दे रहे हैं कि एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है. चलिए समझते हैं पूरी कहानी.

क्या है ‘मूनम वरावु’? नारियल के तनों पर लहरा रहा पिनाराई की 'तीसरी वापसी'!Zoom

‘मूनम वरावु’ की गूंज से गरमाया केरल चुनाव.

केरल की राजनीति हमेशा से ही अलग तरह की रही है, लेकिन इस बार का चुनावी माहौल कुछ ज्यादा ही दिलचस्प नजर आ रहा है. एक शब्द- ‘मूनम वरावु’ पूरे राज्य में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. इसका सीधा मतलब है ‘तीसरी वापसी’, और यह नारा मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी पार्टी एलडीएफ के लिए उम्मीद और भरोसे का प्रतीक बन गया है. धर्मदम विधानसभा क्षेत्र में नारियल के पेड़ों के तनों पर लटके पोस्टर, दीवारों पर लगे बैनर और रैलियों में गूंजते नारे इस बात का संकेत दे रहे हैं कि चुनावी हवा किस दिशा में बह रही है. धर्मदम विधानसभा सीट पर चुनावी अभियान के आखिरी दौर में पिनारायी जहां भी जा रहे हैं, वहां पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग उन्हें घेर लेते हैं. महिलाएं फ्लैश मोब करती हैं, बच्चे नारे लगाते हैं और युवा सेल्फी के लिए लाइन लगा देते हैं. 2016 और 2021 में रिकॉर्ड वोटों से जीतने वाले विजयन अब तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने की तैयारी में हैं. केरल की राजनीति में यह अनोखा मौका है क्योंकि यहां आमतौर पर सरकारें एक-एक टर्म बाद बदलती रही हैं. लेकिन पिनारायी का जनाधार और एलडीएफ की योजनाएं इस बार इतिहास बदलने की बात कर रही हैं. क्या यह सही है? चलिए जानते हैं आखिर क्या है असली कहानी.

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